Sunday, 29 December 2024

लव आजकल - 10

 


विहान अपनी बाइक पर बैठकर कॉलेज से घर जाने के लिए निकल गया। पूरे रास्ते उसके मन में इशिका और उस लड़के का ख्याल आ रहा था। घर पहुंचकर वो सीधा अपने कमरे में चला गया। राज और सिमरन उस वक्त घर पर नही थे। विहान अपने बेड पर लेट गया और इशिका और उस लड़के के बारे में सोचते हुए ही नींद की आगोश में चला गया। 


वहीं इशिका उस लड़के के साथ बैठकर बातें करते हुए बार बार सामने देखे जा रही थी लेकिन उसे कहां मालूम था की विहान नही आने वाला था। उसे बार बार सामने देखता हुआ पाकर उसके साथ बैठे लड़के ने उससे पूछा, “दीदी, ऐसा कौन आने वाला है सामने से जो आप बार बार सामने देख रहे हो?” 


“तुम अपने काम से काम क्यों नही रख सकते हो गौरव। फर्स्ट ईयर में एडमिशन हुआ है न नया नया। जाओ जाकर कॉलेज देखो और फ्रेंड्स बनाओ।” इशिका ने उसे आराम से कहा लेकिन उसकी आँखों में एक अजीब सी बेचैनी थी। 


गौरव उसे वहां अकेला छोड़कर अपने दोस्तों के पास चला गया। इशिका ने बहुत देर तक वहीं बैठे हुए विहान का इंतजार किया लेकिन विहान नही आया। इशिका उदास मन से खड़ी हुई और गौरव को ढूंढकर उसके साथ घर जाने के लिए निकल गई। 


घर पहुंचकर उसने बार बार विहान को बहुत सारे मैसेजेस और कॉल्स किए लेकिन विहान ने कोई जवाब नही दिया। इशिका को इस तरह से इग्नोर करना विहान को भी बिल्कुल अच्छा नही लग रहा था लेकिन उसे इस बात पर गुस्सा भी था कि इशिका को उसे इस बारे में खुद से ही बता देना चाहिए था कि एक लड़का उसका बेस्टफ्रेंड है। उसे बुरा इसलिए लग रहा था क्योंकि ये बात उसे काजल ने बताई थी और उसने अपनी आँखों से उस लड़के को इशिका के बहुत ही करीब बैठे हुए देखा था। 


खाने के वक्त भी आज विहान बहुत ही चुप था। राज और सिमरन, दोनों ही इस बात को महसूस कर पा रहे थे। उन्होंने विहान ने इस बारे में पूछा भी लेकिन विहान ने कुछ नही कहकर बात को टाल दिया। 


खाने के बाद वो अपने कमरे में गया तो बेड पर पड़ा हुआ उसका फोन बजने लगा। इससे पहले वो उसे उठा पाता, फोन कट गया। उसने बेड से फोन उठाकर देखा तो पाया कि इशिका की बहुत सारी मिस्ड कॉल्स थी। उसने एक गहरी सांस लेते हुए इशिका का नम्बर मिलाया। 


विहान का कॉल आता हुआ देखकर इशिका ने जल्दी से उसे उठा लिया और रोते हुए अपनी भारी आवाज में कहा, “मैं तुम्हें कब से मैसेजेस और कॉल्स कर रही हूं विहान पर तुम न मेरे कॉल्स उठा रहे हो न ही मेरे मैसेजेस का जवाब दे रहे हो। मुझसे कोई गलती हुई है तो मुझे बताओ पर मुझसे बात तो करो।“ 


अचानक से विहान को राज की कही हुई बात याद आ गई। राज ने उससे कहा था कि कभी भी अपने और इशिका के बीच किसी तीसरे को न लाना और न ही उसकी किसी भी बात पर कभी भरोसा करना। अगर इशिका और तुम्हारे बीच कोई भी बात या कोई प्रॉब्लम हो तो इशिका से बात करके उसे सॉल्व करना और हमेशा इशिका पर भरोसा करना। 


“विहान, तुम कुछ बोल क्यों नही रहे?” इशिका ने अपनी भारी आवाज में पूछा। 


थोड़ी देर खामोश रहने के बाद विहान ने कहा, “मैं थोड़ी देर में तुमसे मिलने आऊंगा अभी तुम्हारे घर। छत्त पर मेरा इंतजार करना।”


विहान ने फोन काट दिया। इशिका छत्त पर जाने के लिए सबके सोने का इंतजार करने लगी। जब सब लोग सो गए तो इशिका छत्त पर आकर विहान का इंतजार करने लग गई। वहीं विहान भी राज और सिमरन के सो जाने के बाद अपनी बाइक लेकर इशिका के घर जाने के लिए निकल गया। 


विहान ने बाइक इशिका के घर के सामने रोकी तो इशिका उसे छत्त पर खड़ी हुई दिखाई दी। विहान ध्यान से पाइप पर चढ़कर छत पर पहुंचा। उसे वहां देखते ही इशिका रोने लगी और फिर उसके गले लग गई। 


विहान इशिका से नाराज तो था लेकिन फिर भी उसने इशिका को अपनी बाहों में थाम लिया। इशिका ने उसे दूर होकर उसे देखते हुए कहा, “क्या हुआ है विहान जो तुम मुझसे बात नही कर रहे? पता है मैं कितनी परेशान हो गई थी तुम्हारे इस तरह इग्नोर करने से। मैं सब सह सकती हूं लेकिन तुम्हारा मुझे इग्नोर करना नही।” 


“मैं जो तुमसे पूछूंगा। मुझे सच बताना इशिका क्योंकि मैं सिर्फ तुम्हारे ऊपर यकीन करना चाहता हूं।” विहान ने गंभीर होकर कहा तो इशिका ने हां में सिर हिला दिया। 


“आज कॉलेज में जो तुम्हारे साथ गार्डन में लड़का बैठा हुआ था वो कौन है?” विहान ने पूछा। 


इशिका ने उसके सवाल का जल्दी से जवाब देते हुए कहा, “वो गौरव है। मेरे चाचू का बेटा। उसने अभी अभी स्कूल खत्म हो जाने के बाद कॉलेज में एडमिशन लिया है। भाई है वो मेरा।” 


विहान उसकी बात सुनकर हैरान हो गया और उसने कहा, “लेकिन काजल ने तो मुझसे कहा था कि वो तुम्हारा बेस्ट फ्रेंड है।“ 


“काजल ने झूठ बोला है तुमसे। उसने हमारे बीच गलतफहमी क्रिएट करने की कोशिश की है। अगर ऐसी कोई बात होती न तो मैं तुम्हें खुद ही सबसे पहले बता देती विहान।” इशिका ने उसके करीब आते हुए कहा।


विहान ने उसके चेहरे को अपने हाथों में थामा और कहा, “आई एम सॉरी। तुम अब से उस काजल से थोड़ा दूर रहना। मुझे वो सही नही लगती।” 


“पर एक बार हम दोनों उसे इस बात के लिए कन्फ्रंट जरूर करेंगे कि उसने ऐसा क्यों किया।” इशिका ने कहा तो विहान मान गया। वो थोड़ी देर इशिका को अपनी बाहों में थामकर उसी तरह खड़ा रहा और फिर इशिका को जाने के लिए कहने ही वाला था कि तभी उन दोनों को किसी के सीढियां चढ़ने की आवाज आई। 


इशिका घबरा गई थी लेकिन विहान आराम से वैसे ही खड़ा था। इशिका विहान के साथ कहीं छुपने के लिए आगे बढ़ने ही वाली थी की तभी कोई छत्त पर आ गया। अपने सामने खड़े इंसान को देखकर इशिका थोड़ा हैरान हो गई।


Continued in लव आजकल - 11

Thursday, 26 December 2024

लव आजकल - 9


विहान ने बाइक इशिका के घर के सामने लाकर रोकी और छत्त की तरफ देखने लगा। थोड़ी देर वहीं खड़े रहकर उसने अंदाजा लगाया कि वो छत्त पर कैसे चढ़ सकता था और फिर दीवार कूदकर अंदर गया। उसने एक पाइप के पास आकर उसे चढ़ना शुरू कर दिया। 


जैसे तैसे कर वो छत्त के ऊपर पहुंचा। उसने जेब से अपना फोन निकालकर इशिका को फोन लगाया। इशिका उस वक्त तक सो चुकी थी। रितिका भी उसके साथ ही सो रही थी। वो जाग न जाए इसलिए इशिका ने जल्दी से नींद में ही साइड टेबल से अपना फोन उठाकर साइलेंट किया और फिर अधखुली आंखों से स्क्रीन पर फोन करने वाले का नाम देखा।


विहान का नाम देखकर उसने फोन उठाया और नींद में कहा, “हां, विहान।” 


“अपने घर की छत्त पर आओ। मैं इंतजार कर रहा हूं।” विहान ने कहा जिसे सुनते ही इशिका कि नींद गायब हो गई। विहान ने इतना कहकर ही फोन काट दिया था।


इशिका ने बेड से उतरकर जल्दी से अपनी चप्पल पहनी और कमरे से बाहर निकलकर ऊपर छत्त पर आ गई। विहान को अपने सामने खड़ा देखकर उसने जल्दी से पूछा, “तुम इतनी रात को यहां क्या कर रहे हो और तुम अंदर कैसे आए?” 


“मैं देखना चाहता था कि फलक के चांद की खूबसूरती ज्यादा है या मेरे चांद की इसलिए मैं तुम्हारे घर का पाइप चढ़कर छत्त तक आया और तुम्हें भी मूनलाइट के नीचे बुलाया।” विहान ने मुस्कुराते हुए कहा।


इशिका ने उसे देखा और कहा, “पागल हो तुम। ऐसे पाइप चढ़कर आए हो। तुम्हें चोट लग जाती तो।” 


विहान उसके करीब आया और धीरे से उसकी कमर पर हाथ रखकर कहा, “तुम्हारे प्यार में। तुमसे मिलने का बहुत मन हो रहा था।” 


“अब आ गए हो तो बताओ। क्या फलक का चांद मुझसे ज्यादा खूबसूरत है?” इशिका ने उसके करीब आते हुए पूछा। 


“देखो, इसका जवाब तो चांद खुद दे रहा है। तुम इतनी खूबसूरत हो की फलक का चांद तुम्हें देखकर बादलों के पीछे छुप गया।” विहान ने कहा तो इशिका ने चांद की तरफ देखा जो बादलों के पीछे छुप सा गया था फिर भी हल्का सा दिखाई दे रहा था।


इशिका ने मुस्कुराते हुए विहान को देखा तो विहान ने आगे बढ़कर इशिका के माथे पर एक किस किया। विहान के उसके चेहरे को प्यार से अपने दोनों हाथों में थाम लिया और प्यार से उसके गाल को सहलाते हुए उसे देखने लगा। 


“मैं तुम्हें इसलिए ही सबसे ज्यादा पसंद करती हूं, विहान। तुम मुझे प्यार भी करते हो और उसके साथ ही मेरी इज्जत का भी ख्याल रख लेते हो।” इशिका ने कहा। 


“हमेशा रखूंगा।” विहान ने कहा तो इशिका उसके गले लग गई। विहान ने उसे अपनी बाहों में भर लिया। वो दोनों कुछ वक्त तक ऐसे ही खड़े रहे और फिर विहान ने कहा, “अब मुझे चलना चाहिए। देर हो रही है। कॉलेज में मिलेंगे अब।” 


इशिका ये सुनकर थोड़ा सा उदास हो गई और उसने कहा, “मन तो नही है पर तुम्हारा जाना भी जरूरी है। किसी ने तुम्हें देख लिया तो प्रॉब्लम हो जाएगी।“ 


“उदास मत हो वरना मैं जा नही पाऊंगा।” विहान ने कहा तो इशिका मुस्कुराने लगे। विहान नीचे उतरने के लिए छत्त की रेलिंग की तरफ जाने लगा तो इशिका ने कहा, “उधर से मत जाओ, विहान। चोट लग सकती है। मेरे साथ आओ। मैं गेट से बाहर छोड़ आती हूं तुम्हें।” 


“आर यू श्योर? मुझे किसी ने देख लिया तो?” विहान ने पूछा। 


इशिका ने विहान का हाथ पकड़ा और कहा, “सब सो रहे है। कोई नही देखेगा।” 


इशिका विहान को ध्यान से अपने साथ नीचे ले आई। वो दोनों ग्राउंड फ्लोर पर जाने के लिए सीढ़ियों की तरफ बढ़ ही रहे थे की तभी इशिका की नजर अपने चाचा जी पर गई और वो विहान को लेकर दीवार के पीछे छुप गई। उसके चाचा जी को जब कोई हलचल महसूस हुई तो उन्होंने दीवार की तरफ देखकर पूछा कि कौन है। 


इशिका और विहान इस वक्त एक दूसरे के बेहद करीब खड़े थे। वो दोनों एक दूसरे की आँखों में देखे जा रहे थे। इशिका के चाचाजी इन सब को अपना वहम समझकर वहां से चले गए। उनके जाने ने बाद इशिका ने एक गहरी सांस की और विहान को ग्राउंड फ्लोर पर ले आई। उसने ध्यान से बिना ज्यादा आवाज किए घर का एंट्रेस वाला दरवाजा खोला। 


विहान ने एक बार फिर उसके माथे पर किस किया और घर से बाहर आया। उसने अपनी बाइक स्टार्ट की और इशिका को मुस्कुराकर देखते हुए वहां से निकल गया। इशिका ने मुस्कुराते हुए ध्यान से दरवाजा बंद किया और अपने कमरे में आकर सो गई। 


विहान और इशिका का रिजल्ट बहुत ही अच्छा आया था। विहान आज खुश था क्योंकि छुट्टियों के बाद आज वो फिर से दोबारा कॉलेज जाना शुरू कर रहा था। उसे सबसे ज्यादा एक्साइटमेंट इशिका से मिलने की थी। तैयार होकर उसने नीचे जाकर जल्दी से नाश्ता किया और फिर घर से बाहर आकर कॉलेज जाने के लिए गया। 


कॉलेज पहुंचकर उसने बाइक पार्किंग में लगाई और इशिका को ढूंढने लगा। इशिका लाइब्रेरी में थी इसलिए विहान भी लाइब्रेरी में चला गया। लाइब्रेरी में कुछ वक्त साथ बैठने के बाद वो दोनों अपनी अपनी क्लासेस अटेंड करने चले गए। 


क्लासेस अटेंड करने के बाद विहान फिर से इशिका के पास जाने लगा। उसे पता था कि इशिका क्लासेस के बाद उसका गार्डन में इंतजार करती है। उसे इशिका वहीं बैठी हुई दिखाई दी। विहान उसके पास जाने ही लगा था कि तभी एक लड़का इशिका के पास आकर बैठ गया जिसे देखकर विहान के कदम वहीं रुक गए। 


विहान बिना इशिका से मिले वहां से जाने ही लगा था कि तभी काजल वहां आ गई और उसने विहान से कहा, “वो लड़का इशिका का बेस्टफ्रेंड है। नही बताया न आजतक इशिका ने तुम्हें उसके बारे में।” 


विहान ने कुछ नही कहा। उसे खामोश देख काजल ने कहा, “क्यों बताएगी? तुमसे ज्यादा करीब वो जो है इशिका के।” 


विहान बिना इशिका से मिले ही गुस्से में वहां से चला गया। उसे जाता हुआ देख काजल ने मुस्कुराते हुए सोचा, “अब मैं देखती हूं इशिका कि तुम कब तक विहान को अपने करीब रख पाती हो मेरी लगाई हुई इस आग के बाद।”


Continued in लव आजकल - 10


Tuesday, 24 December 2024

लव आजकल - 8


विहान का दिल इस वक्त जोरों से धड़क रहा था। इशिका ने अपना सिर उठाकर मुस्कुराते हुए उसे देखा। सनसेट देखने के बाद वो दोनों थोड़ी देर वहीं बैठकर बातें करने लग गए।


इशिका बातें किए जा रही थी और विहान उसे प्यार से देखते हुए उसकी बातें सुने जा रहा था। उसके बाद वो दोनों खड़े हुए और एक दूसरे का हाथ पकड़कर समुद्र के किनारे चलने लगे। विहान बार बार इशिका की तरफ देख रहा था क्योंकि वो उससे कुछ कहना चाहता था। इशिका ने इस बात पर ध्यान दिया और उससे पूछा, “तुम मुझसे कुछ कहना चाहते हो?” 


विहान ने उसे देखा और जल्दी से कहा, “नहीं, मेरा मतलब है हां।” 


“विहान, क्या बात है?” इशिका ने उसे देखते हुए पूछा तो विहान ने थोड़ा नर्वस होते हुए पूछा, “इशिका, क्या मुझे तुम्हारा नम्बर मिल सकता है?” 


ये सुनकर इशिका हंसने लगी और उसने कहा, “मुझे आइसक्रीम खिलाने लेकर चलो।” 


विहान उसके साथ अपनी बाइक के पास आया। उसने बाइक स्टार्ट कर इशिका को बैठने के लिए कहा और उसे आइसक्रीम खिलाने एक जगह ले आया। 


इशिका ने अपने लिए चॉकलेट कोन लिया और विहान ने बटरस्कॉच कोन। उसने दुकानदार को पैसे दिए और इशिका के साथ आइसक्रीम खाने लगा। 


“मुझे दिखाओ तुम्हारी आइसक्रीम का कैसा फ्लेवर है।” कहते हुए इशिका ने विहान के हाथ से उसकी आइसक्रीम लेकर टेस्ट की। इशिका को शायद ये ध्यान नही था कि वो विहान का जूठा खा रही थी या फिर उसे इससे फर्क नही पड़ रहा था लेकिन विहान ये देखकर हैरान हो गया था। इशिका ने जब उसे उसकी आइसक्रीम वापिस की तो उसने कहा, “तुमने मेरा जूठा खा लिया।“ 


इशिका ने उसे देखा और कहा, “तो क्या हुआ। जूठा खाने से प्यार बढ़ता है। क्या तुम्हें कोई प्रॉब्लम है मेरा जूठा खाने से।” 


“नही, ऐसा कुछ नही है।” कहते हुए विहान आइसक्रीम खाने लगा और फिर उसने थोड़ी देर बाद इशिका से कहा, “तुमने मुझे हां या ना नही कहा।” 


“किसलिए?” इशिका ने पूछा। 


“वो मैंने तुमसे तुम्हारा नम्बर मांगा था न।“ विहान ने कहा तो इशिका हंसने लगी और उसने कहा, “इतना नर्वस होते हुए।” 


“वो मैंने पहली बार किसी लड़की से उसका नम्बर मांगा है न इसलिए। मेरा पहला पहला प्यार ही तुम हो।” विहान ने कहा। 


“क्या सच में? मतलब इतने टाइम से तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड ही नही थी कॉलेज में?” इशिका ने हैरानी से पूछा।


“तुम जैसी कोई मिली ही नही।” विहान ने कहा।



“वैसे नम्बर की जरूरत नही है क्योंकि हम लव लेटर्स लिखा करेंगे लेकिन फिर भी तुम नम्बर ले लो। व्हाट्सएप पर शायरी लिखकर भेजा करना।” कहकर इशिका ने विहान से उसका फोन मांगा। विहान ने अपना फोन अनलॉक कर इशिका को दे दिया तो इशिका ने उसमें अपना नम्बर सेव कर दिया। विहान ने इशिका से पूछकर उसके साथ एक तस्वीर भी ली। 


डेट पूरी तरह से एंजॉय करने के बाद विहान इशिका को उसके घर छोड़ने के लिए निकल गया। इस बार इशिका ने अपने हाथ आगे कर उसके सीने पर रखे हुए थे और उससे बातें कर रही थी। विहान ने इशिका के घर से बाइक थोड़ी दूर रोक दी। इशिका ने बाइक से उतरकर विहान को देखा और फिर उसके गले से लग गई। 


विहान ने भी मुस्कुराते हुए इशिका को गले से लगा लिया। इशिका उससे दूर हुई और उसकी आँखों में देखकर कहा, “अगली ऐसी डेट भी जल्दी ही चाहिए मुझे।” 


“बहुत जल्द।” विहान ने कहा। इशिका ने मुस्कुराकर उसे देखा और फिर अपने घर जाने लगी। चलते हुए उसने पलटकर विहान को देखा जो अभी भी वहीं खड़ा उसे देख रहा था। वो उसे देखकर मुस्कुराई और अपने घर चली गई। विहान उसे वहीं खड़ा तबतक देखता रहा जबतक वो उसकी आँखों से ओझल नही हो गई और फिर अपनी बाइक स्टार्ट कर वहां से अपने घर जाने के लिए निकल गया। 


हर बीतते हुए दिन के साथ इशिका और विहान में अब करीबियां बढ़ती जा रही थी। कॉलेज में ज्यादातर दोनों एक साथ रहते थे और बहुत बार कॉलेज के बाद बीच पर घूमने भी जाया करते थे। दोनों एक दूसरे के लिए लव लेटर्स भी लिखा करते थे और खुश रहते थे। काजल को छोड़कर इनकी बढ़ती हुई करीबियों से सब लोग खुश थे। 


एक दिन विहान और इशिका कॉरिडोर में खड़े होकर बातें कर रहे थे कि तभी विहान की नजर सामने से आते हुए प्रिंसिपल सर पर गई। उसने इशिका को देखा और कहा, “मेरे से थोड़ा दूर हो जाओ। सामने से तुम्हारे चाचा जी आ रहे है।” 


इशिका ने कुछ नही कहा और वहीं खड़ी रही। उसके चाचा ने उसे क्लास में जाने के लिए कहा और आगे बढ़ गए। 


“तुमने तो कहा था कि कोई भी हमें साथ देख ले। तुम्हें कोई फर्क नही पड़ता तो अब क्यों डर गए तुम।” इशिका ने हंसते हुए पूछा। 


“छोड़ो ये सब। एग्जामस है अगले महीने से।” विहान ने कहा।


“मुझे नही टेंशन। कर ही लेंगे पास।” इशिका ने बेफिक्री से कहा।


अगले महीने में उनके एग्जामस हुए। इस बीच पढ़ाई की वजह से उन दोनों ने एक दूसरे से बहुत कम बात की। उनके सभी एग्जाम्स बहुत अच्छे गए थे। इसके बाद उनकी कुछ दिनों के लिए छुट्टियां पड़ गई। विहान और इशिका इन छुट्टियों की वजह से बहुत कम मिल पा रहे थे इसलिए विहान इशिका को व्हाट्सएप पर बहुत से रोमांटिक मैसेजेस और शायरियां लिखकर भेजता था। 


इस वक्त वो राज और सिमरन के साथ बैठा हुआ था। राज उसे बता रहे थे कि कैसे जब सिमरन उनसे मिलने के लिए नहीं आ पाती थी तो वो उसके घर पर पहुंच जाते थे और जैसे तैसे सिमरन के घर की छत्त पर चढ़कर उसे मूनलाइट के नीचे मिलने के लिए बुलाते थे। 


ये सुनकर विहान को याद आया कि इशिका भी बहुत वक्त से उससे नही मिली है। उसने सोचा कि वो भी अब ऐसे ही इशिका से मिलने उसके घर जाएगा। 


खाना खाने के बाद विहान सबके सो जाने तक का इंतजार करता रहा। जब उसे यकीन हो गया कि सब सो चुके है, वो अपनी बाइक लेकर इशिका के घर जाने के लिए निकल गया।


Continued in लव आजकल - 9


Sunday, 22 December 2024

लव आजकल - 7


विहान ने अपनी बाइक इशिका के घर के सामने लाकर रोकी। इशिका उस वक्त अपने कमरे की बालकनी में खड़ी होकर एक नॉवेल पढ़ रही थी। इशिका ने जब विहान को अपने घर के सामने देखा तो वो हैरान हो गई। 


इशिका विहान को वहीं रुकने का इशारा कर जल्दी से घर से बाहर आई और उससे पूछा, “तुम यहां क्या कर रहे हो और मेरे घर का एड्रेस कहां से मिला तुम्हें?” 


“जी विहान जिसे चाहता है, उसके बारे में वो अपने आप सब कुछ पता लगा लेता है और मैं यहां आपको डेट पर ले जाने आया हूं।” विहान ने उसकी आंखों में देखते हुए कहा। 


इशिका ने हैरानी और खुशी के मिले जुले भाव से उसे देखकर कहा, “पागल हो तुम। किसी ने तुम्हें देख लिया तो और ऐसे अचानक से डेट पर कौन लेकर जाता है।” 


“मैं ले जाना चाहता हूं और कोई भी हमें एक साथ देख ले। मुझे फर्क नही पड़ता। जब प्यार किया तो डरना क्या?” विहान ने मुस्कुराते हुए कहा तो इशिका ने हंसते हुए कहा, “कुछ ज्यादा ही फिल्मी डायलॉग्स नही आ रहे तुम्हें।“ 


विहान भी हंसने लगा और कहा, “अरे मोहतरमा, अब आपके साथ रहना है तो थोड़ा तो आपका अंदाज सीखना ही होगा।” 


विहान की बातें सुनकर इशिका हंसने लगी और उसने कहा, “मैं आती हूं रेडी होकर पर तुम मेरा यहां नही। थोड़ा आगे जाकर वेट करो।” 


“ठीक है लेकिन जल्दी आना।“ विहान ने बाइक स्टार्ट करते हुए कहा। 


“क्यों तुम मेरा इंतजार नही कर सकते?” इशिका ने पूछा। 


“वो तो मैं पूरी ज़िंदगी कर सकता हूं लेकिन इस वक्त मुझे तुम्हें डेट पर लेकर जाने की एक्साइटमेंट है।” विहान ने कहा और एक नजर इशिका को देखकर वहां से बाइक थोड़ी आगे ले गया। 


इशिका ने अंदर जाकर अपने पापा से कहा कि उसे किसी जरूरी काम से अपनी दोस्त के घर जाना है तो उसके पापा ने उसे जाने की परमिशन दे दी। इशिका अपने कमरे में तैयार होने चली गई। उसने जल्दी से ब्लू जीन्स के साथ एक बहुत ही खूबसूरत फूलों वाला टॉप पहना और हल्का सा मेकअप करने लग गई। वो अभी आईने के सामने खड़े होकर लिपस्टिक लगा ही रही थी की तभी उसके चाचा का लड़का, गौरव और उसकी बहन, रितिका वहां आई। 


“क्या बात है। बड़ा तैयार हुआ जा रहा था।” गौरव ने उसे देखते हुए कहा। 


“तुमसे मतलब।” इशिका ने लिपस्टिक नीचे रखते हुए उसे देखा और ईयररिंग्स पहनने लगी। गौरव वहां से चला गया लेकिन रितिका वहीं खड़ी रही। उसे ऐसे खड़ा देखकर इशिका ने पूछा, “तुम यहां ऐसे क्यों खड़ी हो?” 


“दीदी, आप उन भैया के साथ कहीं जा रहे हो ना जिनके साथ आप थोड़ी देर पहले बाहर खड़े थे?“ रितिका ने पूछा तो इशिका हैरान हो गई और उसने कहा, “अगर तुमने उसके बारे में किसी को बताया तो मैं मम्मी को बता दूंगी की तुम अपनी दोस्त के घर पढ़ाई करने नही, मजे करने गई थी।” 


“नही दीदी, मैं किसी को नही बताऊंगी बस आप मम्मी को उस बारे में मत बताना।” रितिका ने मासूमियत से कहा। 


“तुम उस लड़के के बारे में किसी को मत बताना और खासतौर पर उस गौरव को। मैं तुम्हारे बारे में नही बताऊंगी। बाय।” कहते हुए इशिका ने सैंडल पहने और कमरे से बाहर निकलकर नीचे आ गई। 


अपने पेरेंट्स से मिलकर वो घर से बाहर आकर विहान के पास पहुंची। विहान ने उसे देखकर कहा, “पूरे फोर्टी मिनट्स तक वेट करवाया है तुमने।” 


“तुम मिनट्स गिन रहे थे?” इशिका ने पूछा। 


विहान ने बाइक स्टार्ट करते हुए कहा, “मैं तो सेकेंड्स भी गिन रहा था। आओ बैठो।” 


इशिका ने मुस्कुराते हुए उसे देखा और फिर उसके पीछे बाइक पर बैठ गई। विहान ने बाइक चलानी शुरू की तो इशिका ने अपने हाथों को विहान के कंधो पर रख दिया जिससे विहान थोड़ा चौंका क्योंकि एक तो पहली बार कोई लड़की उसके पीछे उसकी बाइक पर बैठी थी और दूसरा, उसे पहली बार किसी लड़की ने ऐसे छुआ था। वो हैरान तो था पर उसे खुशी भी हो रही थी। 


इशिका उसके पीछे बैठे हुए एंजॉय कर रही थी। थोड़ी देर बाद विहान ने बाइक बीच के सामने रोकी और उसे पार्किंग में लगाकर इशिका के साथ अंदर आया। 


सनसेट का वक्त होने की वजह से इस वक्त समुद्र बहुत ही खूबसूरत लग रहा था। इशिका इस वक्त विहान को बहुत खुश लग रही थी। विहान ने इधर उधर देखा तो उसे एक नारियल पानी वाला दिखाई दिया जिसे देखकर उसे राज की कही हुई बात याद आ गई कि वो भी सिमरन के साथ डेट पर एक ही नारियल से नारियल पानी पीते थे। उसने इशिका को देखा और पूछा, “क्या तुम कोकोनट वाटर पीयोगी?” 


“यस, जाओ लेकर आओं।” इशिका ने कहा तो विहान मुस्कुराते हुए नारियल पानी लेने चला गया। दुकानवाले को नारियल पानी देने का बोलकर विहान ने पीछे मुड़कर इशिका को देखा तो बस देखता ही रह गया। इशिका मुस्कुराते हुए सूरज को देख रही थी और उसके बाल हवा में उड़ रहे थे। विहान को इस वक्त ऐसा लग रहा था कि आसपास की हवा थम सी गई है और इश्क की हवाएं चलने लग गई है। इशिका उस वक्त इतनी खूबसूरत लग रही थी की विहान उसे बिना पलके झपकाए देखे जा रहा था। वो उसे देखने में पूरी तरह से खो चुका था। 


दुकानदार के आवाज लगाने से उसकी तंद्रा टूटी। उसने उसे पैसे देकर उससे नारियल लिया और उसमें एक और स्ट्रा लगाकर इशिका के पास आया। 


इशिका एक ही नारियल में दो स्ट्रा देखकर मुस्कुरा उठी। विहान ने नारियल उसकी तरफ बढ़ाते हुए कहा, “लो पीयो।” 


इशिका उसके करीब आई और उसने कहा, “साथ में पीते है।” 


विहान मुस्कुरा उठा और वो दोनों एक साथ नारियल पानी पीने लगे। नारियल पानी पीते हुए इशिका ने विहान की आँखों में देखा तो विहान भी उसकी आँखों में खो सा गया और  उसे देखने लगा। 


इशिका ने उसे देखा और कहा, “क्या हुआ, विहान? क्या तुम्हें अच्छा नही लग रहा?”


“तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो।“ विहान ने कहा तो इशिका शर्माते हुए नारियल पानी पीने लग गई और विहान बस उसे देखता रहा। 


उन दोनों ने नारियल पानी खत्म किया और फिर सूरज को देखने लगे। सनसेट को देखते हुए इशिका ने मुस्कुराकर धीरे से विहान का हाथ पकड़कर अपना सिर उसके कंधे पर रख दिया जिससे विहान हैरान हो गया।



Continued in लव आजकल - 8

Friday, 20 December 2024

लव आजकल - 6


इशिका और विहान दोनों ही बहुत खुश थे लेकिन काजल इन दोनों के रिश्ते से खुश नही थी। विहान जब घर पहुंचा तो उसने देखा की राज फिर से अपनी और सिमरन की एक साथ बनाई गई यादों से भरी हुई फोटो एल्बम लेकर बैठे हुए थे। आमतौर पर विहान उस एल्बम को देखकर चिढ़ जाता था क्योंकि हर बार उस एल्बम के साथ राज उसे अपनी और सिमरन की वही ओल्ड स्कूल लव स्टोरी सुनाया करते थे लेकिन आज उसे कोई चिढ़ नही हुई बल्कि वो तो खुद आज वो कहानी पूरे दिल और इंटरेस्ट से सुनना चाहता था। 


वो राज के पास आकर बैठ गया और उस एल्बम को देखने लगा। उस एल्बम को देखते हुए एक तस्वीर उसके सामने आई जिसमें राज और सिमरन ने एक नारियल पकड़ा हुआ था और दोनों उस एक ही नारियल में से अलग अलग स्ट्रॉ से नारियल पानी पी रहे थे। विहान उस तस्वीर को देखते ही समझ गया कि ये उनकी किसी डेट की तस्वीर है इसलिए उसने राज से पूछा, “ये कहां पर है आप मम्मी के साथ पापा?” 


“ये हमारी पहली डेट थी। बीच पर।” राज ने अंदर आती हुई सिमरन को देखते हुए कहा। सिमरन ने अपने हाथ में पकड़ी चाय की ट्रे टेबल पर रखी और विहान के पास बैठते हुए कहा, “बीच पर सनसेट देखते हुए घूमने का मजा अलग ही होता था।” 


“मतलब आप दोनों बीच पर डेट्स के लिए जाते थे और कोकोनट वाटर और सनसेट देखते हुए वॉक एंजॉय करते थे।” विहान ने इंटरेस्ट लेते हुए पूछा। उसे ऐसे देख राज ने कहा, “हां, थोड़ा सा मैं पीता था और ज्यादा तुम्हारी मां।” 


ये सुनते ही सिमरन ने राज को देखा तो उन्होंने बात बदलते हुए विहान से पूछा, “क्या बात है? तुम बड़ा इंटरेस्ट ले रहे हो?” 


“बस ऐसे ही?” विहान ने कहा। 


राज ने उसे देखा और कहा, “ऐसे ही तो नही है। लगता है इशिका इंप्रेस हो गई है तुमसे और अब तुम उसे डेट पर ले जाना चाहते हो।” 


विहान मुस्कुराने लगा और उसने कहा, “जी पापा।” 


“इशिका को डेट भी ओल्ड स्कूल चाहिए?“ सिमरन ने पूछा तो विहान ने हां में सिर हिला दिया। 


“ओल्ड स्कूल डेट्स के मजे अलग ही होते थे। मुझे तो खुशी है की इशिका की वजह से तुम ये सब एक्सपीरियंस करोगे।” राज ने खुश होते हुए कहा। 


“बीच पर डेट के अलावा और आइडियाज हो तो वो भी बताइए अगर ना आप दोनों मुझे।” विहान ने कहा। 


“चाय डेट्स, गार्डन डेट्स, और बारिश का मौसम हो तो भुट्टा और चाय डेट तो जरूर एक्सपीरियंस करनी चाहिए तुम्हें। इसके अलावा भी बहुत कुछ हो सकता है।” राज ने उसे बताते हुए कहा। 


“ओके, थैंक यू मम्मा एंड पापा।” विहान ने ट्रे से अपना जूस का गिलास उठाते हुए कहा।


सिमरन ने राज को चाय दी और खुद भी पीने लगी। राज ने चाय पीते हुए विहान को देखकर कहा, “मेरी एक बात याद रखना विहान। एस ए फादर भी कह रहा हूं और एस ए वेलविशर भी। ये जो रिश्ता होता है ना बेटा ये बहुत नाजुक होता है तो कभी भी अपने और इशिका के बीच किसी तीसरे को न लाना। ये तीसरा कोई भी हो सकता है, मैं या तुम्हारी मां, तुम्हारे फ्रेंड्स कोई भी। ये तीसरा इंसान इशिका के या तुम्हारे रिश्ते के बारे में ही तुमसे कुछ भी कहे। उस बात पर भरोसा मत करना। कोई भी बात या प्रॉब्लम हो, इशिका से बात करके सॉल्व करना उसे हमेशा। तुम्हें हमेशा इशिका पर ट्रस्ट करना है और उसकी रिस्पेक्ट करनी है।“ 


विहान मुस्कुराया और उसने कहा, “मैं हमेशा ध्यान रखूंगा पापा।” 


रात में सबके सो जाने के बाद इशिका ने अपने बैग से विहान का दिया हुआ कार्ड निकाला। सबसे पहले इशिका ने उसके ऊपर जो इंग्लिश में कवेट लिखा था उसे पढ़ा। उसके बाद जब उसने वो कार्ड तीनों तरफ से खोला तो उसे खोलते ही वो स्प्रिंग से जुड़ा हुआ दिल उभर आया। उसे देखकर इशिका मुस्कुराने लगी। उसने मुस्कुराते हुए वो सब पढ़ना शुरू किया जो विहान ने लिखा था। 


एक तरफ विहान ने लिखा था, “इशिका, मैंने ये सुना जरूर था की मोहब्बत खूबसूरत होती है लेकिन तुम्हें देखने के बाद मुझे पूरी तरह से इस बात पर यकीन हो गया की मोहब्बत बहुत खूबसूरत और हसीन होती है क्योंकि तुम बहुत खूबसूरत हो। तुम इतनी खूबसूरत हो की वो चांद भी तुम्हें देखकर बादलों के पीछे छुप जाता है ये कहकर की जो मुझसे भी ज्यादा खूबसूरत है उसके सामने मैं कैसे आ सकता हूं।” 


इसके बाद उसने दूसरी जो ऊपर की तरफ था, वहां लिखी हुई बातें पढ़ना शुरू किया जिनमें लिखा था, “पता है इशिका जब मैंने तुम्हें पहली बार देखा था ना तो इश्क की हवाएं चलने लग गई थी, जैसा मूवीज में होता है वैसे ही वायोलिन बजने लगा था और मुझे बटरफ्लाईज फील होने लग गई थी। मुझे तुमसे पहली नजर में ही प्यार हो गया था। उस दिन कॉलेज में अभय ने मुझसे पूछा भी की तुम्हें देखते ही मुझे तुमसे प्यार हो गया ना। मैंने उसे तो मना कर दिया लेकिन मेरा दिल बार बार मुझे हां कह रहा था। पूरी रात मैं तुम्हारे बारे में ही सोचता रहा उस दिन।“ 


इसकी बाद उसने तीसरी जगह पर देखा जहां लिखा था, “अब मैं तुम्हें अपनी लाइफ में स्पेशल बनाना चाहता था तो मैं लग गया अपने एफर्ट्स करने में लेकिन तुम मुझसे इंप्रेस ही नही हो रही थी। सच कहूं तो दिमाग ने कहा कि कहा लगे हुए हो विहान। भूल जाओ सब कुछ लेकिन दिल नही माना और फिर आखिरकार जब तुमने बताया की तुम्हें ओल्ड स्कूल लव पसंद है तो जानती हो मुझे क्या फील हुआ। मुझे फील हुआ की तुम सबसे अलग हो और ये बात तुम्हें सबसे स्पेशल बनाती है और इसलिए ही मैं तुम्हें अपनी लाइफ में सबसे स्पेशल बनाना चाहता हूं। तो क्या तुम मेरी लाइफ में सबसे स्पेशल बनना चाहोगी?” 


इशिका ने उस कार्ड को अपने सीने से लगा लिया और विहान के बारे में सोचकर मुस्कुराने लगी। थोड़ा देर बाद उसने वो कार्ड अपने स्टडी टेबल के अंदर रखकर छुपा दिया और फिर से बेड पर लेटकर विहान के बारे में सोचने लगी। शायद उसे भी विहान से प्यार होने लग गया था।


संडे वाले दिन विहान खुद को आईने में देख रहा था। उसके बाद उसने अपनी अलमारी खोली और पहनने के लिए कपड़े ढूंढने लगा। कुछ ही वक्त में उसने पूरे कमरे में हर तरफ अपने कपड़े बिखेर दिए। सिमरन जब उसके कमरे में आई तो ये सब देखकर हैरान हो गई और उसने विहान से कहा, “ये सब क्या है, विहान? क्या हालत बना दी तुमने अपने कमरे की?” 


“मुझे समझ नही आ रहा मैं क्या पहनूं?” विहान ने कहा।


“कुछ भी पहन लो। कपड़े बिखेरने की क्या जरूरत है।“ सिमरन ने परेशान होते हुए कहा।


विहान ने उन्हें देखा और कहा, “कुछ भी नही पहन सकता। मैं इशिका को आज डेट पर लेकर जा रहा हूं।” 


“तुम रुक जाओ। मैं सेलेक्ट कर देती हूं तुम्हारे लिए कपड़े। मीनाक्षी का काम बढ़ा दिया तुमने।” सिमरन ने कहा और उसके लिए कपड़े पसंद करने लग गई। 


सिमरन ने उसे कपड़े दिए। विहान ने उन्हें पहना और तैयार होकर इशिका के घर जाने के लिए निकल गया।


Continued in लव आजकल - 7


Monday, 16 December 2024

लव आजकल - 5


विहान ने रात के दो बजे तक जागकर उस कार्ड के ऊपर रंगीन पेन से बहुत अच्छी अच्छी शायरियां और कुछ मैसेजेस लिखे। उसने अपने फोन में सुबह जल्दी का अलार्म सेट किया और इशिका के ख्यालों में खोए हुए ही सो गया। उसके बेड के ऊपर सारे पेन ऐसे ही बिखरे हुए थे। 


सुबह अलार्म के बजने से उसकी नींद खुली। उसने आंखें बंद किए हुए ही अपना फोन ढूंढा और अपनी नींद भरी अधखुली आंखों से देखते हुए अलार्म को बंद कर फिर से सो गया। उसकी नींद दोबारा पूरे नौ बजे खुली। उसने अपने फोन में टाइम देखा तो हैरान रह गया। वो हड़बड़ाकर जल्दी से बेड से उठा और बाथरूम में चला गया। 


वो जल्दी से नहाकर निकला और अलमारी से कपड़े निकालकर पहन लिए। वो बाल सेट कर बैग लेकर अपने कमरे से नीचे जाने के लिए सीढ़ियों तक आया ही था कि तभी उसे याद आया की वो इशिका के लिए लिया हुआ कार्ड अपने कमरे में ही छोड़ आया है। 


वो जल्दी से कमरे में वापिस आया और उसने वो कार्ड बेड की साइड टेबल से उठाकर अपने बैग में रखा। नीचे आकर उसने नाश्ता किया और राज और सिमरन को बाय बोलने के बाद घर से बाहर आकर बाइक पर बैठकर कॉलेज जाने के लिए निकल गया। 


कॉलेज पहुंचकर उसने इशिका को ढूंढना शुरू कर दिया। अभय ने उसे देखा तो वो उसके पास आया और उससे कहा, “तू जिसे ढूंढ रहा है ना वो लाइब्रेरी में है।” 


विहान ये सुनकर लाइब्रेरी में आ गया। थोड़ा सा ढूंढने के बाद उसे इशिका एक कोने में बैठी हुई मिली। वो आराम से चुपचाप बैठे हुए कोई बुक पढ़ रही थी। विहान भी उसके पास आकर बैठ गया। 


इशिका ने एक नजर अपने पास बैठे विहान को देखा और फिर से वापिस बुक पढ़ने लग गई। उसके सामने दो रोमांटिक इंग्लिश नॉवेल रखे हुए थे जिन्हें देख विहान समझ गया की इशिका भी कोई नॉवेल ही पढ़ रही है। विहान वही बैठ उसे नॉवेल पढ़ते हुए देखता रहा। 


थोड़ी देर बाद इशिका सारे नॉवेलस और अपना बैग हाथ में लेकर खड़ी हुई। वो लाइब्रेरी से बाहर चली गई तो विहान भी उसके पीछे पीछे आ गया। 


“इशिका, तुम नॉवेलस पढ़ती हो?” विहान ने उससे पूछा तो इशिका ने चलते चलते जवाब दिया, “हां, और इसलिए ही मुझे वो पुराने जमाने वाला प्यार चाहिए और थोड़ा थोड़ा इन नॉवेलस जैसा भी क्योंकि इनमें ये दिखाया गया है की एक लड़का जब एक लड़की से प्यार करता है तो वो उसके लिए कुछ भी कर सकता है बिना किसी मतलब के जबकि अगर हकीकत में आज की दुनिया में देखे तो लोग किसी से प्यार भी अपने मतलब के लिए करते है। मुझे ऐसा प्यार नही चाहिए और फिर ओल्ड स्कूल लव की बात ही कुछ और है। उस जमाने के प्यार का इजहार, एक्सपेंसिव नही, सिंपल और क्यूट डेट्स और एक दूसरे के लिए शायरियां लिखना। वो सब फील करना है मुझे।” 


विहान भी उसके पीछे पीछे चला जा रहा था। शायरी के बारे में सुनकर उसे उस कार्ड का ध्यान आया तो उसने इशिका को रोका और बैग में से कार्ड निकालकर उसे देते हुए कहा, “ये मैं तुम्हारे लिए लाया था।” 


इशिका उस कार्ड को देखकर मुस्कुराने लगी। उसने मुस्कुराते हुए विहान के हाथ से वो कार्ड लिया और उसे खोला तो वो खुश हो गई क्योंकि उसे खोलते ही वो दिल जो स्प्रिंग से लग हुआ था, वो उभर आया था। इशिका ने पहले उस पर लिखे मैसेज को पढ़ा और फिर उसने उन शायरियों और मैसेजेस को देखा जो विहान ने लिखे थे। उसके बाद उसने देखा की वो कार्ड कहां से लिया गया था तो आर्चीज का नाम देखकर वो खुश हो गई। उसने विहान को देखा और कहा, “वाव, ये तो आर्चीज का कार्ड है।” 


“यस, तुम्हें अच्छा लगा?” विहान ने पूछा। 


“अच्छा नही बहुत अच्छा। मुझे ये कार्ड बहुत पसंद आया और तुमने इसके ऊपर जो शायरी और मैसेज लिखे है, वो भी अच्छा लगा मुझे बस उन्हें मैं रात में घर जाकर आराम से पढ़ूंगी। थैंक यू इतने एफर्ट्स के लिए।” इशिका ने खुश होकर कहा।


इस बार इशिका ने वो कार्ड विहान को वापिस न देकर अपने बैग में रख लिया जिसे देखकर विहान ने कहा, “तो मैं तुम्हें इंप्रेस करने में सक्सेसफुल रहा इस बार।” 


“थोड़ा सा।” इशिका ने मुस्कुराते हुए कहा। विहान इतने में ही खुश था की वो इशिका को थोड़ा सा इंप्रेस करने में कामयाब हो गया था। उसने इशिका से पूछा, “तो क्या तुम मेरे साथ डेट पर चलोगी?” 


“इतनी जल्दी डेट।” इशिका ने हैरानी से कहा। 


“सॉरी, अगर तुम्हें अच्छा नही लगा। तुम जब चाहो तब चल लेंगे।” विहान ने कहा। 


“नही, तुम इतने दिनों से एफर्ट्स कर रहे हो और तुमने इस कार्ड पर भी कितने एफर्ट्स किए है। ये डेट तो तुम डिजर्व करते हो पर याद रखना डेट…” इशिका आगे भी कहने ही वाली थी लेकिन इससे पहले की वो की कह पाती, विहान ने उसकी बात बीच में ही काटते हुए कहा, “ओल्ड स्कूल होनी चाहिए। डोंट वरी, आपकी विशेज का खास ख्याल रखा जाएगा।” 


इशिका विहान को देखते हुए मुस्कुराकर वहां से चली गई। उसके जाते ही अभय विहान के पास आया और कहा, “तो फाइनली इशिका इंप्रेस हो गई मेरे भाई से।” 


“बोला था ना की वो सिर्फ मुझसे इंप्रेस होगी। चल अब कैंटीन। पार्टी देता हूं तुझे।” कहकर विहान अभय के साथ कैंटीन की तरफ चला गया। 


वहीं इशिका भी आज मुस्कुराते हुए क्लास में आई तो काजल ने उससे पूछा, “क्या बात है? आज तुम इतनी खुश क्यों हो?” 


इशिका ने धीरे से अपना बैग खोलकर काजल को अपने बैग में रखा हुआ कार्ड दिखाया और कहा, “आर्चीज का कार्ड।” 


“ये तुम्हें किसने दिया है?” काजल ने हैरानी से पूछा। 


“एक ही हो सकता है।” इशिका ने कहा। 


पहले काजल को इशिका की बात का मतलब समझ नही आया लेकिन जब उसे एहसास हुआ की वो किसके बारे में बात कर रही है तो उसने कहा “ओह माय गॉड, विहान ने दिया है तुम्हें ये।”


“यस, विहान ने दिया है।” इशिका ने खुश होकर कहा।


“मुझे तो लगा था की तुम्हारी ओल्ड स्कूल लव वाली विश के बारे में सुनकर विहान रूक जाएगा लेकिन वो तो तुम्हारी ये सारी विशेज भी पूरी करने लग गया।” काजल ने हैरानी और अप्रसन्नता के मिले जुले भाव के साथ कहा जिसे इशिका नही समझ पाई। 


“सिर्फ इतना ही नही। वो तो मुझे डेट पर भी लेकर जा रहा है।” इशिका ने कहा जिसे सुनकर काजल को थोड़ा गुस्सा भी आने लगा पर इशिका इतनी खुश थी की उसे ये सब दिखाई ही नही दिया। 


इशिका का फोन बजने लगा तो वो काजल को बाय बोलकर वहां से चली गई। उसे जाते हुए देख काजल ने सोचा, “जब तक खुश रह सकती हो रह लो इशिका क्योंकि मैं तुम्हारी ये खुशी ज्यादा देर तक नही रहने दूंगी। जब से तुम कॉलेज में आई हूं सारी अटेंशन तुमने ले रखी है और अब विहान जैसा हैंडसम लड़का भी तुम्हें मिल गया जो तुम्हारे लिए इतने एफर्ट्स कर रहा है। मैं तुम्हें उसके साथ कभी खुश नही रहने दूंगी।” 


Continued in लव आजकल - 6