Tuesday, 23 December 2025

लव आजकल - 12

 


काजल भी विहान को पसंद करती है, ये जानकर इशिका सबसे ज्यादा हैरान थी। काजल ने आगे कहा, “पहले मैं बस इतना चाहती थी कि विहान को तुमसे दूर करो लेकिन फिर सोचा कि विहान को तुमसे दूर कर उसे अपना भी तो बना सकती हूं न मैं।” 


“लेकिन क्यों? मैंने क्या बिगाड़ा है तुम्हारा?” इशिका ने पूछा।


काजल ने उसे गुस्से से देखते हुए कहा, “तुम जबसे कॉलेज में आई हो तभी से सब लड़के तुम्हारे ही पीछे रहे है और उसके बाद तुम्हें विहान जैसा इतना हैंडसम लड़का मिल गया जो तुम्हारे लिए इतने एफर्ट्स कर रहा था। मेरा भी तो हो सकता था न विहान।” 


“सही कहते थे सब मुझे। तुम अच्छी नही हो। मुझे दूर रहना चाहिए तुमसे।” इशिका ने कहा। 


“मैं अगर तुम्हें चाहता भी तो तुमने ये जो कल हरकत की है न इसके लिए ही तुम्हें छोड़ देता। तुम आज के बाद इशिका से दूर रहना।” विहान ने आगे आकर गुस्से में कहा और इशिका और गौरव के साथ वहां से जाने ही लगा था कि तभी काजल ने जल्दी से अपने बाद में से छोटा सा सेल्फ डिफेंस वाला चाकू निकालकर इशिका की बाजू पर चला दिया जिसकी वजह से इशिका चिल्लाई, “आह!” 


उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर विहान और गौरव ने उसे देखा। इशिका की बाजू से खून निकल रहा था जिसकी वजह से उसे काफी दर्द हो रहा था। विहान ने गुस्से से काजल को देखा लेकिन इस वक्त इशिका को उसकी ज्यादा जरूरत थी इसलिए उसने काजल से कुछ नही कहा और इशिका को देखने लगा। उसने अपनी जेब में से रुमाल निकालकर इशिका की बाजू पर कसकर बांध दिया जिससे ज्यादा खून न बहे और फिर गौरव से कहा, “गौरव, तुम मेरे साथ चलो। इशिका को हॉस्पिटल ले चलते है। कॉलेज के मेडिकल रूम में लेकर गए तो तुम्हारे पापा को पता लग सकता है।” 


“ओके, जीजू।” गौरव ने कहा और वो दोनों इशिका को लेकर कॉलेज से निकल गए। 


विहान ने अपनी बाइक एक क्लिनिक के बाहर लाकर रोकी और गौरव के साथ इशिका को अंदर लेकर आया। डॉक्टर ने इशिका की चोट को देखते हुए कहा, “कट ज्यादा डीप नही है। आप नर्स से पट्टी करवा लीजिए इसके ऊपर और मैं मेडिसिन लिखकर दे रहा हूं। वो लगाते रहिए जब तक चोट ठीक नही होती।” 


डॉक्टर ने कागज पर दवाई का नाम लिखकर इशिका को दे दिया और फिर नर्स ने उसकी चोट पर पट्टी कर दी। इसके बाद वो विहान और गौरव के साथ क्क्लीनिक से बाहर आ गई।


विहान ने इशिका के हाथ से वो कागज लिया जिसके ऊपर डॉक्टर ने दवाई का नाम लिखा था और मेडिकल से वो दवाई ले आया। इशिका ने उसे पैसे वापिस देने चाहे तो विहान ने कहा, “अब मैं तुम्हारे लिए इतना भी नही कर सकता।” 


इशिका मुस्कुराने लगी और वो सभी विहान की बाइक पर आ बैठे। विहान ने अपनी बाइक इशिका के घर से कुछ ही दूरी पर रोक दी। उसने पहले इधर उधर देखा की उन्हें कोई देख तो नही रहा और फिर गौरव को साइड पर देखने का कहकर इशिका के माथे पर एक किस करते हुए कहा, “अपना ध्यान रखना।” 


इशिका ने मुस्कुराते हुए हां में सिर हिला दिया और गौरव के साथ वहां से चली गई। विहान उसे कुछ वक्त तक जाते हुए देखता रहा और फिर अपनी बाइक स्टार्ट कर वहां से निकल गया। 


घर के अंदर जाने से पहले इशिका ने अपनी बाजुओं को स्टाल से ढक लिया था जिससे कोई भी उसकी चोट न देख सके। उसके बाद वो गौरव घर के अंदर आई तो सामने उन दोनों के पापा खड़े हुए थे। उन्हें वहां देखकर गौरव के पापा ने उनसे पूछा, “आज तुम दोनों कॉलेज से कहां चले गए थे। कॉलेज में बारह बजे के बाद दिखे नही मुझे तुम दोनों।” 


इशिका और गौरव ने पहले एक दूसरे को देखा और फिर इशिका ने अपने मन में ही कहानी बनाते हुए कहा, “वो चाचू मेरी एक फ्रेंड को सीढ़ियों से गिरने की वजह से बहुत चोट लग गई थी। मेडिकल रूम में दिखाया तो वो सर ने बोला की चोट ज्यादा है। हॉस्पिटल ले जाना होगा। तो मैं उसे हॉस्पिटल ले गई। अकेले जाना ठीक नही लग रहा था इसलिए मैं गौरव को भी अपने साथ ले गई।” 


“तो बेटा तुम मुझे बताकर जाती। मैं साथ चल लेता। ऐसे परेशान होने की क्या जरूरत थी।” इशिका के चाचा जी ने पूछा।


इशिका के पापा ने उसे देखते हुए पूछा, “अब ठीक है तुम्हारी दोस्त?” 


“जी पापा। फ्रैक्चर आया है थोड़ा सा बस।” इशिका ने कहा। 


इशिका के पापा ने हां में सिर हिलाया और कहा, “ठीक है। जाओ तुम दोनों जाकर कपड़े बदलकर फ्रेश हो जाओ।” 


इशिका और गौरव जल्दी से ऊपर आ गए और दोनों ने मिलकर एक गहरी सांस लेकर एक साथ कहा, “बच गए।” 


“किससे बच गए आप दोनों?” उनके सामने खड़ी रितिका ने उन्हें देखते हुए पूछा। 


“फिर कभी बताएंगे। अभी तो इतना जानों की हम मुश्किल से बचे है बस।“ इशिका ने हंसते हुए कहा। गौरव भी हंस रहा था। इशिका अपने कमरे में जाकर फ्रेश हुई और एक फुल स्लीव्स का टॉप पहनकर नीचे आ गई जिससे कोई भी उसकी चोट को न देख सके। 


एक शाम कॉलेज के बाद विहान इशिका के साथ बीच पर बैठा हुआ था। इशिका उससे मुस्कुराते हुए बातें कर रही थी की उसने बीच के करीब एक कपल को गीली रेत पर उनका नाम एक साथ लिखते हुए देखा। ये देखकर वो भी खड़ी हुई और पानी के पास जाने लगी। 


इशिका को पानी के पास जाते हुए देखकर विहान घबरा गया और उसने कहा, “क्या कर रही हो, इशिका? वापिस आ जाओ इधर।“ 


इशिका के उसे पलटकर देखा और कहा, “कुछ नही होगा।” 


इशिका पानी से कुछ ही दूरी पर वहां रुक गई जहां की रेत गीली थी और झुककर अपना और विहान का नाम लिखने लगी। विहान भी उसके पास आ गया। जब उसने देखा की इशिका अपना और उसका नाम लिख रही है तो वो मुस्कुराने लगा। नाम लिखकर इशिका ने उसके आसपास एक दिल बनाकर विहान से कहा, “विहान जल्दी से इसकी एक फोटो और कुछ सेल्फीज लो।” 


विहान ने मुस्कुराते हुए फोन निकालकर इशिका और अपने नाम की एक तस्वीर ली और फिर इशिका के साथ बहुत सारी सेल्फीज ली। इशिका उसके पास आकर खड़ी हो गई। विहान ने इशिका की कमर में अपना हाथ डाल लिया और उसके साथ रेत पर लिखे हुए नामों को देखने लगा। 


इशिका भी अपने और विहान के नाम को देखकर बहुत खुश थी की तभी एक लहर आई और उसने उन दोनों के नाम को मिटा दिया जिसे देखकर विहान को अच्छा नही लगा।


Continued in लव आजकल - 13




Saturday, 20 December 2025

लव आजकल - 11


इशिका के सामने रितिका के साथ गौरव भी खड़ा हुआ था। गौरव को वहां देखकर इशिका ने कहा, “गए मेरे सारे पैसे। अब इसे मुंह बंद रखने के लिए रिश्वत देनी होगी।”


ये सुनकर उसके साथ खड़े हुए विहान ने कहा, “ये सब क्या बोल रही हो तुम इशिका?” 


“मैं नही चाहती थी कि ये गौरव हमें साथ देखे या इसे हमारे बारे में पता चला। ये बता सकता है न सबको। अब इसे इस बारे में चुप रहने के लिए पैसे देने होंगे।” इशिका ने गौरव और रितिका को देखते हुए कहा। 


गौरव और रितिका उन दोनों के पास आए और गौरव ने कहा, “तो दीदी ये है वो जिनका आप बहुत देर तक गार्डन में बैठे हुए इंतजार रही थी।” 


“विहान।” विहान ने गौरव की तरफ अपना हाथ बढ़ाया। 


गौरव ने विहान से हाथ मिलाया तो इशिका ने पूछा, “तुम दोनों यहां क्या कर रहे हो इस वक्त?” 


“वो मैं पानी पीने के लिए उठी थी। साइड पर देखा तो आप वहां नही थी। मैं आपको ढूंढने के लिए कमरे से बाहर आई तो गौरव भैया भी जाग रहे थे पता नही क्यों। इन्होंने मुझसे पूछा कि मैं क्यों जाग रही हूं तो मैंने बता दिया कि आपको ढूंढ रही हूं। हमने नीचे जाकर देखा लेकिन आप नीचे नहीं थी। फिर हम छत्त की तरफ आने लगे तो हमें आपकी आवाज आई और हम ऊपर आ गए आपको देखने।“ रितिका ने बताते हुए कहा।


“वैसे विहान भैया इतनी रात को यहां क्या कर रहे है और ये ऊपर कैसे आए?” गौरव ने इशिका और विहान को देखते हुए पूछा। 


“मैं आपका भैया नही जीजा हूं। मेरे और इशिका के बीच थोड़ी सी मिसअंडरस्टैंडिंग हो गई थी किसी बात पर तो बस उसे सॉल्व करने आया था।” विहान ने कहा। 


गौरव ने उसे देखा और पूछा, “लेकिन आप ऊपर तक आए कैसे?” 


“पाइप पर चढ़कर।” विहान ने कहा।


ये सुनकर गौरव हैरान रह गया और उसने पूछा, “आप पाइप कैसे चढ़ आए? डर नही लगा आपको?” 


“इन्हें डर नही लगता। पुराना एक्सपीरियंस है इन्हें पाइप चढ़कर आने का।“ इशिका ने विहान को देखकर मुस्कुराते हुए कहा। 


“अच्छा अब मैं चलता हूं, इशिका। रात बहुत हो गई है। कल कॉलेज में मिलेंगे।” कहकर विहान छत्त की रेलिंग की तरफ जाने लगा तो गौरव ने कहा, “अरे, रुकिए होने वाले जीजा जी। हमारे घर में इतना बड़ा गेट लग रखा है। वहां से बाहर जाइए। चलिए हमारे साथ।” 


गौरव के मुंह से विहान के लिए जीजा जी सुनकर इशिका शर्मा गई। विहान उन सबकी तरफ वापिस आ गया। वो सभी ध्यान से बिना ज्यादा आवाज किए उसे नीचे लेकर आए और घर का दरवाजा खोलकर विहान को जाने के लिए कहा। 


विहान इशिका को गले लगाना चाहता था लेकिन गौरव और रितिका के सामने कर नही पा रहा था। वो बाद बार बार इशिका को इस उम्मीद में देखे जा रहा था कि इशिका उसकी बात को समझ जाएगी। इशिका तो नहीं समझी लेकिन जब गौरव ने देखा कि वो बाहर जाने के बजाय बार बार इशिका को देख रहा है तो वो समझ गया कि विहान इशिका को जाने से पहले हग करना चाहता है। 


उसने विहान को देखकर कहा, “अरे जीजा जी! अगर आप दीदी को हग करना चाहते है तो कर सकते है। हमसे शर्माने की जरूरत नही है आपको। दीदी आपकी की है अब। फिर भी अगर आपको शर्म आ रही है तो हम दोनों दीवार की तरफ देख लेते है।” 


इसके बाद उसने रितिका से कहा, “रितिका, चलो दीवार की तरफ देखते है हम।” 


रितिका और गौरव ने अपना चेहरा दीवार की तरफ घूमा लिया। ये देखकर  विहान ने जल्दी से इशिका को गले लगाते हुए उसके माथे और गाल पर किस किया और फिर वहां से चला गया। 


उसके जाने के बाद गौरव दरवाज़ा बंद कर इशिका को देखने लगा और फिर उसने कहा, “तो आप मुझसे इस बारे में छुपाना चाहती थी।” 


“तुम तो चुप ही रहो। तुम्हारी वजह से ही हमारे बीच इतनी बड़ी गलतफहमी हो गई थी।“ इशिका ने कहा तो गौरव ने उसे हैरानी से देखते हुए पूछा, “मेरी वजह से कैसे?” 


इशिका ने उसे सारी बात बता दी तो गौरव ने कहा, “दीदी, बुरा मत मानना लेकिन आपकी ये जो बेस्टफ्रेंड है, ये मुझे दुश्मन लगती है आपकी। सही लड़की नही है ये।” 


“विहान ने भी मुझसे यही कहा।” इशिका ने कहा।


“सीरियसली आप इससे फ्रेंडशिप तोड़ दो और अब तो आपके पास विहान जीजू है तो आपको किसी और की क्या जरूरत। वो आपसे बहुत प्यार करते है और आपकी बहुत इज्जत करते है।“ गौरव ने मुस्कुराते हुए कहा। 


इशिका ने उसे देखा और पूछा, “तुम्हें कैसे पता कि विहान मेरी बहुत इज्जत करते है?” 


गौरव मुस्कुराया और उसने कहा, “जो लड़का आपके गाल से पहले आपके माथे पर किस करे, वो सच में आपकी बहुत इज्जत करता होगा।” 


“मतलब अभी जब विहान ने मुझे किस किया तो तुमने देख लिया था?” इशिका ने हैरानी से पूछा। 


“थोड़ा सा पीछे मुड़कर।“ गौरव ने धीरे से कहा।


इशिका ने उसे हल्के गुस्से में देखकर कहा, “तुम्हें शर्म नही आई हमें ऐसे देखते हुए।” 


“इट्स नॉर्मल। कप्ल्स के बीच इतना प्यार तो होना चाहिए। मेरी और तृषा के बीच…” गौरव को एहसास हुआ कि वो क्या कहने वाला था तो वो कहते कहते रूक गया। 


“तृषा। मतलब तुम्हारी भी गर्लफ्रेंड है। मिली कहां तुम्हें।” इशिका ने पूछा।


“पहले वादा करो। पापा को नही बताओगे।” गौरव ने कहा तो इशिका ने मुस्कुराकर उसका गाल खींचते हुए कहा, “नही नही, अब तो हिसाब बराबर हो गया है। मैं तो ऐसे ही टेंशन ले रही थी। तुम विहान के बारे में किसी को मत बताना। मैं और रितिका तृषा के बारे में किसी को भी नही बताएंगे।” 


“अपने कॉलेज में ही है।” गौरव ने कहा।


“मिलवाना मुझे उससे कल। चलो अब सोने चले इससे पहले हमें कोई देख ले।” इशिका ने कहा और वो तीनों अपने कमरों में सोने चले गए। 


अगले दिन कॉलेज में इशिका, विहान और गौरव ने मिलकर काजल से पूछा कि उसने उनके बीच इतनी बड़ी गलतफहमी पैदा करने की कोशिश क्यों की तो काजल ने विहान को देखकर कहा, “क्योंकि मैं भी विहान को पसंद करती हूं और मैं चाहती हूं ये मेरा हो जाए।”


Continued in लव आजकल - 12

Sunday, 29 December 2024

लव आजकल - 10

 


विहान अपनी बाइक पर बैठकर कॉलेज से घर जाने के लिए निकल गया। पूरे रास्ते उसके मन में इशिका और उस लड़के का ख्याल आ रहा था। घर पहुंचकर वो सीधा अपने कमरे में चला गया। राज और सिमरन उस वक्त घर पर नही थे। विहान अपने बेड पर लेट गया और इशिका और उस लड़के के बारे में सोचते हुए ही नींद की आगोश में चला गया। 


वहीं इशिका उस लड़के के साथ बैठकर बातें करते हुए बार बार सामने देखे जा रही थी लेकिन उसे कहां मालूम था की विहान नही आने वाला था। उसे बार बार सामने देखता हुआ पाकर उसके साथ बैठे लड़के ने उससे पूछा, “दीदी, ऐसा कौन आने वाला है सामने से जो आप बार बार सामने देख रहे हो?” 


“तुम अपने काम से काम क्यों नही रख सकते हो गौरव। फर्स्ट ईयर में एडमिशन हुआ है न नया नया। जाओ जाकर कॉलेज देखो और फ्रेंड्स बनाओ।” इशिका ने उसे आराम से कहा लेकिन उसकी आँखों में एक अजीब सी बेचैनी थी। 


गौरव उसे वहां अकेला छोड़कर अपने दोस्तों के पास चला गया। इशिका ने बहुत देर तक वहीं बैठे हुए विहान का इंतजार किया लेकिन विहान नही आया। इशिका उदास मन से खड़ी हुई और गौरव को ढूंढकर उसके साथ घर जाने के लिए निकल गई। 


घर पहुंचकर उसने बार बार विहान को बहुत सारे मैसेजेस और कॉल्स किए लेकिन विहान ने कोई जवाब नही दिया। इशिका को इस तरह से इग्नोर करना विहान को भी बिल्कुल अच्छा नही लग रहा था लेकिन उसे इस बात पर गुस्सा भी था कि इशिका को उसे इस बारे में खुद से ही बता देना चाहिए था कि एक लड़का उसका बेस्टफ्रेंड है। उसे बुरा इसलिए लग रहा था क्योंकि ये बात उसे काजल ने बताई थी और उसने अपनी आँखों से उस लड़के को इशिका के बहुत ही करीब बैठे हुए देखा था। 


खाने के वक्त भी आज विहान बहुत ही चुप था। राज और सिमरन, दोनों ही इस बात को महसूस कर पा रहे थे। उन्होंने विहान ने इस बारे में पूछा भी लेकिन विहान ने कुछ नही कहकर बात को टाल दिया। 


खाने के बाद वो अपने कमरे में गया तो बेड पर पड़ा हुआ उसका फोन बजने लगा। इससे पहले वो उसे उठा पाता, फोन कट गया। उसने बेड से फोन उठाकर देखा तो पाया कि इशिका की बहुत सारी मिस्ड कॉल्स थी। उसने एक गहरी सांस लेते हुए इशिका का नम्बर मिलाया। 


विहान का कॉल आता हुआ देखकर इशिका ने जल्दी से उसे उठा लिया और रोते हुए अपनी भारी आवाज में कहा, “मैं तुम्हें कब से मैसेजेस और कॉल्स कर रही हूं विहान पर तुम न मेरे कॉल्स उठा रहे हो न ही मेरे मैसेजेस का जवाब दे रहे हो। मुझसे कोई गलती हुई है तो मुझे बताओ पर मुझसे बात तो करो।“ 


अचानक से विहान को राज की कही हुई बात याद आ गई। राज ने उससे कहा था कि कभी भी अपने और इशिका के बीच किसी तीसरे को न लाना और न ही उसकी किसी भी बात पर कभी भरोसा करना। अगर इशिका और तुम्हारे बीच कोई भी बात या कोई प्रॉब्लम हो तो इशिका से बात करके उसे सॉल्व करना और हमेशा इशिका पर भरोसा करना। 


“विहान, तुम कुछ बोल क्यों नही रहे?” इशिका ने अपनी भारी आवाज में पूछा। 


थोड़ी देर खामोश रहने के बाद विहान ने कहा, “मैं थोड़ी देर में तुमसे मिलने आऊंगा अभी तुम्हारे घर। छत्त पर मेरा इंतजार करना।”


विहान ने फोन काट दिया। इशिका छत्त पर जाने के लिए सबके सोने का इंतजार करने लगी। जब सब लोग सो गए तो इशिका छत्त पर आकर विहान का इंतजार करने लग गई। वहीं विहान भी राज और सिमरन के सो जाने के बाद अपनी बाइक लेकर इशिका के घर जाने के लिए निकल गया। 


विहान ने बाइक इशिका के घर के सामने रोकी तो इशिका उसे छत्त पर खड़ी हुई दिखाई दी। विहान ध्यान से पाइप पर चढ़कर छत पर पहुंचा। उसे वहां देखते ही इशिका रोने लगी और फिर उसके गले लग गई। 


विहान इशिका से नाराज तो था लेकिन फिर भी उसने इशिका को अपनी बाहों में थाम लिया। इशिका ने उसे दूर होकर उसे देखते हुए कहा, “क्या हुआ है विहान जो तुम मुझसे बात नही कर रहे? पता है मैं कितनी परेशान हो गई थी तुम्हारे इस तरह इग्नोर करने से। मैं सब सह सकती हूं लेकिन तुम्हारा मुझे इग्नोर करना नही।” 


“मैं जो तुमसे पूछूंगा। मुझे सच बताना इशिका क्योंकि मैं सिर्फ तुम्हारे ऊपर यकीन करना चाहता हूं।” विहान ने गंभीर होकर कहा तो इशिका ने हां में सिर हिला दिया। 


“आज कॉलेज में जो तुम्हारे साथ गार्डन में लड़का बैठा हुआ था वो कौन है?” विहान ने पूछा। 


इशिका ने उसके सवाल का जल्दी से जवाब देते हुए कहा, “वो गौरव है। मेरे चाचू का बेटा। उसने अभी अभी स्कूल खत्म हो जाने के बाद कॉलेज में एडमिशन लिया है। भाई है वो मेरा।” 


विहान उसकी बात सुनकर हैरान हो गया और उसने कहा, “लेकिन काजल ने तो मुझसे कहा था कि वो तुम्हारा बेस्ट फ्रेंड है।“ 


“काजल ने झूठ बोला है तुमसे। उसने हमारे बीच गलतफहमी क्रिएट करने की कोशिश की है। अगर ऐसी कोई बात होती न तो मैं तुम्हें खुद ही सबसे पहले बता देती विहान।” इशिका ने उसके करीब आते हुए कहा।


विहान ने उसके चेहरे को अपने हाथों में थामा और कहा, “आई एम सॉरी। तुम अब से उस काजल से थोड़ा दूर रहना। मुझे वो सही नही लगती।” 


“पर एक बार हम दोनों उसे इस बात के लिए कन्फ्रंट जरूर करेंगे कि उसने ऐसा क्यों किया।” इशिका ने कहा तो विहान मान गया। वो थोड़ी देर इशिका को अपनी बाहों में थामकर उसी तरह खड़ा रहा और फिर इशिका को जाने के लिए कहने ही वाला था कि तभी उन दोनों को किसी के सीढियां चढ़ने की आवाज आई। 


इशिका घबरा गई थी लेकिन विहान आराम से वैसे ही खड़ा था। इशिका विहान के साथ कहीं छुपने के लिए आगे बढ़ने ही वाली थी की तभी कोई छत्त पर आ गया। अपने सामने खड़े इंसान को देखकर इशिका थोड़ा हैरान हो गई।


Continued in लव आजकल - 11

Thursday, 26 December 2024

लव आजकल - 9


विहान ने बाइक इशिका के घर के सामने लाकर रोकी और छत्त की तरफ देखने लगा। थोड़ी देर वहीं खड़े रहकर उसने अंदाजा लगाया कि वो छत्त पर कैसे चढ़ सकता था और फिर दीवार कूदकर अंदर गया। उसने एक पाइप के पास आकर उसे चढ़ना शुरू कर दिया। 


जैसे तैसे कर वो छत्त के ऊपर पहुंचा। उसने जेब से अपना फोन निकालकर इशिका को फोन लगाया। इशिका उस वक्त तक सो चुकी थी। रितिका भी उसके साथ ही सो रही थी। वो जाग न जाए इसलिए इशिका ने जल्दी से नींद में ही साइड टेबल से अपना फोन उठाकर साइलेंट किया और फिर अधखुली आंखों से स्क्रीन पर फोन करने वाले का नाम देखा।


विहान का नाम देखकर उसने फोन उठाया और नींद में कहा, “हां, विहान।” 


“अपने घर की छत्त पर आओ। मैं इंतजार कर रहा हूं।” विहान ने कहा जिसे सुनते ही इशिका कि नींद गायब हो गई। विहान ने इतना कहकर ही फोन काट दिया था।


इशिका ने बेड से उतरकर जल्दी से अपनी चप्पल पहनी और कमरे से बाहर निकलकर ऊपर छत्त पर आ गई। विहान को अपने सामने खड़ा देखकर उसने जल्दी से पूछा, “तुम इतनी रात को यहां क्या कर रहे हो और तुम अंदर कैसे आए?” 


“मैं देखना चाहता था कि फलक के चांद की खूबसूरती ज्यादा है या मेरे चांद की इसलिए मैं तुम्हारे घर का पाइप चढ़कर छत्त तक आया और तुम्हें भी मूनलाइट के नीचे बुलाया।” विहान ने मुस्कुराते हुए कहा।


इशिका ने उसे देखा और कहा, “पागल हो तुम। ऐसे पाइप चढ़कर आए हो। तुम्हें चोट लग जाती तो।” 


विहान उसके करीब आया और धीरे से उसकी कमर पर हाथ रखकर कहा, “तुम्हारे प्यार में। तुमसे मिलने का बहुत मन हो रहा था।” 


“अब आ गए हो तो बताओ। क्या फलक का चांद मुझसे ज्यादा खूबसूरत है?” इशिका ने उसके करीब आते हुए पूछा। 


“देखो, इसका जवाब तो चांद खुद दे रहा है। तुम इतनी खूबसूरत हो की फलक का चांद तुम्हें देखकर बादलों के पीछे छुप गया।” विहान ने कहा तो इशिका ने चांद की तरफ देखा जो बादलों के पीछे छुप सा गया था फिर भी हल्का सा दिखाई दे रहा था।


इशिका ने मुस्कुराते हुए विहान को देखा तो विहान ने आगे बढ़कर इशिका के माथे पर एक किस किया। विहान के उसके चेहरे को प्यार से अपने दोनों हाथों में थाम लिया और प्यार से उसके गाल को सहलाते हुए उसे देखने लगा। 


“मैं तुम्हें इसलिए ही सबसे ज्यादा पसंद करती हूं, विहान। तुम मुझे प्यार भी करते हो और उसके साथ ही मेरी इज्जत का भी ख्याल रख लेते हो।” इशिका ने कहा। 


“हमेशा रखूंगा।” विहान ने कहा तो इशिका उसके गले लग गई। विहान ने उसे अपनी बाहों में भर लिया। वो दोनों कुछ वक्त तक ऐसे ही खड़े रहे और फिर विहान ने कहा, “अब मुझे चलना चाहिए। देर हो रही है। कॉलेज में मिलेंगे अब।” 


इशिका ये सुनकर थोड़ा सा उदास हो गई और उसने कहा, “मन तो नही है पर तुम्हारा जाना भी जरूरी है। किसी ने तुम्हें देख लिया तो प्रॉब्लम हो जाएगी।“ 


“उदास मत हो वरना मैं जा नही पाऊंगा।” विहान ने कहा तो इशिका मुस्कुराने लगे। विहान नीचे उतरने के लिए छत्त की रेलिंग की तरफ जाने लगा तो इशिका ने कहा, “उधर से मत जाओ, विहान। चोट लग सकती है। मेरे साथ आओ। मैं गेट से बाहर छोड़ आती हूं तुम्हें।” 


“आर यू श्योर? मुझे किसी ने देख लिया तो?” विहान ने पूछा। 


इशिका ने विहान का हाथ पकड़ा और कहा, “सब सो रहे है। कोई नही देखेगा।” 


इशिका विहान को ध्यान से अपने साथ नीचे ले आई। वो दोनों ग्राउंड फ्लोर पर जाने के लिए सीढ़ियों की तरफ बढ़ ही रहे थे की तभी इशिका की नजर अपने चाचा जी पर गई और वो विहान को लेकर दीवार के पीछे छुप गई। उसके चाचा जी को जब कोई हलचल महसूस हुई तो उन्होंने दीवार की तरफ देखकर पूछा कि कौन है। 


इशिका और विहान इस वक्त एक दूसरे के बेहद करीब खड़े थे। वो दोनों एक दूसरे की आँखों में देखे जा रहे थे। इशिका के चाचाजी इन सब को अपना वहम समझकर वहां से चले गए। उनके जाने ने बाद इशिका ने एक गहरी सांस की और विहान को ग्राउंड फ्लोर पर ले आई। उसने ध्यान से बिना ज्यादा आवाज किए घर का एंट्रेस वाला दरवाजा खोला। 


विहान ने एक बार फिर उसके माथे पर किस किया और घर से बाहर आया। उसने अपनी बाइक स्टार्ट की और इशिका को मुस्कुराकर देखते हुए वहां से निकल गया। इशिका ने मुस्कुराते हुए ध्यान से दरवाजा बंद किया और अपने कमरे में आकर सो गई। 


विहान और इशिका का रिजल्ट बहुत ही अच्छा आया था। विहान आज खुश था क्योंकि छुट्टियों के बाद आज वो फिर से दोबारा कॉलेज जाना शुरू कर रहा था। उसे सबसे ज्यादा एक्साइटमेंट इशिका से मिलने की थी। तैयार होकर उसने नीचे जाकर जल्दी से नाश्ता किया और फिर घर से बाहर आकर कॉलेज जाने के लिए गया। 


कॉलेज पहुंचकर उसने बाइक पार्किंग में लगाई और इशिका को ढूंढने लगा। इशिका लाइब्रेरी में थी इसलिए विहान भी लाइब्रेरी में चला गया। लाइब्रेरी में कुछ वक्त साथ बैठने के बाद वो दोनों अपनी अपनी क्लासेस अटेंड करने चले गए। 


क्लासेस अटेंड करने के बाद विहान फिर से इशिका के पास जाने लगा। उसे पता था कि इशिका क्लासेस के बाद उसका गार्डन में इंतजार करती है। उसे इशिका वहीं बैठी हुई दिखाई दी। विहान उसके पास जाने ही लगा था कि तभी एक लड़का इशिका के पास आकर बैठ गया जिसे देखकर विहान के कदम वहीं रुक गए। 


विहान बिना इशिका से मिले वहां से जाने ही लगा था कि तभी काजल वहां आ गई और उसने विहान से कहा, “वो लड़का इशिका का बेस्टफ्रेंड है। नही बताया न आजतक इशिका ने तुम्हें उसके बारे में।” 


विहान ने कुछ नही कहा। उसे खामोश देख काजल ने कहा, “क्यों बताएगी? तुमसे ज्यादा करीब वो जो है इशिका के।” 


विहान बिना इशिका से मिले ही गुस्से में वहां से चला गया। उसे जाता हुआ देख काजल ने मुस्कुराते हुए सोचा, “अब मैं देखती हूं इशिका कि तुम कब तक विहान को अपने करीब रख पाती हो मेरी लगाई हुई इस आग के बाद।”


Continued in लव आजकल - 10


Tuesday, 24 December 2024

लव आजकल - 8


विहान का दिल इस वक्त जोरों से धड़क रहा था। इशिका ने अपना सिर उठाकर मुस्कुराते हुए उसे देखा। सनसेट देखने के बाद वो दोनों थोड़ी देर वहीं बैठकर बातें करने लग गए।


इशिका बातें किए जा रही थी और विहान उसे प्यार से देखते हुए उसकी बातें सुने जा रहा था। उसके बाद वो दोनों खड़े हुए और एक दूसरे का हाथ पकड़कर समुद्र के किनारे चलने लगे। विहान बार बार इशिका की तरफ देख रहा था क्योंकि वो उससे कुछ कहना चाहता था। इशिका ने इस बात पर ध्यान दिया और उससे पूछा, “तुम मुझसे कुछ कहना चाहते हो?” 


विहान ने उसे देखा और जल्दी से कहा, “नहीं, मेरा मतलब है हां।” 


“विहान, क्या बात है?” इशिका ने उसे देखते हुए पूछा तो विहान ने थोड़ा नर्वस होते हुए पूछा, “इशिका, क्या मुझे तुम्हारा नम्बर मिल सकता है?” 


ये सुनकर इशिका हंसने लगी और उसने कहा, “मुझे आइसक्रीम खिलाने लेकर चलो।” 


विहान उसके साथ अपनी बाइक के पास आया। उसने बाइक स्टार्ट कर इशिका को बैठने के लिए कहा और उसे आइसक्रीम खिलाने एक जगह ले आया। 


इशिका ने अपने लिए चॉकलेट कोन लिया और विहान ने बटरस्कॉच कोन। उसने दुकानदार को पैसे दिए और इशिका के साथ आइसक्रीम खाने लगा। 


“मुझे दिखाओ तुम्हारी आइसक्रीम का कैसा फ्लेवर है।” कहते हुए इशिका ने विहान के हाथ से उसकी आइसक्रीम लेकर टेस्ट की। इशिका को शायद ये ध्यान नही था कि वो विहान का जूठा खा रही थी या फिर उसे इससे फर्क नही पड़ रहा था लेकिन विहान ये देखकर हैरान हो गया था। इशिका ने जब उसे उसकी आइसक्रीम वापिस की तो उसने कहा, “तुमने मेरा जूठा खा लिया।“ 


इशिका ने उसे देखा और कहा, “तो क्या हुआ। जूठा खाने से प्यार बढ़ता है। क्या तुम्हें कोई प्रॉब्लम है मेरा जूठा खाने से।” 


“नही, ऐसा कुछ नही है।” कहते हुए विहान आइसक्रीम खाने लगा और फिर उसने थोड़ी देर बाद इशिका से कहा, “तुमने मुझे हां या ना नही कहा।” 


“किसलिए?” इशिका ने पूछा। 


“वो मैंने तुमसे तुम्हारा नम्बर मांगा था न।“ विहान ने कहा तो इशिका हंसने लगी और उसने कहा, “इतना नर्वस होते हुए।” 


“वो मैंने पहली बार किसी लड़की से उसका नम्बर मांगा है न इसलिए। मेरा पहला पहला प्यार ही तुम हो।” विहान ने कहा। 


“क्या सच में? मतलब इतने टाइम से तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड ही नही थी कॉलेज में?” इशिका ने हैरानी से पूछा।


“तुम जैसी कोई मिली ही नही।” विहान ने कहा।



“वैसे नम्बर की जरूरत नही है क्योंकि हम लव लेटर्स लिखा करेंगे लेकिन फिर भी तुम नम्बर ले लो। व्हाट्सएप पर शायरी लिखकर भेजा करना।” कहकर इशिका ने विहान से उसका फोन मांगा। विहान ने अपना फोन अनलॉक कर इशिका को दे दिया तो इशिका ने उसमें अपना नम्बर सेव कर दिया। विहान ने इशिका से पूछकर उसके साथ एक तस्वीर भी ली। 


डेट पूरी तरह से एंजॉय करने के बाद विहान इशिका को उसके घर छोड़ने के लिए निकल गया। इस बार इशिका ने अपने हाथ आगे कर उसके सीने पर रखे हुए थे और उससे बातें कर रही थी। विहान ने इशिका के घर से बाइक थोड़ी दूर रोक दी। इशिका ने बाइक से उतरकर विहान को देखा और फिर उसके गले से लग गई। 


विहान ने भी मुस्कुराते हुए इशिका को गले से लगा लिया। इशिका उससे दूर हुई और उसकी आँखों में देखकर कहा, “अगली ऐसी डेट भी जल्दी ही चाहिए मुझे।” 


“बहुत जल्द।” विहान ने कहा। इशिका ने मुस्कुराकर उसे देखा और फिर अपने घर जाने लगी। चलते हुए उसने पलटकर विहान को देखा जो अभी भी वहीं खड़ा उसे देख रहा था। वो उसे देखकर मुस्कुराई और अपने घर चली गई। विहान उसे वहीं खड़ा तबतक देखता रहा जबतक वो उसकी आँखों से ओझल नही हो गई और फिर अपनी बाइक स्टार्ट कर वहां से अपने घर जाने के लिए निकल गया। 


हर बीतते हुए दिन के साथ इशिका और विहान में अब करीबियां बढ़ती जा रही थी। कॉलेज में ज्यादातर दोनों एक साथ रहते थे और बहुत बार कॉलेज के बाद बीच पर घूमने भी जाया करते थे। दोनों एक दूसरे के लिए लव लेटर्स भी लिखा करते थे और खुश रहते थे। काजल को छोड़कर इनकी बढ़ती हुई करीबियों से सब लोग खुश थे। 


एक दिन विहान और इशिका कॉरिडोर में खड़े होकर बातें कर रहे थे कि तभी विहान की नजर सामने से आते हुए प्रिंसिपल सर पर गई। उसने इशिका को देखा और कहा, “मेरे से थोड़ा दूर हो जाओ। सामने से तुम्हारे चाचा जी आ रहे है।” 


इशिका ने कुछ नही कहा और वहीं खड़ी रही। उसके चाचा ने उसे क्लास में जाने के लिए कहा और आगे बढ़ गए। 


“तुमने तो कहा था कि कोई भी हमें साथ देख ले। तुम्हें कोई फर्क नही पड़ता तो अब क्यों डर गए तुम।” इशिका ने हंसते हुए पूछा। 


“छोड़ो ये सब। एग्जामस है अगले महीने से।” विहान ने कहा।


“मुझे नही टेंशन। कर ही लेंगे पास।” इशिका ने बेफिक्री से कहा।


अगले महीने में उनके एग्जामस हुए। इस बीच पढ़ाई की वजह से उन दोनों ने एक दूसरे से बहुत कम बात की। उनके सभी एग्जाम्स बहुत अच्छे गए थे। इसके बाद उनकी कुछ दिनों के लिए छुट्टियां पड़ गई। विहान और इशिका इन छुट्टियों की वजह से बहुत कम मिल पा रहे थे इसलिए विहान इशिका को व्हाट्सएप पर बहुत से रोमांटिक मैसेजेस और शायरियां लिखकर भेजता था। 


इस वक्त वो राज और सिमरन के साथ बैठा हुआ था। राज उसे बता रहे थे कि कैसे जब सिमरन उनसे मिलने के लिए नहीं आ पाती थी तो वो उसके घर पर पहुंच जाते थे और जैसे तैसे सिमरन के घर की छत्त पर चढ़कर उसे मूनलाइट के नीचे मिलने के लिए बुलाते थे। 


ये सुनकर विहान को याद आया कि इशिका भी बहुत वक्त से उससे नही मिली है। उसने सोचा कि वो भी अब ऐसे ही इशिका से मिलने उसके घर जाएगा। 


खाना खाने के बाद विहान सबके सो जाने तक का इंतजार करता रहा। जब उसे यकीन हो गया कि सब सो चुके है, वो अपनी बाइक लेकर इशिका के घर जाने के लिए निकल गया।


Continued in लव आजकल - 9


Sunday, 22 December 2024

लव आजकल - 7


विहान ने अपनी बाइक इशिका के घर के सामने लाकर रोकी। इशिका उस वक्त अपने कमरे की बालकनी में खड़ी होकर एक नॉवेल पढ़ रही थी। इशिका ने जब विहान को अपने घर के सामने देखा तो वो हैरान हो गई। 


इशिका विहान को वहीं रुकने का इशारा कर जल्दी से घर से बाहर आई और उससे पूछा, “तुम यहां क्या कर रहे हो और मेरे घर का एड्रेस कहां से मिला तुम्हें?” 


“जी विहान जिसे चाहता है, उसके बारे में वो अपने आप सब कुछ पता लगा लेता है और मैं यहां आपको डेट पर ले जाने आया हूं।” विहान ने उसकी आंखों में देखते हुए कहा। 


इशिका ने हैरानी और खुशी के मिले जुले भाव से उसे देखकर कहा, “पागल हो तुम। किसी ने तुम्हें देख लिया तो और ऐसे अचानक से डेट पर कौन लेकर जाता है।” 


“मैं ले जाना चाहता हूं और कोई भी हमें एक साथ देख ले। मुझे फर्क नही पड़ता। जब प्यार किया तो डरना क्या?” विहान ने मुस्कुराते हुए कहा तो इशिका ने हंसते हुए कहा, “कुछ ज्यादा ही फिल्मी डायलॉग्स नही आ रहे तुम्हें।“ 


विहान भी हंसने लगा और कहा, “अरे मोहतरमा, अब आपके साथ रहना है तो थोड़ा तो आपका अंदाज सीखना ही होगा।” 


विहान की बातें सुनकर इशिका हंसने लगी और उसने कहा, “मैं आती हूं रेडी होकर पर तुम मेरा यहां नही। थोड़ा आगे जाकर वेट करो।” 


“ठीक है लेकिन जल्दी आना।“ विहान ने बाइक स्टार्ट करते हुए कहा। 


“क्यों तुम मेरा इंतजार नही कर सकते?” इशिका ने पूछा। 


“वो तो मैं पूरी ज़िंदगी कर सकता हूं लेकिन इस वक्त मुझे तुम्हें डेट पर लेकर जाने की एक्साइटमेंट है।” विहान ने कहा और एक नजर इशिका को देखकर वहां से बाइक थोड़ी आगे ले गया। 


इशिका ने अंदर जाकर अपने पापा से कहा कि उसे किसी जरूरी काम से अपनी दोस्त के घर जाना है तो उसके पापा ने उसे जाने की परमिशन दे दी। इशिका अपने कमरे में तैयार होने चली गई। उसने जल्दी से ब्लू जीन्स के साथ एक बहुत ही खूबसूरत फूलों वाला टॉप पहना और हल्का सा मेकअप करने लग गई। वो अभी आईने के सामने खड़े होकर लिपस्टिक लगा ही रही थी की तभी उसके चाचा का लड़का, गौरव और उसकी बहन, रितिका वहां आई। 


“क्या बात है। बड़ा तैयार हुआ जा रहा था।” गौरव ने उसे देखते हुए कहा। 


“तुमसे मतलब।” इशिका ने लिपस्टिक नीचे रखते हुए उसे देखा और ईयररिंग्स पहनने लगी। गौरव वहां से चला गया लेकिन रितिका वहीं खड़ी रही। उसे ऐसे खड़ा देखकर इशिका ने पूछा, “तुम यहां ऐसे क्यों खड़ी हो?” 


“दीदी, आप उन भैया के साथ कहीं जा रहे हो ना जिनके साथ आप थोड़ी देर पहले बाहर खड़े थे?“ रितिका ने पूछा तो इशिका हैरान हो गई और उसने कहा, “अगर तुमने उसके बारे में किसी को बताया तो मैं मम्मी को बता दूंगी की तुम अपनी दोस्त के घर पढ़ाई करने नही, मजे करने गई थी।” 


“नही दीदी, मैं किसी को नही बताऊंगी बस आप मम्मी को उस बारे में मत बताना।” रितिका ने मासूमियत से कहा। 


“तुम उस लड़के के बारे में किसी को मत बताना और खासतौर पर उस गौरव को। मैं तुम्हारे बारे में नही बताऊंगी। बाय।” कहते हुए इशिका ने सैंडल पहने और कमरे से बाहर निकलकर नीचे आ गई। 


अपने पेरेंट्स से मिलकर वो घर से बाहर आकर विहान के पास पहुंची। विहान ने उसे देखकर कहा, “पूरे फोर्टी मिनट्स तक वेट करवाया है तुमने।” 


“तुम मिनट्स गिन रहे थे?” इशिका ने पूछा। 


विहान ने बाइक स्टार्ट करते हुए कहा, “मैं तो सेकेंड्स भी गिन रहा था। आओ बैठो।” 


इशिका ने मुस्कुराते हुए उसे देखा और फिर उसके पीछे बाइक पर बैठ गई। विहान ने बाइक चलानी शुरू की तो इशिका ने अपने हाथों को विहान के कंधो पर रख दिया जिससे विहान थोड़ा चौंका क्योंकि एक तो पहली बार कोई लड़की उसके पीछे उसकी बाइक पर बैठी थी और दूसरा, उसे पहली बार किसी लड़की ने ऐसे छुआ था। वो हैरान तो था पर उसे खुशी भी हो रही थी। 


इशिका उसके पीछे बैठे हुए एंजॉय कर रही थी। थोड़ी देर बाद विहान ने बाइक बीच के सामने रोकी और उसे पार्किंग में लगाकर इशिका के साथ अंदर आया। 


सनसेट का वक्त होने की वजह से इस वक्त समुद्र बहुत ही खूबसूरत लग रहा था। इशिका इस वक्त विहान को बहुत खुश लग रही थी। विहान ने इधर उधर देखा तो उसे एक नारियल पानी वाला दिखाई दिया जिसे देखकर उसे राज की कही हुई बात याद आ गई कि वो भी सिमरन के साथ डेट पर एक ही नारियल से नारियल पानी पीते थे। उसने इशिका को देखा और पूछा, “क्या तुम कोकोनट वाटर पीयोगी?” 


“यस, जाओ लेकर आओं।” इशिका ने कहा तो विहान मुस्कुराते हुए नारियल पानी लेने चला गया। दुकानवाले को नारियल पानी देने का बोलकर विहान ने पीछे मुड़कर इशिका को देखा तो बस देखता ही रह गया। इशिका मुस्कुराते हुए सूरज को देख रही थी और उसके बाल हवा में उड़ रहे थे। विहान को इस वक्त ऐसा लग रहा था कि आसपास की हवा थम सी गई है और इश्क की हवाएं चलने लग गई है। इशिका उस वक्त इतनी खूबसूरत लग रही थी की विहान उसे बिना पलके झपकाए देखे जा रहा था। वो उसे देखने में पूरी तरह से खो चुका था। 


दुकानदार के आवाज लगाने से उसकी तंद्रा टूटी। उसने उसे पैसे देकर उससे नारियल लिया और उसमें एक और स्ट्रा लगाकर इशिका के पास आया। 


इशिका एक ही नारियल में दो स्ट्रा देखकर मुस्कुरा उठी। विहान ने नारियल उसकी तरफ बढ़ाते हुए कहा, “लो पीयो।” 


इशिका उसके करीब आई और उसने कहा, “साथ में पीते है।” 


विहान मुस्कुरा उठा और वो दोनों एक साथ नारियल पानी पीने लगे। नारियल पानी पीते हुए इशिका ने विहान की आँखों में देखा तो विहान भी उसकी आँखों में खो सा गया और  उसे देखने लगा। 


इशिका ने उसे देखा और कहा, “क्या हुआ, विहान? क्या तुम्हें अच्छा नही लग रहा?”


“तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो।“ विहान ने कहा तो इशिका शर्माते हुए नारियल पानी पीने लग गई और विहान बस उसे देखता रहा। 


उन दोनों ने नारियल पानी खत्म किया और फिर सूरज को देखने लगे। सनसेट को देखते हुए इशिका ने मुस्कुराकर धीरे से विहान का हाथ पकड़कर अपना सिर उसके कंधे पर रख दिया जिससे विहान हैरान हो गया।



Continued in लव आजकल - 8