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Saturday, 27 June 2026

जिंदा रहती है हमेशा मोहब्बतें - 13


 

अयांश आहना को लेकर कहीं जाना चाहता था इसलिए उसने आहना से तैयार होकर आने को कहा। पंद्रह मिनट के बाद वह तैयार होकर आई। उसने अपने फेवरेट नीले रंग का एक खूबसूरत गाउन पहन रखा था। 


अयांश उसे लेकर लेवेंडर्स  होटल पहुँचा। अयांश उसे गार्डन में ले गया। पूरे गार्डन को लाइटों और फूलों से सजाया गया था। गार्डन के बीच में एक सफेद पर्दो से बना टेंट लगा हुआ था जो लाइटों की रोशनी से चमक रहा था। उन दोनों ने पहले खाना खाया और फिर अयांश आहना के साथ उस टेंट के अंदर आया। अयांश लेट गया। ये देखकर आहना भी लेट गई और अपना सिर अयांश के सीने पर रख दिया जिससे अयांश के दिल की धड़कनों उसे सुनाई दे रही थी। अयांश ने आहना को अपनी बाहों में कैद कर लिया और उसके बालों को सहलाते हुए पूछा, “आहना, तुम क्या करोगी जब तुम्हें मेरी याद आएगी?” 


“याद उसे किया जाता है जो बहुत दूर हो और तुम तो मेरे बहुत करीब हो। तुम मुझसे दूर जाकर भी दूर नही होगे।” आहना ने कहा और मुस्कुरा दी। 


“क्या मतलब?” अयांश ने कन्फ्यूजन में पूछा। 


“अयांश, तुम मेरे दिल में रहते हो। अब जो मेरे दिल में रहता है वो मुझसे दूर कैसे हो सकता है।” आहना ने कहा और उसके गाल पर किस कर लिया। 


“आहना, मैं बहुत लकी हूँ जो तुम मेरी जिंदगी में हो। पता नही मैं तुम्हारे बिना दो साल कैसे रहूंगा।" अयांश ने थोड़ा उदास होकर कहा और उसके हाथ के पीछे किस किया। 


“सिर्फ दो साल की ही तो बात है और हमें ये भी पता चल जाएगा कि क्या हम सच में एक-दूसरे को लेकर सीरियस है या नही। पास रहकर तो सब साथ रह लेते है क्योंकि रोज मिलना होता है। प्यार का असली पता तो लॉन्ग डिस्टेंस में लगता है जब रोज मिलना तो छोड़ो, बात करना भी मुश्किल होता है और जब एक दूसरे से दूर रहते हुए भी साथ रहना होता है।" आहना ने कहा और मुस्कुराने लगी। 


अयांश ने उसकी आँखों में देखा और कहा, “मैं रहूंगा तुम्हारे साथ, हमेशा।” 


आहना ने अपने साथ लाए पर्स में से एक लाल रंग का बॉक्स  निकालकर अयांश को देते हुए कहा, “मैं तुम्हारे लिए गिफ्ट लाई हूँ। खोलकर देखो कैसा है।” 


अयांश ने बॉक्स खोला तो देखा अंदर एक खूबसूरत सा ब्रेसलेट था। अयांश ने उसे बॉक्स से बाहर निकाला और उसे देखते हुए आहना से पूछा, “ये तुमने कब लिया?” 


“कल जब मैं तुम्हारे साथ मॉल गई थी और तुम्हें मॉल से बाहर भेज दिया था।” आहना ने कहा।


“ये बहुत अच्छा है। मुझे बहुत पसंद आया।” कहते हुए उसने ब्रेसलेट आहना को दिया और कहा, “अब जितने प्यार से ये मेरे लिए लिया है, उतने ही प्यार से पहना भी दो।” 


आहना उठी और अयांश को ब्रेसलेट पहनाते हुए कहा, "इसे कभी मत उतारना।” 


“मैं वादा करता हूँ। इसे कभी भी नही उतारूंगा।” अयांश ने आहना को प्यार से देखते हुए कहा। आहना भी अपनी प्यार भरी नजरों से उसे ही देखे जा रही थी। 


अमेरिका, वर्तमान समय 


अयांश ने दीवार पर लगी आहना की तस्वीर से नजरें हटाकर अपने हाथ में पहने हुए ब्रेसलेट को देखा। ये वही ब्रेसलेट था जो आहना ने उसे पहनाया था और अयांश ने आहना से अपना वादा निभाते हुए आज तक इसे कभी नही उतारा था। उसने वापिस तस्वीर को देखा। तस्वीर में आहना तो मुस्कुरा रही थी पर उसे देखते हुए अयांश की आँखों से आँसू बहने लगे।    


“काश मैं सात साल पहले अमेरिका ना जाता तो आज जिंदगी जीने के लिए मेरे साथ तुम होती आहना, तुम्हारी यादें नही।” अयांश ने तस्वीर को देखते हुए कहा जैसे वो आहना से बात कर रहा हो। 


सात साल पहले,


अयांश आहना का हाथ पकड़े हुए एयरपोर्ट पर खड़ा था। दोनों उदास आँखों से एक दूसरे को देख रहे थे। राकेश और कबीर भी वहीं थे। वो दोनों अयांश और आहना से दूर खड़े हुए थे जिससे अयांश और आहना आपस में आराम से बात कर सके पर उन दोनों के बीच तो खामोशियां थी। बस दोनों बिना कुछ कहे एक दूसरे को देखे जा रहे थे। रिद्धिमा की तबियत ठीक नही थी इसलिए वो नही आई थी। 


कुछ वक्त बाद राकेश ने उनके पास आकर अयांश से कहा, “तुम्हें अब जाना चाहिए बेटा।” 


“जी पापा।” कहकर अयांश राकेश और कबीर से मिलकर आहना ने सामने आया जिसकी आँखों में आँसू थे। अयांश की आँखें भी नम हो गई पर उसने अपने आँसूओं को बहने से रोक लिया क्योंकी उसे आहना के लिए मजबूत रहना था। उसने आहना के हाथ को थामा और उसके करीब आकर उसके माथे को अपने होठों से छू लिया और कहा, “मैं जल्दी ही आ जाऊंगा तुम्हारे पास वापिस। तब तक अपना ख्याल रखना, टेडी बियर।” 


अयांश ने आहना का हाथ छोड़ा और जाने के लिए मुड़ा तो आहना ने उसका हाथ पकड़ लिया जैसे वो उसे जाने ना देना चाहती हो। कबीर ने आहना को संभाला और कहा, “वो लेट हो रहा है, बेटा। उसे जाने दो।” 


आहना ने धीरे से अयांश का हाथ छोड़ दिया। अयांश भी बहुत उदास था पर उसने आहना के सामने खुदको ठीक रखा और सबको बाय बोलकर अपने बैग लेकर अंदर चला गया। उसने पीछे मुड़कर आहना को नही देखा। जो आँसू उसने अब तक रोक रखे थे वो उसकी आँखों से बह गए। उसने अपने हाथ को देखा जो कुछ वक्त पहले आहना के हाथ में था और सोचने लगा, “पता नही क्यों ये हाथ छोड़ने मुश्किल हो जाते है किसी अपने से दूर जाने के लिए।” 


बाहर खड़ी आहना जो अभी भी अयांश को देख रही थी, वो भी यही सोचने लगी, “पता नही क्यों ये हाथ छोड़ने मुश्किल हो जाते है किसी अपने को खुदसे दूर भेजने के लिए।” 


आहना वहीं खड़ी अयांश को तब तक देखती रही जब तक वो उसकी आँखों से ओझल नही हो गया। राकेश और कबीर आहना को लेकर घर के लिए निकल गए। 


एयरपोर्ट पर अयांश अपना सामान जमा करवाकर और बोर्डिंग पास लेकर वेटिंग एरिया में आकर बैठ गया और अपनी फ्लाइट की अनाउंसमेंट होने का इंतजार करने लगा। थोड़ी देर बाद एक लड़की उसके पास आकर बैठ गई। उसने अपने साथ बैठे अयांश को देखा और कहा, “अयांश, तुम यहाँ।” 


अपना नाम सुनकर अयांश ने साइड में देखा तो थोड़ा हैरान रह गया। उसके साथ जो लड़की बैठी थी वो कोई और नही बल्कि नुपुर थी। 


“हेलो।” अयांश ने नुपुर से कहा।


“तुम कहाँ जा रहे हो?” नुपुर ने पूछा। 


“अमेरिका और तुम?” अयांश ने पूछा। 


नुपुर मुस्कुराने लगी और उसने कहा, “मैं भी अमेरिका ही जा रही हूँ। फाइनली मुझे किसी की कंपनी मिल गई।” 


“क्या तुम भी स्टडीज के लिए जा रही हो?” अयांश ने पूछा। 


“हाँ, मैं भी स्टडीज के लिए जा रही हूँ।” नुपुर ने अयांश से झूठ बोल दिया जबकी सच ये था कि वो वहाँ पढ़ाई के लिए नही जा रही थी। वो वहाँ अयांश के लिए जा रही थी। रिद्धिमा ने ही उससे कहा था कि वो भी अयांश के साथ ही अमेरिका जाए और वहाँ उसके साथ रहते हुए उसे कुछ भी ऐसा करके फंसा सके जिससे अयांश को आहना को भूलकर उससे शादी करनी पड़ जाए। टीना भी इसके लिए मान गई क्योंकी वो जानती थी नुपुर अयांश को पसंद करती है। 


कुछ देर इंतजार करने के बाद उनकी फ्लाइट की अनाउंसमेंट हो गई और वो दोनों प्लेन के अंदर आ बैठे। उन दोनों की सीट एक साथ ही थी जिसे देखकर नुपुर मन ही मन में बहुत खुश हुई।


“तुम वहाँ कहाँ रहने वाली हो?” अयांश ने उससे पूछा। 


“मैं अपनी दोस्त के हॉस्टल जाऊंगी अभी के लिए लेकिन मुझे जल्द ही एक अपार्टमेंट ढूंढना होगा।” नुपुर ने कहा।


“तुम मेरे साथ मेरे अपार्टमेंट में रह सकती हो अगर चाहो तो।” अयांश ने कहा पर उसे ये मालूम नही था कि अंजाने में वो अपनी जिंदगी की कितनी बड़ी गलती कर रहा है। 


“यही तो मैं चाहती हूँ की मैं तुम्हारे साथ आकर रहूं।” नूपुर ने खुश होते हुए मन ही मन में कहा और फिर अयांश से पूछा, "क्या मैं सच में तुम्हारे साथ रह सकती हूँ?" 


“हाँ, तुम मेरी मम्मी की सबसे अच्छी दोस्त की बेटी हो, जिसका मतलब है कि तुम मेरी भी दोस्त हुई और मैं हमेशा अपने दोस्तों की मदद करता हूँ।” अयांश ने उसकी ओर देखे बिना कहा। 


“थैंक्यू, अयांश।” नुपुर ने उससे कहा और फिर मन ही मन में कहा, “तुमने तो मेरा काम बहुत ही ज्यादा आसान कर दिया। अब मुझे तुम्हारे करीब आने और तुमसे शादी करने से कोई नही रोक सकता।” वो मुस्कुराने लगी। आखिरकार, यह उसके प्लैन का ही एक हिस्सा था कि वो अमेरिका में वही रहेगी जहाँ अयांश रहेगा। वो इसके लिए कुछ दिन इंतजार करने वाली थी लेकिन जब अयांश ने कहा कि वो उसके साथ आकर रह सकती है तो वो ना कैसे कह सकती थी। 


पूरे बारह घंटे सफर करने के बाद, वो दोनों अमेरिका पहुँचे। उन्होंने अपना अपना सामान लिया और एयरपोर्ट से बाहर आ गए। अयांश का दोस्त, समीर वहाँ बाहर खड़ा उसका इंतजार कर रहा था। जैसे ही समीर ने अयांश को देखा, वो खुश हो गया और अयांश के पास आकर उसे गले लगाते हुए कहा, “वेलकम भाई, आखिरकार तु यहाँ आ ही गया।” 


“कैसा है तू?” अयांश ने उससे दूर होकर पूछा। 


“एकदम बढ़िया।” समीर ने कहा और उसकी नजर अयांश के पीछे खड़ी नूपुर पर गई तो उसने अयांश से पूछा, “ये कौन है, अयांश। तेरी गर्लफ्रेंड।”   


“समीर, तु गलत समझ रहा है। ये मेरी गर्लफ्रेंड नही है। मेरी दोस्त है, नूपुर। हमारे साथ ही रहने वाली है।” अयांश ने कहा और नुपुर को समीर से मिलवाया। समीर ने मुस्कुराते हुए नूपुर की तरफ अपना हाथ बढ़ाया। नुपुर ने उससे हाथ मिलाया। 


समीर उन दोनों को अपने अपार्टमेंट ले आया। ये एक छोटा-सा दो बेडरूम का अपार्टमेंट था जिसमें एक छोटी-सी रसोई और एक लीविंग रूम था जिसमें एक सोफा और दो कुर्सियाँ थी। सोफे और कुर्सियों के बीच एक टेबल था और सामने दीवार पर टीवी भी लगा हुआ था।


समीर ने उन्हें पानी पिलाया। पानी पीकर नुपुर ने अयांश से कहा, “अयांश, मुझे मेरा कमरा बतादो कहाँ है। मुझे फ्रेश होना है।” 

अयांश सोफे से उठ गया। नुपुर ने अपना बैग लिया और उसके पीछे चल दी। अयांश ने एक कमरे का दरवाजा खोला।  


“ये तुम्हारा कमरा है। प्लीज बी कम्फ़र्टेबल।” अयांश ने मुस्कुराते हुए नुपुर से कहा और वहाँ से जाने ही वाला था कि नूपुर ने उसका हाथ पकड़कर उसे रोक लिया और पूछा, “अयांश, अगर मैं तुम्हारे साथ नही आती तो क्या तुम इस कमरे में रहने वाले थे?” 


अयांश को नुपुर का इस तरह उसका हाथ पकड़ना अच्छा नही लगा तो उसने जल्दी से अपना हाथ छुड़वाया और कहा, “हाँ, मैं इस कमरे में रहने वाला था लेकिन तुम परेशान मत हो। मैं समीर के साथ रूम शेयर कर सकता हूँ।” 


“थैंक्यू, अयांश। तुम मेरे लिए इतना सब कुछ कर रहे हो। तुम्हें अपना कमरा किसी और के साथ शेयर करने की आदत नही होगी फिर भी तुम मेरे लिए ये कर रहे हो।” नुपुर ने कहा और खुशी से अयांश के गले लग गई।


Continued In जिंदा रहती है हमेशा मोहब्बतें - 14

Friday, 26 June 2026

जिंदा रहती है हमेशा मोहब्बतें - 12


 

अयांश अपनी आगे के पढ़ाई के लिए अमेरिका जाना चाहता था। उसने जब आहना को इस बारे में बताया तो आहना उदास हो गई हालांकि वो पहले से ही जानती थी ये अयांश का सपना है और अयांश एक दिन इस सपने के लिए अमेरिका जाएगा पर उसे डर था कि अगर अयांश उससे दूर चला गया तो वो उसे खो देगी। उसे इस तरह देखकर अयांश ने कहा, “मैं वहाँ सिर्फ दो साल के लिए जा रहा हूँ, हमेशा के लिए नही।”


आहना ने उसकी ओर देखा और कहा, "मैं तुम्हें रोकूंगी नही क्योंकि मुझे पता है की तुम्हारा सपना है एक सक्सेसफुल बिजनेस मैन बनना पर पता नही क्यों तुम्हारा दो साल कहना भी ऐसा लग रहा है जैसे हमेशा के लिए दूर जा रहे हो तुम मुझसे।”


आहना की आँखों में आँसू आ गए। अयांश ने उसे गले लगाया और उसके माथे पर किस किया। अयांश को इस बात की परवाह नही थी कि लोग उन्हें देख रहे हैं लेकिन कैफे में सभी की निगाहें उन पर थी। 


“अयांश, मुझे छोड़ दो। सब हमें देख रहे है।” आहना ने कहा। 


अयांश ने उसे छोड़ दिया और पूछा, “मैं अपने लिए कुछ कपड़े खरीदना चाहता हूँ। क्या तुम मेरे साथ मॉल चलोगी?” 


"चलो चलते है।" आहना ने खड़े होकर कहा और वो दोनों कैफे से बाहर आ गए। दोनों पास ही एक मॉल में गए। अयांश एक दुकान में गया पर उससे कुछ समझ नही आ रहा था कि क्या खरीदें? उसे कन्फ्यूस देखकर आहना आगे बढ़ी और उसने जल्दी से अयांश के लिए दस जीन्स और टी-शर्ट सेलेक्ट की। आहना ने उन्हें दुकानदार को दिया और कहा "इन्हें पैक कर दीजिए।” 


अयांश ने बिल चुकाया, कपड़ो के बैग लिये और आहना के साथ दुकान से बाहर आ गया। 

“मेरी शॉपिंग हो गई। चलो चलते है अब घर।” अयांश ने कहा। आहना उसके साथ चलने लगी तभी उसकी नज़र सामने एक दुकान पर गई तो उसने अयांश से कहा, “अयांश, तुम जाकर ये सारे बैग गाड़ी में रखो। मैं थोड़ी देर में आती हूँ। मुझे अभी याद आया की मुझे कुछ जरूरी सामान लेना है।” 


“मैं तुम्हारे साथ आता हूँ ना।” अयांश ने कहा पर आहना ने मना कर दिया तो अयांश सारे बैग लेकर वहाँ से चला गया। उसके जाने के बाद आहना दुकान में गई। उसने वहाँ से एक ब्रेसलेट खरीदा और उसे लेकर मॉल से बाहर आ गई। उसने पार्किंग में आकर देखा की अयांश गाड़ी के बाहर खड़ा उसका इंतजार कर रहा था। 


“चलो, अयांश।” आहना ने अयांश के पास आकर कहा। वो दोनों गाड़ी में बैठ गए। अयांश ने आहना को घर छोड़ा और फिर अपने घर चला गया।


अयांश की फ्लाइट तीन दिन बाद की थी। रात में वो घर के स्टडी रूम में चला गया जहाँ राकेश अपना कुछ काम कर रहे थे। उसने दरवाजा खटखटाया और अंदर चला गया। 


"पापा मैं आपसे आहना के बारे में बात करना चाहता हूँ।” उसने सामने पड़ी कुर्सी पर बैठते हुए कहा।


राकेश ने कंप्यूटर स्क्रीन से नजरें हटाकर उसकी ओर देखा। एक मिनट के बाद, उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि तुम किस बारे में बात करने आए हो? तुम परेशान हो कि जब तुम दूर होंगे तो आहना यहाँ अकेली होगी और अगर रिद्धिमा या किसी और ने उसके साथ कुछ गलत करने की कोशिश की तो क्या होगा? यही बात है ना?” 


“जी पापा। यही बात है।” अयांश ने कहा और फ़िर पूछा, “पापा क्या आपको मेरा सबसे अच्छा दोस्त निखिल याद है?”  


“हाँ, बिल्कुल याद है। वो तुम्हारे साथ स्कूल में पढ़ता था।” राकेश ने कहा।

“वो भी आहना को पसंद करता है और मुझे डर है कि वो आहना के साथ कुछ गलत करने की कोशिश करेगा।” अयांश ने सीरियस होकर कहा।


राकेश ने स्टडी टेबल की दराज खोली। उन्होंने उसमें से एक लेटर निकालकर अयांश को देते हुए कहा, "ये लेटर आहना को दे देना।”


अयांश ने लेटर अपने हाथ में लिया और पूछा, “ये किसलिए है पापा? ” 


“आहना की ग्रेजुएशन हो चुकी है इसलिए मैं उसे अपनी कंपनी में जोब दे रहा हूँ। अगर वो हमारी कंपनी ज्वॉइन करती है तो वो हमेशा मेरी नज़रों के सामने रहेगी। आहना जोब के साथ-साथ पढ़ाई भी जारी रख सकती है। अगर वो और पढ़ना चाहती है तो मैं उसकी आगे की पढ़ाई का खर्चा उठाऊंगा।” राकेश ने कहा। 


“ठीक है पापा। मैं आहना से बात करके उसे ये लेटर दे दूंगा।” अयांश ये कहकर वहाँ से जाने ही वाला था कि राकेश ने उसे वापस बुलाया और कहा, “अयांश, मैंने आहना को तुम्हारे लिए इसलिए चुना है की वो जिंदगी के हर कदम में तुम्हारी ताकत बने। अगर तुम उससे प्यार करते हो तो उसे अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाओ, कमजोरी नही।” 


अगले दिन शाम को अयांश आहना के घर जाता है। आहना लिविंग रूम में ही बैठी थी। अयांश को वहाँ देखकर वह मुस्कुराई और उसे गले से लगा लिया। अयांश ने उसके माथे पर किस किया और आहना के साथ बैठ गया। आहना ने उसका हाथ पकड़ लिया। 


“क्या तुम मुझे मिस कर रहे थे, चॉकलेट? आहना ने अयांश की आँखों में देखते हुए पूछा। 


“हाँ, तुम्हें बहुत याद कर रहा था।” अयांश ने कहा।


“तुम अभी दूर भी नही गए और अभी से ही तुम्हें मेरी याद आने लगी। क्या होगा जब तुम मुझसे दूर हो जाओगे?” आहना ने पूछा और मुस्कुरा दी। 


“फिर, मैं तुम्हें रोज हजारों फोन कॉल से परेशान करूंगा।” आहना उसकी बातों पर हँसी, उसके गाल पर किस करके कहा, "मैं तुम्हें बहुत याद करूँगी।”


अयांश ने अपनी जेब से राकेश का दिया हुआ लेटर निकाला और आहना को देते हुए कहा, “पापा ने ये लेटर मुझे तुम्हें देने के लिए कहा था। ये तुम्हारी जोब के लिए है।” 


“मेरी जोब?” आहना ने लेटर को देखते हुए पूछा। 


“आहना, अब तुम्हारी ग्रेजुएशन हो चुकी है तो पापा चाहते है कि तुम हमारी कंपनी में काम करो। उन्होंने कहा कि तुम जोब के साथ-साथ आगे की पढ़ाई भी कर सकती हो अगर करना चाहती हो।” 


“पर मैं अभी जॉब नही करना…..” आहना ने कहना चाहा पर अयांश ने उसकी बात बीच में ही काटते हुए कहा, “मुझे पता है आहना की तुम पेंटर बनना चाहती हो पर मेरी बात ध्यान से सुनो। तुम्हें पता है कि मैं तुमसे कभी झूठ नही बोलूंगा। पापा ने तुम्हें ये जॉब इसलिए दी है जिससे निखिल या मेरी मम्मी  को तुम्हारे साथ कुछ गलत करने का मौका न मिल सके। तुम जानती हो कि मेरी मम्मी हमारे रिश्ते के खिलाफ है और निखिल, मुझे डर है कि वो तुम्हारे साथ कुछ गलत करने की कोशिश करेगा। अगर तुम पापा के साथ काम करोगी तो तुम हमेशा उनकी नजरों के सामने रहोगी और वो तुम्हारे साथ कुछ गलत नही होने देंगे जब मैं यहाँ नही रहुंगा।”  


अयांश ने उसे समझाया और उसके जवाब का इंतजार करने लगा। इस बारे में बहुत सोचने के बाद आखिरकार आहना मान गई और उसने कहा, "ठीक है, लेकिन मैं हर वक्त राकेश अंकल के साथ रहूंगी। मैं नही चाहती कि वो मुझे ऑफिस या कहीं पर भी अकेला छोड़े। मुझे भी निखिल से बहुत डर लगता है। याद है जब वो मेरे घर आया था और उसने मेरे करीब आने की कोशिश की थी। तुम नही आते तो क्या करती उस वक्त मैं।”


“वो सब पुरानी बातें थी। उन्हें भूल जाओ अब और जाकर तैयार हो जाओ। मैं तुम्हें कहीं लेके जाना चाहता हूँ।” अयांश ने कहा।


आहना खुश हो गई और उसने पूछा, “कहाँ लेकर जा रहे हो?” 


“सरप्राईज है। अब जाकर तैयार हो जाओ।” अयांश ने कहा तो आहना मुस्कुराते हुए अपने कमरे में चली गई।


Continued In जिंदा रहती है हमेशा मोहब्बतें - 13


Tuesday, 23 June 2026

जिंदा रहती है हमेशा मोहब्बतें - 11

 


अयांश के आहना को सबके सामने प्रपोज किया और आहना को  अँगूठी वापिस पहना दी जिसे देख नुपुर का दिल टूट गया और निखिल को बहुत गुस्सा आया। उसे गुस्से में देख रिद्धिमा समझ गई कि निखिल आहना को पसंद करता है। ये बात जानकर रिद्धिमा को बहुत खुशी हुई। निखिल आहना को अयांश के साथ नही देख पा रहा था इसलिए वहाँ से जाने लगा तो रिद्धिमा भी उसके पीछे पीछे बाहर आ गई।


बाहर आकर रिद्धिमा ने देखा की निखिल अपनी गाड़ी में बैठने ही वाला था। रिद्धिमा ने निखिल को आवाज लगाकर रोका और उसके पास जाकर कहा,  "निखिल, क्या मैं तुमसे कुछ बात कर सकती हूँ?" 


"जी आंटी।" निखिल ने गाड़ी का दरवाजा बंद करते हुए कहा। 


“क्या तुम आहना को पसंद करते हो?” रिद्धिमा ने मुस्कुराते हुए पूछा। 


“सॉरी आंटी, मैं आपको ये नही बता सकता।” निखिल ने कहा। 


“क्यों नही बता सकते बेटा? अगर तुम मुझे इस बारे में बताओ तो मैं तुम्हारी मदद करूंगी आहना से तुम्हारी शादी करवाने में।” रिद्धिमा ने कहा। 


“मैं करता हूँ आहना को पसंद पर आपने देखा न की वो अयांश को पसंद करती है और अयांश उसे पसंद करता है और आप मेरी हेल्प क्यों करेंगी आहना से मेरी शादी करवाने में जब आपका बेटा भी उससे शादी करना चाहता है। आप तो अपने बेटे का साथ देंगी ना?” निखिल ने कहा।


“मैं अयांश का साथ नही देने वाली। मैं आहना से बहुत नफरत करती हूँ।  मैं नही चाहती अयांश उससे शादी करे क्योंकी वो मेरी बहु बनने के लायक नही है। अगर तुम आहना को चाहते हो तो मैं खुद आहना से तुम्हारी शादी करवाऊंगी।” रिद्धिमा ने उसे देखते हुए कहा। 


रिद्धिमा की बाते सुन निखिल कुछ सोचने लगा और फिर कहा, “ठीक है पर आप जल्दी ही कुछ करेंगी। मैं आहना को अयांश के साथ नही देख सकता।” 


रिद्धिमा ने उसके कंधे पर हाथ रखा और कहा, “अभी नही, बेटा। एक बार, अयांश यहाँ अपनी पढ़ाई पूरी कर ले। फिर आगे की पढ़ाई के लिए वो अमेरिका चला जाएगा दो साल के लिए। उस वक्त तुम आहना से शादी कर लेना क्योंकी अयांश यहाँ नही होगा तो आहना को बचाने वाला भी कोई नही होगा। उस वक्त हम ये सब प्लान करेंगे की तुम आहना को यहाँ से दूर कैसे लेके जाओगे उससे शादी करने के लिए।” रिद्धिमा ने निखिल को समझाते हुए कहा। 


“आप क्या चाहती है की मैं आहना और अयांश को एक दूसरे के साथ देखता रहूं तब तक।” निखिल ने गुस्से में कहा। 


“कुछ ही महीनों में तुम सबके एग्जाम्स शुरू होने वाले है। उसके बाद सिर्फ दो साल की बात और है। थोड़ा तो बर्दाश्त करना होगा उन्हें साथ देखना तुम्हें अगर तुम आहना को पाना चाहते हो। मैं भी कर ही रही हूँ ना उस आहना को अपने बेटे के साथ बर्दाश्त। मदद तो मैं तुम्हारी अभी भी कर सकती हूँ पर इस वक्त अयांश यहाँ है और आहना के साथ अगर कुछ भी हुआ तो उसे पता लगाने में ज्यादा देर नही लगेगी की ये सब हमने किया है इसलिए दो साल का इंतजार तो करना ही होगा।” रिद्धिमा ने उसे समझाया। 


निखिल को भी रिद्धिमा की बात सही लगी। वो रिद्धिमा की बात मान गया क्योंकि आहना से शादी करने का मौका वो छोड़ नही सकता था। 


निखिल अपनी गाड़ी में बैठकर वहाँ से निकल गया और रिद्धिमा अंदर आ गई। अंदर आकर उसने देखा की आहना अयांश का हाथ थामे खुशी से खड़ी थी। राकेश और कबीर भी उनके साथ खड़े थे। उसने पहले आहना को नफरत भरी निगाहों से देखा फिर मुस्कुराते हुए आहना और अयांश की ओर चल दी। 


उन्होंने मुस्कुराते हुए पहले अयांश को गले लगाया फिर आहना के सामने आकर उसे गले लगाते हुए उसके कानों मे कहा, “जितना खुश होना है हो लो अभी क्योंकि मैं तुम्हें ज्यादा दिन अयांश के साथ नही रहने दूंगी।”   


आहना ने हैरानी से रिद्धिमा को देखा। आहना को रिद्धिमा की बात से बहुत बुरा लग रहा था और साथ ही डर भी की वो अयांश को खो देगी पर उसने वो डर अपने चेहरे पर नही आने दिया और अयांश को देखकर मुस्कुराने लगी। 


अयांश ने केक काटा और फिर सबने खूब डांस किया। देर रात सभी खाना खाकर अपने घर चले गए। अयांश चाहता था की आहना उसके साथ थोड़ी देर और रुके पर कबीर के साथ होने की वजह से वो आहना को नही रोक सकता था। आहना राकेश से मिली और अयांश को बाय बोलकर गाड़ी में बैठकर चली गई। 


अभी उन्हें अयांश के घर से निकले हुए दस मिनट ही हुए थे की आहना के फोन पर किसी का मैसेज आया। वो जानती थी की मैसेज अयांश का ही होगा इसलिए उसने पहले कबीर को देखा, जिनका सारा ध्यान रोड पर था। उसने अपना फोन अनलॉक किया और अयांश का मैसेज पढ़ने लगी जिसमें लिखा था “आहना, मैं तुम्हे बहुत मिस कर रहा हूँ। तुम्हें रोकना चाहता था पर अंकल साथ थे इसलिए खुदको रोकना पड़ा तुम्हें रोकने से पर अब तुम्हारी बहुत याद आ रही है।” 


आहना मैसेज पढ़कर मुस्कुराते हुए मैसेज टाइप करने लगी। कबीर ने उसे ऐसे फोन में देखते हुए मुस्कराते देखा तो कहा, “लगता है अयांश को भी हमें अपने साथ ले आना चाहिए था।” 


आहना ने फोन नीचे रखा और कबीर से पूछा, “आप ऐसा क्यों कह रहे है पापा?” 


“वो तुम्हें इतना याद कर रहा है की अभी दस मिनट ही हुए है वहाँ से निकले हुए और उसके मैसेज आने शुरू भी हो गए। हमारे होने वाले दामाद का मन नही लग रहा तुम्हारे बिना।” कबीर ने मजाक में उसे छेड़ते हुए कहा। 


“क्या पापा आप भी?” आहना ने कहा और शरमाते हुए बाहर देखने लगी। 


कबीर हँसने लगे। आहना ने उनकी तरफ देखा तो उन्होंने हँसना बंद कर दिया पर अगले ही पल फिर हँसने लगे। ये देखकर आहना भी हँसने लगी। कबीर ने प्यार से उसका सिर सहलाया और फिर गाड़ी चलाने लगे। 


एग्जाम्स शुरू होने से ठीक एक महीना पहले अयांश और आहना ने एक साथ पढ़ना शुरू किया। ज्यादातर दोनों आहना के घर बैठकर पढ़ा करते थे और पढ़ते हुए अयांश उसके घर पर ही सो जाया करता था। आहना जहाँ सभी किताबें अच्छे से पढ़ना चाहती थी की अच्छे नंबर लाए वहीं अयांश सिर्फ पास होने लायक जितना ही पढ़ना चाहता था। आहना ने बहुत बार उसे कहा की वो सब कुछ पढ़े पर उसने आहना की बात नही मानी। 


एग्जाम से एक दिन पहले वो दोनों ही देर रात तक आहना के घर में हॉल में बैठे हुए एक साथ पढ़ रहे थे और थक कर कब वहीं सो गए, उन्हें पता ही नही चला। 


सुबह कबीर जब अपने कमरे से निकलकर हॉल में आए तो उन दोनों को साथ देखकर मुस्कुरा उठे। 


"अयांश आहना, उठ जाओ। कॉलेज के लिए लेट हो जाओगे तुम दोनों।” कबीर ने उन्हें उठाते हुए कहा। 


“सोने दीजिए न पापा।” आहना ने नींद में ही कहा। 


“आहना, एग्जाम है बेटा आज तुम्हारा। उठ जाओ।” कबीर ने कहा। एग्जाम का नाम सुनते ही आहना एकदम से उठ गई और दीवार पर लगी घड़ी में टाइम देखा। उसने अयांश को उठाया और तैयार होने अपने कमरे में चली गई। 


अयांश भी गेस्ट रूम में जाकर तैयार होने लगा। नाश्ता आज कबीर ने बना लिया। उन दोनों ने जल्दी से नाश्ता किया और कॉलेज के लिए निकल गए। बीस मिनिट बाद दोनों कॉलेज पहुँच गए। 


“थैंक गॉड टाइम पर पहुँच गए।" आहना ने कहा और अयांश को  देखकर मुस्कुरा दी।


“ऑल द बेस्ट, टेडी बियर।” अयांश ने कहा और उसका हाथ पकड़ लिया। 


“ऑल द बेस्ट, चॉकलेट।” आहना ने भी कहा और दोनों अपना रोल नम्बर चेक करके अपनी अपनी सीट पर आकर बैठ गए। आहना ने ठीक पीछे निखिल आकर बैठ गया। 


आहना ने घबराकर पीछे मुड़कर अयांश को देखा तो उसने हल्का सा मुस्कुराकर उसे परेशान ना होने का इशारा किया। टीचर ने क्लास में आकर सबको पेपर दे दिए। आहना ने अपना पूरा ध्यान पेपर में लगा लिया। 


उनके सभी एग्जाम बहुत अच्छे गए। आखिरी एग्जाम के बाद अयांश आहना को लेकर उसी पार्क में आया जिसमे वो दोनों बचपन में आया करते थे। 


“थैंक गॉड, एग्जाम्स खत्म हो गए।” अयांश ने मुस्कुराते हुए कहा। 


आहना हँसने लगी और कहा, “तुम तो ऐसे कह रहे हो जैसे तुम्हारा कोई बहुत बड़ा काम खतम हुआ है।” 


“अब हर कोई आपके जैसा टॉपर नही होता न मैडम जो खुशी खुशी  सारे एग्जाम्स दे।” अयांश की बात सुनकर आहना ने उसके कंधे पर मारा और हँसने लगी। 


आहना और अयांश के कॉलेज के दो साल जल्दी से बीत गए और उनकी ग्रेजुएशन पूरी हो गई। इन दो सालों में उन दोनों का प्यार एक दूसरे के लिए और गहरा होता गया। पिछले दो सालों में उन दोनों ने एक साथ बहुत सारी खूबसूरत यादें बनाई। रिद्धिमा और निखिल ने उनके बीच समस्याएं पैदा करने की कोशिश की, लेकिन एक दूसरे पर उनके विश्वास और उनके प्यार ने उन समस्याओं को जीतने नही दिया। राकेश ने अयांश को आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका भेजने का फैसला किया। 


अयांश और आहना एक कैफे के अंदर बैठे थे। अयांश ने जब आहना को बताया कि वो अमेरिका जा रहा है तो आहना के चेहरे पर उदासी छा गई


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Monday, 22 June 2026

जिंदा रहती है हमेशा मोहब्बतें - 10

 


रिद्धिमा टीना से मिलने आई थी जहाँ उसकी मुलाकात टीना की बेटी नुपुर से हुई। रिद्धिमा अयांश को नुपुर से मिलवाना चाहती थी क्योंकि उसे उम्मीद थी की नुपुर से मिलने के बाद अयांश आहना को भूल जाएगा इसलिए उन्होंने टीना और नुपुर को अयांश की बर्थडे पार्टी में इनवाइट किया। टीना ने पहले तो मना कर दिया पर नुपुर ने रिक्वेस्ट की तो उसे मानना पड़ा। 


शाम में अयांश की बर्थडे पार्टी रखी गई थी जिसमें उसने अपने  स्कूल और कॉलेज के सभी फ्रेंड्स को बुलाया था। निखिल भी पार्टी में आया था। अयांश अपने स्कूल के दोस्तों के साथ बात कर रहा था पर बार-बार उसकी नज़र कबीर के पास खड़ी आहना पर चली जाती। आहना ने उसकी ओर देखा और उनकी नज़रे मिली तो अयांश ने उसे अपने पास आने का इशारा किया लेकिन आहना ने ना में गर्दन हिला दी। अयांश ने अपने दोस्तों से कुछ कहा और आहना के पास आ गया। 


“क्या हुआ, अयांश?" आहना ने कबीर से थोड़ा-सा दूर होकर उससे पूछा।


“मैं तुम्हारे साथ रहना चाहता हूँ।” अयांश ने कहा और उसकी आँखों में प्यार से देखा। 


“अयांश, तुम्हारे दोस्त यहाँ तुम्हारी बर्थडे पार्टी एन्जॉय करने आए है। तुम्हें उनके साथ रहना चाहिए। मेरे साथ तो तुम कभी भी वक्त बिता सकते हो।” आहना ने उसे समझाते हुए कहा तो अयांश उसके गाल पर किस करके वापिस अपने दोस्तों के पास चला गया। अयांश के सबने सामने ऐसे किस करने से आहना शर्मा गई और चुपचाप कबीर के पास आकर खड़ी हो गई।


सभी अंदर पार्टी एंजॉय कर रहे थे लेकिन रिद्धिमा बाहर खड़ी नूपुर और टीना के आने का इंतजार कर रही थी। थोड़ी देर के बाद एक गाड़ी घर के सामने आकर रूकी। जैसे ही रिद्धिमा ने नूपुर को गाड़ी से बाहर निकलते हुए देखा, वो खुशी से उसके पास गई और कहा, “नूपुर, आओ बेटा। मैं तुम्हारा ही वेट कर रही थी।”  


“वेट कराने के लिए सॉरी आंटी। वो मुझे रेडी होने में टाइम लग गया।” नुपुर ने कहा। 


रिद्धिमा ने उसके गाल को छुआ और कहा, “कोई बात नही बेटा। तुम बहुत प्यारी लग रही हो।” 


रिद्धिमा ने टीना को गले लगाया और उन्हें लेकर अंदर आ गई।  रिद्धिमा ने अयांश को अपने पास बुलाया और कहा, “अयांश, टीना आंटी से मिलो।” 


अयांश ने टीना के पैर छुए। टीना ने उसे बर्थडे विश किया। रिद्धिमा ने नुपुर को देखा और अयांश को उससे मिलवाते हुए कहा, “ये इनकी बेटी है, नूपुर।” 


“जानता हूँ मॉम। बचपन में मिल चुका हूँ बहुत बार इनसे।” अयांश ने रिद्धिमा से कहा और फिर नुपुर की तरफ देखकर अयांश ने उसे हेलो कहा। 


अयांश इतना हैंडसम लग रहा था की नूपुर उसे देखे ही जा रही थी। वो ये भी भूल गई कि वो कहाँ है। उसे ऐसे देखकर टीना ने हल्के से उसके हाथ पर मारा तो उसकी तंद्रा टूटी और उसने मुस्कुराते हुए अयांश से कहा, “हेलो, हैप्पी बर्थडेI” 


“थैंक्यू।” अयांश ने कहा। उनसे थोड़ी देर बातें करने के बाद वो अपने दोस्तों के पास चला गया। नुपुर को अयांश पसंद आने लगा था और वो मन ही मन में इस पसंद को पहली नज़र में प्यार का नाम दे चुकी थी।


रिद्धिमा ने आहना को ढूंढने के लिए इधर-उधर देखा। आहना भी अपनी कॉलेज की फ्रेंड्स से बाते करते हुए अयांश को देख रही थी जिसपर उसकी फ्रेंड्स उसे खूब छेड़ रही थी। रिद्धिमा ने आहना को आवाज लगाकर अपने पास बुलाया और कहा, “आहना, तीन गिलास जूस लाओ।” 


“जी आंटी।” आहना रिद्धिमा को ना नही कह सकती थी इसलिए किचन की तरफ चल दी। आहना अभी उनसे कुछ ही कदम दूर चली थी कि नुपुर ने पूछा, "ये कौन है, आंटी?" 


“ये हमारे एम्प्लॉय की बेटी है। तुम इसे हमारी नौकर समझो।” रिद्धिमा ने कहा और आहना की तरफ देखा। रिद्धिमा ने ये बात धीरे से कही थी पर फिर भी आहना ने सुन ली थी। वो किचन में आकर रोने लगी। 


अयांश ने जब देखा कि आहना किचन में गई है तो वो भी अपने फ्रेंड्स के आगे बहाना बनाकर उसके पीछे किचन में आ गया और उसे पीछे से कसकर गले लगा लिया। आहना ने बिना कुछ कहे खुदको उससे दूर किया। अयांश को ये अच्छा नही लगा क्योंकी वो सब बर्दाश्त कर सकता था पर आहना से दूर जाना नही और यहाँ आहना खुद अपने आप को उससे दूर कर रही थी। 


अयांश ने आहना को कंधो से पकड़ा और उसके सामने आ गया। जब उसने आहना के चेहरे को देखा तो परेशान हो गया क्योंकी वो समझ गया कि आहना रो रही थी। उसने प्यार से आहना से पूछा, “तुम रो क्यों रही थी?” 


आहना ने उसकी बात का कोई जवाब नही दिया तो उसने फिर पूछा, “आहना, क्या बात है?” 


आहना ने वो अँगूठी जो अयांश ने उसे दी थी अपनी उँगली से उतार दी और उसे अयांश के हाथ में रखते हुए कहा, "मुझसे दूर रहो अयांश और ये अँगूठी भी वापिस ले लो। मैं इसके लायक नही हूँ।”


अयांश ने उसका चेहरा अपने हाथों में लिया और उसके होठों पर किस करने लगा। आहना ने खुदको अयांश से दूर करने की कोशिश की तो अयांश ने उसे कमर से पकड़ कर अपने और भी करीब कर लिया।  


कुछ देर बाद अयांश ने उसे छोड़ा और अपने कमरे में ले गया। उसने आहना को बेड पर बैठाया और खुद भी दरवाजा बंद करके उसके सामने बैठते हुए कहा, "बताओ, क्या हुआ?”


आहना की आँखों से आँसू बहने लगे और उसने कहा, “मैं तुम्हारे लायक नही हूँ, अयांश।” 


अयांश उसे फिर से किस करने लगा। जब वे अलग हुए, तो अयांश ने कहा, “सिर्फ तुम ही मेरे लायक हो। मैं सिर्फ तुम्हें चाहता हूँ और कभी भी कोई और तो क्या, तुम खुद अपने आप को कभी मुझसे दूर नही कर पाओगी क्योंकि मैं तुम्हें कभी ऐसा करने ही नही दूंगा। अब बताओ ये किसने कहा तुमसे?” 


उसे यकीन था कि रिद्धिमा ने ही आहना से ऐसा कुछ कहा था। अयांश ने उसके जवाब का इंतजार कर रहा था लेकिन आहना अयांश के आगे रिद्धिमा का नाम नही लेना चाहती थी इसलिए उसने कोई जवाब नही दिया। उसे चुप देखकर अयांश ने पूछा, "क्या मम्मी ने तुमसे ये कहा?


आहना ने हाँ में सिर हिलाया और कहा, "हां, लेकिन उन्होनें मुझसे यह सीधे सीधे नही कहा। वो अपनी दोस्त के साथ बात कर रही थी और उन्होनें कहा कि वो मुझे…” आहना कहते कहते रुक गई और आँसू भरी आँखों से नीचे देखने लगी। 


“मुझे बताओ, आहना।” अयांश ने कहा। 


“नौक… नौकर समझे।” कहते हुए आहना रोने लगी। अयांश ने उसे गले से लगा लिया। उसने आहना के आँसू पोंछे और कहा, “चलो मेरे साथ।” 


इससे पहले कि वो कुछ कह पाती, अयांश ने उसका हाथ पकड़ा और उसे नीचे ले गया। जब वो दोनों हॉल में आए तो रिद्धिमा की नजर उन पर पड़ी। 


अयांश आहना के साथ हॉल के बीच में आकर खड़ा हुआ और कहने लगा, “हेलो एवरीवन।"


सब उन दोनों को देखने लगे। अयांश को अहाना का हाथ थामे देखकर राकेश को जहाँ बहुत खुशी हुई वहीं रिद्धिमा को बहुत गुस्सा आ रहा था। अयांश ने आगे कहा, “थैंक्यू ऑल फॉर कमिंग टुडे। आज का दिन मेरी लाइफ का सबसे स्पेशल दिन है और मैं अपने इस स्पेशल दिन को और भी स्पेशल बनाना चाहता हूँ इसलिए मैं आज उस लड़की को प्रपोज करने जा रहा हूँ जिससे मैं बहुत प्यार करता हूँ।” 


आहना का दिल बहुत जोर से धड़क रहा था। अयांश उसका हाथ थामे हुए ही उसके सामने एक घुटने पर बैठ गया और उसे देखते हुए कहा, “आहना, मेरी प्यारी सी टेडी बियर, क्या तुम मेरे साथ लाइफटाइम के लिए रहना चाहोगी?” 


अयांश के दोस्त उन दोनों के लिए हूटिंग करने लगे। निखिल कोने में खड़ा गुस्से से ये सब देख रहा था। रिद्धिमा की नजर निखिल पर पड़ी तो उसे समझने में देर नही लगी की निखिल आहना को पसंद करता है। ये जानकर वो बहुत खुश हुई पर वहीं नुपुर का दिल टूट चुका ये जानकर की अयांश आहना से प्यार करता है। 


“हाँ अयांश, मैं तुम्हारे साथ हमेशा रहूंगी।” आहना ने कहा। अयांश ने आहना की उँगली में अँगूठी वापिस पहना दी और उसे गले लगा लिया। 


उनके सभी दोस्त उन्हें बधाइयां देने लगे। निखिल उन दोनों को साथ नही देख पा रहा था इसलिए वो वहाँ से बाहर आ गया। ये देख रिद्धिमा भी उसके पीछे चली आई।


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Sunday, 21 June 2026

जिंदा रहती है हमेशा मोहब्बतें - 9


अयांश का बर्थडे शुरू होने में बस एक घंटा बाकी था। अयांश आहना के साथ ही था इसलिए आहना ने उसके लिए कुछ स्पेशल करने का सोचा। वो अपने कमरे से निकलकर किचन में आई। उसने फ्रिज को खोलकर देखा तो उसे कुछ कपकेक मिल गए। वो खुश हो गई। उसने कपकेक्स निकालकर प्लेट में रखे। 


“ये ऐसे अच्छे नही लग रहे।” सोचते हुए आहना अपने कमरे में गई। आहना को चॉकलेट्स बहुत पसंद थी इसलिए उसके पास हमेशा चॉकलेट्स होती थी। वो चॉकलेट्स लेकर वापिस आई। उसने कपकेक्स को चॉकलेट्स से सजाया और बारह बजने का इंतजार करने लगी। 


जैसे ही बारह बजे, आहना हैप्पी बर्थडे गाते हुए अयांश के कमरे में गई। अयांश जानता था की आहना उसे विश करने जरूर आएगी इसलिए वो भी जागा हुआ था। अयांश बेड से खड़ा हुआ और उसने आहना को गले लगा लिया। 


“हैप्पी बर्थडे।” आहना ने उसके गले लगे हुए कहा। 


अयांश आहना से दूर हुआ और उसने आहना के बालों को सहलाते हुए कहा, “थैंक्यू माय लव। ये बर्थडे तो बहुत स्पेशल हो गया मेरे लिए क्योंकि सबसे पहले तुमने मुझे विश किया है।” 


आहना हल्का सा मुस्कुराई और कहा, “मैं तुम्हारे लिए ये कपकेक्स भी लेकर आई हूँ और देखो, मैंने इन्हें चॉकलेट से सजाया है।” 


अयांश ने महसूस किया कि आहना थोड़ी सी उदास लग रही है तो उसने पूछा, “क्या हुआ, आहना? तुम उदास क्यों हूँ?” 


“मुझे केक लाना चाहिए था ना।” आहना की बात सुनकर अयांश मुस्कुराया और उसे बेड पर बैठा दिया। 


“तुम ऐसे उदास मत हुआ करो। मैं तुम्हें हमेशा हँसने की वजह देना चाहता हूँ। उदास होने की नही और फिर मेरे लिए तो तुम ही मेरा गिफ्ट हो और ये कपकेक्स बहुत क्यूट है बिलकुल तुम्हारी तरह।” कहकर उसने आहना के गाल खींचे। 


“चलो फिर सेलिब्रेट करते है तुम्हारा बर्थडे।” आहना ने खुशी के साथ कहा और प्लेट बेड पर रख दी। अयांश उसके पास बैठ गया। आहना ने एक प्लास्टिक का चाकू अयांश को दिया जिससे उसने कपकेक को काटा। उसने एक कपकेक उठाया और आहना को खिलाते हुए कहा, “आहना, आज तुम मेरे साथ रहो ना। मैं तुम्हें अपनी बाहों में लेके सोना चाहता हूँ।” 


“मैं तुम्हारे साथ ही हूँ, अयांश।”, आहना ने कहा तो अयांश ने बिना कुछ कहे उसे अपनी बांहों में समेट लिया। आहना ने अपनी उँगली में अँगूठी को देखा जो अयांश ने उसे पहनाई थी। 


“मैं अब अयांश की जिंदगी में सबसे खास हूँ।” सोचते हुए आहना ने अपना सिर अयांश के सीने पर रखा और उसके दिल की धड़कने सुनने लगी। देर रात तक दोनों बातें करते रहे और उन्हें पता ही नही चला की कब वो एक दूसरे की बाहों में सो गए। 


सुबह जब आहना की नींद खुली तो वो अयांश को देखकर मुस्कुरा उठी। सोते हुए वो काफी क्यूट लग रहा था। वो अभी भी आहना को अपनी बाहों में लेकर सोया हुआ था। आहना ने धीरे से खुदको उससे दूर किया जिससे वो जाग न जाए और उसके गाल पर किस करके  अपने कमरे में चली गई। 


अयांश की नींद थोड़ी देर से खुली। वो कमरे से बाहर आया तो देखा आहना किचन में उनके लिए नाश्ता बना रही थी। आहना ने उसे देखा तो कहा, “तुम उठ गए। जल्दी से नहालो। फिर नाश्ता करके कॉलेज चलते है।” 


“मैं घर जा रहा हूँ, आहना। मैं यही कपड़े पहन कर कॉलेज नही जा सकता और नए कपड़े यहाँँ है नही। मैं तैयार होकर फिर से यहाँ आ जाऊंगा तुम्हें अपने साथ ले जाने के लिए।” अयांश ने कहा तो आहना ने उसे रोका और कहा, “तुम यहीं रूको। मैं अभी आती हूँ।” 


आहना अपने कमरे में गई और एक बैग पकड़े हुए बाहर आई। उसने बैग अयांश को दे दिया और कहा, “ये मैं तुम्हारे लिए गिफ्ट लेकर आई थी तुम्हें बर्थडे पर देने के लिए। तुम नहाकर ये पहन लो और तैयार हो जाओ।” 


अयांश ने देखा बैग के अंदर एक ब्लैक जींस, एक नीले रंग की  टी-शर्ट और एक बहुत ही अच्छी ब्लैक रंग की जैकेट थी। वो उन्हें देखकर खुश हो गया क्योंकि ब्लैक रंग उसे बहुत पसंद था। वो कमरे में आकर जल्दी से नहाया और तैयार होकर बाहर आया। आहना ने उसे देखा तो मुस्कुरा दी। वो उन कपड़ों में बहुत ही प्यारा लग रहा था। 


“तुम बहुत अच्छे लग रहे हो।” कहते हुए आहना ने उसके गाल पर किस किया। 


"तुम भी बहुत खूबसूरत लग रही हो, टेडी बियर।" अयांश ने कहा और आहना के होठों को अपने होठों से छू लिया।


“ये क्या तुम मुझे टेडी बियर कहकर बुलाते रहते हो।” आहना ने कहा। 


“प्यार से कहता हूँ आहना। तुम भी मुझे प्यार से कुछ भी कहकर बुला सकती हो।” अयांश ने कहा तो आहना सोचने लगी और कहा, “ठीक है, आज से मैं भी तुम्हें प्यार से चॉकलेट कहकर बुलाऊंगी। तुम्हें तो पता है मुझे चॉकलेट्स कितनी पसंद है।” 


“और कोई नाम नही मिला तुम्हें। पर चलो ठीक है। मैंने ही ये कुछ भी का आइडिया तुम्हें दिया है तो अब ये नाम तो सुनना ही पड़ेगा। चलो अब नाश्ता करे। भूख लग रही है मुझे।” कहते हुए अयांश डाइनिंग टेबल पर बैठ गया। आहना भी उसके पास आ बैठी। 


नाश्ता करने के बाद वे दोनों कॉलेज गए। अपने लेक्चर अटेंड करने के बाद अभी दोनों कैंटीन में आकर बैठे थे ही थे की निखिल भी वहाँ आ गया और उनके साथ बैठ गया। उसे वहाँ देखकर आहना ने टेबल के नीचे से अयांश का हाथ पकड़ लिया। 


“हैप्पी बर्थडे, अयांश।” निखिल ने मुस्कराते हुए अयांश को विश किया पर उसकी नजर आहना पर थी। उसके इस तरह देखने से आहना असहज हो रही थी। वो वहाँ से जाना चाहती थी इसलिए उसने अयांश से कहा, “अयांश, घर चले। हमें रात की पार्टी की तैयारी भी करनी है।” 


अयांश ने आहना की बेचैनी को समझा और निखिल से कहा, “मैं तुमसे शाम को पार्टी में मिलूँगा, निखिल।” 


अयांश आहना का हाथ थामे कैंटीन से निकल गया। निखिल उन्हें चुपचाप जाते हुए देखता रहा। ये जानते हुए भी की आहना अयांश को चाहती है, वो अपने दिल में आहना के लिए फीलिंग्स को नही रोक पा रहा था।


अयांश और आहना कॉलेज से निकलकर अयांश के घर पहुँचे। जब वे अंदर आए तो उन्होंने राकेश और कबीर को लिविंग रूम में एक साथ बैठे देखा। लिविंग रूम में आकर दोनों कबीर और राकेश से मिले।


“हैप्पी बर्थडे, बेटा।” राकेश ने अयांश को विश किया। अयांश ने उनके पैर छुए। कबीर ने भी उसे विश किया तो अयांश ने उनके भी पैर छुए और फिर इधर-उधर देखते हुए पूछा, “पापा, मम्मी कहाँ है?”


“वो अपनी किसी फ्रेंड से मिलने गई है।” राकेश ने कहा। 


वो दोनों राकेश और कबीर के साथ वहीं बैठे बातें करने लगे। राकेश और कबीर उन्हें अपने कॉलेज टाइम के किस्से सुनाने लगे जिन्हें सुनने में उन दोनों को ही बहुत मजा आ रहा था। 


***


एक कैफे में रिधिमा टीना के साथ बैठी हुई थी।


“तुमसे इतने दिनों बाद मिलकर कितना अच्छा लग रहा है।” टीना ने खुश होकर कहा क्योंकि आखिरी बार वो दोनों दिवाली पर मिली थी। वेटर उनका ऑर्डर लेने के लिए उनकी टेबल पर आता है। 


“मैं एक कॉफी लुंगी।” रिद्धिमा ने कहा। 


“एक ब्लैक कॉफी और एक हॉट चॉकलेट।” टीना ने ऑर्डर दिया। वेटर उनका ऑर्डर लेकर चला गया। रिद्धिमा असमंजस में थी कि टीना ने साथ में ब्लैक कॉफी और हॉट चॉकलेट का ऑर्डर क्यों दिया। वो इस बारे में टीना से पूछने ही वाली थी की तभी एक लड़की रेस्टोरेंट के अंदर आई और किसी को ढूंढने लगी। जैसी ही उसकी नजर टीना पर पड़ी, वो मुस्कुराते हुए उनकी टेबल की ओर चली आई। उसकी मुस्कान बहुत ही सुंदर थी। 


“सॉरी मॉम, मुझे थोड़ी सी देर हो गई।” लड़की ने टीना के पास बैठते हुए कहा और फिर उसने रिद्धिमा की तरफ देखकर कहा, “हेलो आंटी।” 


“हेलो बेटा।” रिद्धिमा ने कहा जिसके जवाब में वो लड़की मुस्कुरा दी और फिर टीना से पूछा, “मॉम, क्या आपने मेरे लिए हॉट चॉकलेट ऑर्डर किया?”


“हाँ, मैंने तुम्हारा हॉट चॉकलेट ऑर्डर कर दिया है।” टीना ने नुपुर को देखते हुए कहा।


“आप वर्ल्ड की बेस्ट मॉम हो।”, कहते हुए नूपुर ने टीना को गले लगा लिया। रिद्धिमा नुपुर से मिलकर बहुत खुश थी। उसने टीना से कहा, “टीना, तुम्हें मुझे बताना चाहिए था नुपुर भी आ रही है। मैं अयांश को भी अपने साथ लेकर आती।” 


टीना जानती थी रिद्धिमा अयांश को नुपुर से क्यों मिलवाना चाहती है इसलिए उसने कहा, “कोई बात नही। जैसे हम दोस्त वैसे अयांश और नुपुर भी तो एक दूसरे के दोस्त ही हुए ना। फिर कभी मिल ही लेंगे ये दोनों भी एक दूसरे को।” 


“टीना, ये फिर कब आएगा कोई नही जानता है इसलिए आज ही। आज अयांश का बर्थडे है और मैं चाहती हूँ तुम नूपुर के साथ उसकी बर्थडे पार्टी में मेरे घर आओ आज।” रिद्धिमा ने कहा।


“रिद्धिमा, मैं आना तो चाहती हूँ लेकिन आज मैं थोड़ी बिजी हूँ।” टीना ने कहा। 


“पर मॉम, मैं बर्थडे पार्टी पर जाना चाहती हूँ। क्या आप अपना वर्क कैंसल नही कर सकते?”, नूपुर ने टीना की तरफ उम्मीद से देखते हुए कहा क्योंकि उसे पार्टीज में जाना अच्छा लगता था।


“ठीक है, अगर मेरी बेटी चाहती है तो हम जाएंगे।” टीना ने कहा जिसे सुनकर नुपुर खुश हो गई। वेटर उनकी कॉफी टेबल पर रख कर चला गया। तीनों ने बाते करते हुए अपनी कॉफी खत्म की और फिर रेस्टोरेंट से बाहर आ गई।


रिद्धिमा ने नुपुर के गाल को छुआ और कहा, “ठीक है नूपुर, मैं तुम्हारा इंतजार करूंगी आज शाम को।” 


“जी आंटी, मैं जरूर आऊंगी।” नूपुर ने कहा और गाड़ी के अंदर बैठ गई। टीना भी रिद्धिमा से मिलकर गाड़ी में बैठकर

 चली गई।


"शायद नूपुर से मिलने के बाद, अयांश आहना को भूल जाए।" रिद्धिमा ने खुश होकर सोचा।


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Saturday, 20 June 2026

जिंदा रहती है हमेशा मोहब्बतें - 8

 



निखिल ने आहना के बारे में गलत बात कही जिससे अयांश को गुस्सा आ गया जिसे निखिल अयांश की आँखों में साफ देख पा रहा था। अयांश ने गुस्से में निखिल को वहाँ से जाने के लिए कहा। उसके जाने के बाद आहना अयांश के गले लगकर रोने लगी। अयांश ने उसे चुप कराते हुए कहा, "आहना, मैं हूँ ना यहाँँ। अब रोना बंद करो।” 

आहना फिर भी रोए जा रही थी इसलिए अयांश ने कहा, “देखो तुम जानती हो मैं तुम्हारी आँखों में आँसू नही देख सकता।” 

आहना ने उसकी आँखों में देखा और कहा, “अगर तुम नही आते तो क्या होता?” 

अयांश ने उसके चेहरे को अपने हाथो में लिया और प्यार से कहा, “मैं नही आता तो पर मैं तो आ गया ना तुम्हारे पास।” 

उसकी बात सुनकर आहना मुस्कुराने लगी। 

अयांश के बर्थडे के एक दिन पहले शाम को कॉलेज के बाद अयांश और आहना पार्क में बेंच पर बैठे हुए थे। आहना उसके कंधे पर सिर टिकाए हुए थी और दोनों ने एक दूसरे का हाथ कस कर पकड़ रखा था। 

"कल तुम्हारा बर्थडे है। मैं चाहती हूँ हम तुम्हारा बर्थडे सबके साथ अच्छे से सेलिब्रेट करे।” आहना ने कहा और अयांश की ओर देखा। 

अयांश ने उसकी आँखों में देखा और कहा, “मैं तो बस तुम्हारे साथ वक्त बिताना चाहता हूँ। तुम, मैं, चाँद तारों से भरा आसमान और बहुत सारा रोमांस।" 

“अयांश, दिस ऑल इस रोमांटिक पर मैं चाहती हूँ कि तुम अपना बर्थडे फैमिली और फ्रेंड्स के साथ मनाओ।” आहना ने कहा।

“ठीक है, जैसा तुम चाहो।” अयांश ने उसके हाथ पर किस करते हुए कहा। 

“चलो अब घर चलते है।” आहना ने खड़े होते हुए कहा।

अयांश भी उठ खड़ा हुआ और वो दोनों पार्क से बाहर निकलकर गाड़ी में आ बैठे। कुछ ही देर बाद अयांश ने गाड़ी आहना के घर के सामने रोकी। 

“पापा आज थोड़ी देर से घर आएंगे। क्या तुम कुछ देर के लिए मेरे साथ रुकोगे? मैं अकेले नही रहना चाहती।” आहना ने सीट बेल्ट खोलते हुए अयांश से कहा। जबसे निखिल घर में आकर उसके साथ बुरा बर्ताव करके गया था, तभी से वो बहुत डरी हुई थी। 

अयांश को आहना के साथ और ज्यादा समय बिताने का मौका मिल रहा था। वह उसे कैसे मना कर सकता था? वह खुश होकर आहना के साथ गाड़ी से बाहर निकला और उसके साथ घर के अंदर चला गया। आहना अयांश को बैठने का बोलकर उसके लिए पानी लेने किचन में गई। अयांश हॉल में सोफे पर बैठ गया। 

आहना पानी लेकर आई। उसने ग्लास अयांश को दिया और फिर वापिस किचन में कॉफी बनाने चली गई। कॉफी लेकर वो बाहर आई और एक कप अयांश को दे दिया। अयांश कॉफी पीते हुए उसे ही देख रहा था। कॉफी पीने के बाद, उसने आहना का हाथ पकड़ा और कहा, "मेरे बर्थडे पर तुम मुझे क्या दे रही हो?"

“मैंने तुम्हें जिंदगी भर तुम्हारे साथ रहने का वादा दे दिया है वो सबसे अच्छा गिफ्ट नही है क्या जो अब तुम्हें मुझसे और गिफ्ट चाहिए?” आहना ने मजाक में कहा।

“वो तो सबसे प्यारा गिफ्ट है पर मैं तुमसे कुछ मांगना चाहता हूँ।” अयांश ने कहा। 

“क्या चाहिए तुम्हें?" आहना ने मुस्कुराते हुए पूछा। 

“तुम्हारे मेरे साथ जिंदगी भर साथ रहने के वादे को पक्का वादा करदो।” अयांश ने अपने बैग से एक बॉक्स निकालते हुए कहा और एक घुटने पर आहना के सामने बैठ गया। अयांश ने बॉक्स खोला और आहना को देखने लगा। आहना हैरान हो गई क्योंकि बॉक्स के अंदर एक बहुत ही खूबसूरत अँगूठी थी।  

“अयांश, ये सब तुम क्या।” आहना ने कुछ कहना चाहा पर अयांश ने उसकी बात बीच में ही काट दी और उसका हाथ थामकर कहने लगा, “आहना, मैं तुम्हें बहुत चाहता हूँ। मैं तुम्हारे साथ रहकर अपनी जिंदगी का हर पल खुशी से तुम्हारे साथ बिताते हुए तुम्हारे साथ बहुत सारी खूबसूरत यादें बनाना चाहता हूँ। जिंदगी भर के लिए तुम्हारा हाथ पकड़कर मैं तुम्हारे साथ पूरी दुनिया घूमना चाहता हूँ। क्या तुम मुझसे मेरे साथ जिंदगी भर साथ रहने का पक्का वादा करोगी?” 

आहना मुस्कुराई और कहा, “मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगी, अयांश।" 

अयांश ने अँगूठी उसकी उँगली में पेहना दी और उसके माथे को चूम लिया। 

“आई लव यू,अयांश।” आहना ने कहा। अयांश ने उसका चेहरा अपने हाथों में लिया और उसके होठों पर किस करने लगा। आहना ने हैरानी से अपनी आँखें बड़ी कर ली पर उसने अयांश को खुदसे दूर नही किया। आहना अयांश के कंधे पर अपना हाथ रखने की वाली होती है की तभी उसके फोन पर किसी का फोन आता है। वो अयांश से अलग हुई और उसने टेबल पर पड़ा अपना फोन उठाया। फोन कबीर का था। उसने फोन उठाया और कबीर से बात करने लगी। कबीर के साथ पाँच मिनिट तक बात करने के बाद उसने फोन काटा और अयांश की तरफ परेशान होकर देखा। 

उसे ऐसे परेशान देखकर अयांश ने पूछा, "क्या हुआ, टेडी बियर?” 

“पापा आज घर नही आ रहे हैं क्योंकि उन्हें बहुत जरूरी काम है ऑफिस में। मुझे रात में अकेले रहने में डर लगता है।” उसने परेशान होते हुए कहा और उठकर किचन में चली गई। 

अयांश ने थोड़ी देर कुछ सोचा और फिर अपनी जेब से अपना फोन निकालकर राकेश का नंबर डॉयल किया।

“हैलो पापा, क्या मैं आज आहना के साथ रुक सकता हूँ? वो कबीर अंकल आज घर नही आने वाले है और आहना को अकेले रहने में डर लगता है।" अयांश ने कहा। 

उसकी बात सुनकर राकेश हँसने लगे और उन्होंने कहा, “अयांश, कबीर मेरे साथ है और मैंने ही उसे आहना को फोन करने के लिए कहा कि वह आज रात घर नही आ पाएंगे ताकि तुम आहना के साथ समय बिता सको। रिद्धिमा की चिंता मत करना, मैं उसे कह दूँगा कि तुम अपने दोस्त के घर हो।” 

“पापा,  मैं आहना से झूठ नही बोल सकता। आप अंकल को घर भेज दीजिए।” अयांश ने कहा। अयांश हैरान था ये जानकर कि राकेश ने ये किया है क्योंकि अयांश को उनके कभी भी ऐसा कुछ करने की उम्मीद नही थी। उसका दिल जोर से धड़क रहा था। वो आहना से झूठ नही बोलना चाहता था लेकिन अगर उसने आहना को सच बताया तो आहना को बुरा लग सकता था।  

अयांश ने सोचा कि वो आहना को इस बारे में कुछ नहीं बताएगा। उसने राकेश से बात करके फोन काटा और किचन में चला गया। आहना खाना बना रही थी। वो काम करते हुए इतनी प्यारी लग रही थी की अयांश की नजरे उस पर ठहर गई और वो सोचने लगा, “कब आयेंगे वो दिन जब तुम मेरे साथ मेरे घर में रहने आ जाओगी और ऐसे ही मेरे लिए प्यार से खाना बनाया करोगी और जब मुझे घर आने में देर हो जाया करेगी, तुम मेरे साथ डिनर करने के लिए मेरा इंतजार किया करोगी।”
अयांश आहना ने साथ अपने भविष्य के बारे में सोचते हुए मुस्कुरा रहा था। वो अपने ख्यालों में इतना खोया हुआ था की उसने ध्यान ही नही दिया की आहना उसे ही देख रही है।  

"क्या सोच रहे हो, अयांश?" आहना के सवाल से उसकी तंद्रा टूटी और उसने जल्दी से कहा, "कुछ नही।” 

“तो तुम इतना मुस्कुरा क्यों रहे थे?” आहना ने पूछा। 

“तुम्हें देखकर मुस्कुरा रहा था। तुम लग ही इतनी प्यारी रही हो। वैसे तुम बना क्या रही हो।”, कहते हुए अयांश अंदर आया और उसने आहना को पीछे से अपनी बाहों में भरकर उसके गाल पर किस किया। 

“तुम्हारा फेवरेट पास्ता।” आहना ने अयांश के कंधे पर अपना सिर टिकाते हुए कहा और उसकी आँखों में देखने लगी जिनमें उसे अपने लिए बहुत सारा प्यार नजर आ रहा था। कुछ देर बाद वो अयांश से दूर हुई। अयांश चुपचाप वहीं खड़ा उसे खाना बनाते हुए देखता रहा।

खाना खाने के बाद आहना किचन का काम खत्म करने चली गई और अयांश उसके कमरे में आ गया। आहना के कमरे में थोड़ा सा सामान इधर उधर बिखरा हुआ था तो वो उसे सही करने लगा। कमरा सही करने के बाद अयांश ने आहना के बेड पर रखा नोवेल लिया और वहीं बैठकर उसे पढ़ने लगा। सारा काम खतम करके आहना जब अपने कमरे में आई तो देखा कि अयांश वहाँ बैठकर उसका पसंदीदा नोवेल पढ़ रहा है। वो अयांश के पास बैठ गई और कहा, "ये कहानी बहुत अच्छी है।” 

“और हमारी कहानी, टेडी बियर। क्या वो इस कहानी की तरह अच्छी नही है?” अयांश ने उसे देखकर पूछा। 

“इस कहानी में उनका प्यार अधूरा रह जाता है इसलिए हमारी कहानी इस कहानी जैसी नही है। हमारी कहानी तो बहुत खूबसूरत है क्योंकि हमारा प्यार तो पूरा होगा ना।” आहना ने उसका हाथ थामते हुए कहा। 

अयांश आहना के करीब आया। “हमारी कहानी जरूर पूरी होगी और आने वाले वक्त में हम अपनी इस कहानी में बहुत सारे खूबसूरत पलों को जीएंगे।” कहकर अयांश ने अपने होठों से उसके माथे को छू लिया। वो दोनों बातें कर ही रहे थे की तभी अयांश की नजर कमरे के कोने में रखी एक पेंटिंग पर गई, जो की एक पतले से कागज़ से ढकी हुई थी।

अयांश उठकर उस पेंटिंग के पास गया और जैसी ही उसने पेंटिंग से कागज़ हटाया, वो हैरान रह गया क्योंकि वो पेंटिंग उसी की थी। आहना उसके पास आई और पूछा, “कैसी लगी तुम्हें ये पेंटिंग?” 

“मैंने आजतक अपनी बहुत ही खूबसूरत तस्वीरें खिंचवाई है पर उनसे भी ज्यादा खूबसूरत मैं इस पेंटिंग में लग रहा हूँ। जानती हो क्यों?” कहते हुए अयांश ने आहना की कमर में अपनी बाह को डालकर उसे अपने करीब खींचा जिससे आहना चौंक गई। उसका दिल तेजी से धड़कने लगा तो उसने पूछा, “क्यों?” 

“क्योंकि इस पेंटिंग में वो अयांश है जो तुम्हारे दिल और तुम्हारे ख्यालों में रहता है।” अयांश ने उसकी आंखो में देखते हुए कहा। 

“अब तो नजरों के सामने भी रहा करोगे।” कहते हुए आहना ने भी उसकी आंखो में देखा। 

“हमेशा तुम्हारे साथ रहूंगा मैं।” अयांश ने कहा और आहना के हाथ को अपने होठों से छू लिया। आहना थोड़ी देर के लिए उसे बिना कुछ कहे देखती रही। कुछ वक्त बाद अयांश ने कहा, “मैं अब सोने जा रहा हूँ। तुम भी जल्दी सो जाना। हमें कल कॉलेज भी जाना है।” अयांश उसे गुड नाईट कहकर कमरे से बाहर चला गया। 

आहना अपने बेड पर लेट गई। थोड़ी देर बाद उसने सामने दीवार पर लगी घड़ी में टाइम देखा। “अयांश के बर्थडे में बस एक घंटा बाकी है और वो यहाँँ मेरे साथ है। मुझे उसके लिए कुछ स्पेशल करना चाहिए।" उसने सोचा और उठकर अपने कमरे से बाहर आकर किचन में आ गई।



Continued In जिंदा रहती है हमेशा मोहब्बतें - 9

Friday, 19 June 2026

जिंदा रहती है हमेशा मोहब्बतें - 7


 

लेक्चर के दौरान अयांश आहना का हाथ पकड़कर बैठा हुआ था। निखिल ने जब ये देखा तो उसे गुस्सा आने लगा क्योंकि वो भी आहना को पसंद करता था। लेक्चर के बाद अयांश आहना के साथ कैंटीन चला आया। निखिल भी उनका पीछा करते हुए कैंटीन पहुँचा। वो उसी टेबल पर बैठ गया जहाँ अयांश और आहना बैठे थे और कहा, “हैलो, लव बर्ड्स। क्या मैं तुम दोनों को डिस्टर्ब तो नही कर रहा?” 


“निखिल, तु ठीक तो है?” अयांश ने पूछा।


“मैं तो ठीक हूँ लेकिन तुम दोनों को क्या हुआ है?” निखिल  ने गंभीर होकर पूछा। 


"तुम किस बारे में बात कर रहे हो, निखिल ?" अयांश ने ऐसा जताते हुए पूछा जैसे उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा हो पर वो समझ चुका था की निखिल  क्या कहना चाहता है। 


निखिल  मुस्कुराया और कहा, “तुम दोनों को नही लगता की तुम दोनों एक दूसरे के साथ कुछ ज्यादा ही टाइम स्पेंड कर रहे हो।” 


“निखिल, ऐसा कुछ नही है जैसा तू सोच रहा है। हम बस बेस्ट फ्रेंड्स है इसलिए साथ रहते है।” अयांश ने कहकर आहना की तरफ देखा और कहा, “आहना, अब हमें चलना चाहिए। मुझे कुछ जरूरी काम भी है।”


आहना ने हाँ में सर हिलाया और उठ खड़ी हुई। वो दोनों निखिल  को बाय कहकर कैंटीन से निकल गए। उन्हें साथ जाता देख निखिल  ने सोचा, “इससे पहले की देर हो। मुझे आहना को बता देना चाहिए की मैं उससे प्यार करता हूँ पर पहले ये पता लगाना होगा की आहना और अयांश के बीच क्या चल रहा है और ये बात मुझे सिर्फ आहना ही बता सकती है।” 


कुछ वक्त इंतजार करने के बाद, निखिल  ने आहना का नंबर डायल किया। आहना अयांश के साथ गाड़ी में थी जब उसका फोन बजा। उसने अपना फोन देखा तो स्क्रीन पर निखिल  का नाम देख उसे बहुत अजीब लगा क्योंकी अभी थोड़ी देर पहले ही वो उससे मिलकर कॉलेज से निकली थी।


“किसका फोन है?” अयांश ने रोड पर ध्यान लगाते हुए पूछा।


आहना ने बिना कुछ कहे अपना फोन अयांश के सामने कर दिया। उसके फोन की स्क्रीन पर निखिल  का नाम देखकर अयांश हैरान रह गया और कहा, “ये तुम्हें क्यों फोन कर रहा है?”


“मुझे कैसे पता होगा, अयांश?” आहना ने परेशान होते हुए कहा।


“फोन को स्पीकर पर लगाके बात करो। मैं सुनना चाहता हूँ ये तुमसे क्या कहता है।” अयांश ने कहा। 


“ठीक है।” कहते हुए आहना ने कॉल उठाई और फोन स्पीकर पर लगाकर कहा, “हैलो।” 


“हैलो आहना, क्या तुम अयांश के साथ हो?” निखिल ने जल्दी से पूछा।


आहना ने पहले गाड़ी चला रहे अयांश की तरफ देखा और कहा, “नही, मैं अकेली हूँ।” 


“आहना, मैं तुम्हारा सबसे अच्छा दोस्त हूँ और अयांश का भी तो तुम मुझे बता सकती हो ना की अयांश और तुम्हारे बीच क्या चल रहा है। क्या तुम दोनों को प्यार हो गया है एक दूसरे से?” निखिल  ने पूछा। 


“ऐसा कुछ भी नही है, निखिल।” आहना ने कहा पर निखिल को उसकी बात पर यकीन नही हुआ और उसने कहा, “आहना, मैं समझ चुका हूँ कुछ तो है तुम दोनों के बीच में। कहीं अयांश ने तुम्हें इस बारे में किसी को भी बताने के लिए मना तो नही किया।” 


“अयांश ने मुझसे कुछ भी नही कहा है निखिल। जब ऐसा कुछ है ही नही तो क्या बताऊं तुम्हें मैं।” आहना ने कहा। 


“तो फिर तुम दोनों एक साथ इतना ज्यादा क्यों रहते हो? प्यार करते हो ना तुम दोनों एक दूसरे से?” निखिल ने पूछा।


अयांश समझ चुका था की निखिल इस बारे में जानकर ही रहेगा इसलिए उसने अपना सिर हिलाकर आहना को हाँ बोलने के लिए कहा।


“हाँ, हम एक दूसरे से प्यार करते है।” आहना ने धीरे से कहा जिससे निखिल का दिल टूट गया।


“आहना, ये…” निखिल अपनी बात पूरी कह पाता इससे पहले ही आहना ने उसे पूछा, “तुम क्या चाहते हो, निखिल ?” 


“आहना, मैं भी तुमसे प्यार करता हूँ।” निखिल ने कहा जिसे सुनते ही अयांश ने गुस्से में अपनी मुट्ठी भींच ली जैसे कि वह कॉल पर ही निखिल को मार देगा। आहना अयांश को इस तरह देखकर घबरा गई। 


“निखिल , सबसे ज्यादा ज़रुरी ये है कि मैं किसे पसंद करती हूँ।” आहना ने कहा और जल्दी से कॉल काट दी। 


उसने अयांश का हाथ पकड़ा जैसे वो अयांश से कहना चाह रही हो की वो सिर्फ उसकी है और उसकी ही रहेगी। अयांश ने उसकी ओर देखा और कहा, "निखिल के साथ ध्यान से रहना।” 


“अयांश, जब तक तुम मेरे साथ हो कोई मेरे साथ कुछ गलत नही कर सकता।” आहना ने अयांश को समझाने के लिए कहा लेकिन अयांश का दिल यह समझने के लिए तैयार नही था और उसे यकीन था कि निखिल आहना के साथ कुछ गलत करने की कोशिश करेगा। 


अयांश ने गाड़ी आहना के घर के सामने रोकी और कार से बाहर निकल गया। आहना भी गाड़ी से नीचे उतरी। अयांश ने उसे गले लगाया और कहा, "मेरे टेडी बियर का ध्यान रखना और याद रखना जो मैंने तुमसे कहा है। निखिल के आसपास ध्यान से रहना।” 


आहना ने मुस्कुराते हुए उसके गाल को छुआ और फिर अपने घर के अंदर जाने लगी। अयांश तब तक वहीं खड़ा रहा जब तक आहना उसकी आँखों से ओझल नही हो गई।  


दिन बीतने लगे और कबीर पूरी तरह से ठीक हो गए। अयांश का बर्थडे आने वाला था इसलिए आहना छुट्टी वाले उसके लिए गिफ्ट लेने कबीर के साथ मार्केट के लिए निकल गई। कबीर को अपने किसी दोस्त से मिलने जाना था इसलिए वो आहना को मार्केट में छोड़कर वहाँ चले गए। जिस वक्त आहना अयांश के लिए गिफ्ट लेकर दुकान से बाहर आई उसी वक्त अयांश भी साइड वाली ज्वेलर्स की दुकान के अंदर गया पर आहना की नजर उस पर नही गई और वो घर आ गई। 


मार्केट से आने के बाद वो आराम से हाल में जूस पीते हुए कोई नोवेल पढ़ने लगी। आहना जूस का एक और ग्लास लेने के लिए उठी ही थी की तभी दरवाजे की बेल बजी।   


“पापा इतनी जल्दी वापिस आ गए। उन्होंने तो कहा था उन्हें आने में देर हो जाएगी।” सोचते हुए आहना दरवाजे की ओर बढ़ गई और दरवाजा खोला तो देखा कि सामने निखिल खड़ा था। उसे देखकर आहना घबरा गई। निखिल उसकी घबराहट का अंदाजा ना लगा सके इसलिए उसने मुस्कुराते हुए कहा, "निखिल , तुम यहाँँ। अंदर आओ ना। ” 


निखिल अंदर आया और हॉल में सोफे पर बैठ गया। आहना उसके सामने बैठ गई और पूछा, "तुम्हें कोई जरूरी काम था?”


“नही, आहना।”, कहते हुए निखिल उठा और आहना के पास आकर बैठ गया। ये देख आहना उठने लगी तो निखिल ने उसका हाथ पकड़ लिया। आहना ने अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश की लेकिन निखिल  की पकड़ बहुत मजबूत थी। 


“निखिल, मेरा हाथ छोड़ो।” आहना ने चिल्लाते हुए कहा। 


“नही छोड़ूंगा मैं तुम्हारा हाथ। तुम्हें पता है कि मैं भी तुमसे प्यार करता हूँ फिर भी तुम हर वक्त अयांश के साथ रहना चाहती हो। उसमें ऐसा क्या खास है जो मुझमें नही है?” निखिल ने उसके हाथ पर अपनी पकड़ और मजबूत करते हुए कहा जिससे आहना को दर्द हुआ और वो रोने लगी। 


अचानक से अयांश वहाँ आ गया। जब उसने देखा की निखिल ने आहना का हाथ कसकर पकड़ रखा है और वो रो रही है तो गुस्से में उसने अपनी मुट्ठी भींच ली पर निखिल का उसपर कोई ध्यान नही जाता। आहना जो की लगातार अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश कर रही थी, जैसे ही उसने अयांश को वहाँ देखा वो मुस्कुराने लगी। अयांश ने अपनी पलके झपकाकर उसे एहसास दिलाया कि वह अब सुरक्षित है। 


निखिल ने जब महसूस किया कि आहना अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश नही कर रही है तो उसने आहना को देखा जो सामने देखते हुए मुस्कुरा रही थी। आहना को ऐसे मुस्कुराता देख निखिल ने भी उस तरफ देखा जहाँ वो देख रही थी। अयांश को वहाँ देखकर निखिल हैरान हो गया और उसने जल्दी से आहना का हाथ छोड़ते हुए उसके बारे में कहा, “देख अयांश, ये तेरे साथ प्यार करने का सिर्फ नाटक करती है। अभी ये मेरे करीब आना चाह रही थी।” 


निखिल की बात सुनकर अयांश को गुस्सा आया क्योंकि निखिल आहना के बारे में गलत बोल रहा था। अयांश ये बात कैसे बर्दाश्त कर सकता था की आहना के बारे में कोई कुछ गलत बोले इसलिए उसने पूछा, "सच में, फिर तूने इसका हाथ क्यों पकड़ रखा था?” निखिल अयांश की आँखों में गुस्सा साफ देख पा रहा था। 


“जा यहाँँ से नही तो मैं तुझे मार दूंगा।” निखिल कुछ कहता इससे पहले ही अयांश ने उससे गुस्से में कहा। निखिल ने उन दोनों को देखा और वहाँ से चला गया।


Continued in जिंदा रहती है हमेशा मोहब्बतें - 8