काजल भी विहान को पसंद करती है, ये जानकर इशिका सबसे ज्यादा हैरान थी। काजल ने आगे कहा, “पहले मैं बस इतना चाहती थी कि विहान को तुमसे दूर करो लेकिन फिर सोचा कि विहान को तुमसे दूर कर उसे अपना भी तो बना सकती हूं न मैं।”
“लेकिन क्यों? मैंने क्या बिगाड़ा है तुम्हारा?” इशिका ने पूछा।
काजल ने उसे गुस्से से देखते हुए कहा, “तुम जबसे कॉलेज में आई हो तभी से सब लड़के तुम्हारे ही पीछे रहे है और उसके बाद तुम्हें विहान जैसा इतना हैंडसम लड़का मिल गया जो तुम्हारे लिए इतने एफर्ट्स कर रहा था। मेरा भी तो हो सकता था न विहान।”
“सही कहते थे सब मुझे। तुम अच्छी नही हो। मुझे दूर रहना चाहिए तुमसे।” इशिका ने कहा।
“मैं अगर तुम्हें चाहता भी तो तुमने ये जो कल हरकत की है न इसके लिए ही तुम्हें छोड़ देता। तुम आज के बाद इशिका से दूर रहना।” विहान ने आगे आकर गुस्से में कहा और इशिका और गौरव के साथ वहां से जाने ही लगा था कि तभी काजल ने जल्दी से अपने बाद में से छोटा सा सेल्फ डिफेंस वाला चाकू निकालकर इशिका की बाजू पर चला दिया जिसकी वजह से इशिका चिल्लाई, “आह!”
उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर विहान और गौरव ने उसे देखा। इशिका की बाजू से खून निकल रहा था जिसकी वजह से उसे काफी दर्द हो रहा था। विहान ने गुस्से से काजल को देखा लेकिन इस वक्त इशिका को उसकी ज्यादा जरूरत थी इसलिए उसने काजल से कुछ नही कहा और इशिका को देखने लगा। उसने अपनी जेब में से रुमाल निकालकर इशिका की बाजू पर कसकर बांध दिया जिससे ज्यादा खून न बहे और फिर गौरव से कहा, “गौरव, तुम मेरे साथ चलो। इशिका को हॉस्पिटल ले चलते है। कॉलेज के मेडिकल रूम में लेकर गए तो तुम्हारे पापा को पता लग सकता है।”
“ओके, जीजू।” गौरव ने कहा और वो दोनों इशिका को लेकर कॉलेज से निकल गए।
विहान ने अपनी बाइक एक क्लिनिक के बाहर लाकर रोकी और गौरव के साथ इशिका को अंदर लेकर आया। डॉक्टर ने इशिका की चोट को देखते हुए कहा, “कट ज्यादा डीप नही है। आप नर्स से पट्टी करवा लीजिए इसके ऊपर और मैं मेडिसिन लिखकर दे रहा हूं। वो लगाते रहिए जब तक चोट ठीक नही होती।”
डॉक्टर ने कागज पर दवाई का नाम लिखकर इशिका को दे दिया और फिर नर्स ने उसकी चोट पर पट्टी कर दी। इसके बाद वो विहान और गौरव के साथ क्क्लीनिक से बाहर आ गई।
विहान ने इशिका के हाथ से वो कागज लिया जिसके ऊपर डॉक्टर ने दवाई का नाम लिखा था और मेडिकल से वो दवाई ले आया। इशिका ने उसे पैसे वापिस देने चाहे तो विहान ने कहा, “अब मैं तुम्हारे लिए इतना भी नही कर सकता।”
इशिका मुस्कुराने लगी और वो सभी विहान की बाइक पर आ बैठे। विहान ने अपनी बाइक इशिका के घर से कुछ ही दूरी पर रोक दी। उसने पहले इधर उधर देखा की उन्हें कोई देख तो नही रहा और फिर गौरव को साइड पर देखने का कहकर इशिका के माथे पर एक किस करते हुए कहा, “अपना ध्यान रखना।”
इशिका ने मुस्कुराते हुए हां में सिर हिला दिया और गौरव के साथ वहां से चली गई। विहान उसे कुछ वक्त तक जाते हुए देखता रहा और फिर अपनी बाइक स्टार्ट कर वहां से निकल गया।
घर के अंदर जाने से पहले इशिका ने अपनी बाजुओं को स्टाल से ढक लिया था जिससे कोई भी उसकी चोट न देख सके। उसके बाद वो गौरव घर के अंदर आई तो सामने उन दोनों के पापा खड़े हुए थे। उन्हें वहां देखकर गौरव के पापा ने उनसे पूछा, “आज तुम दोनों कॉलेज से कहां चले गए थे। कॉलेज में बारह बजे के बाद दिखे नही मुझे तुम दोनों।”
इशिका और गौरव ने पहले एक दूसरे को देखा और फिर इशिका ने अपने मन में ही कहानी बनाते हुए कहा, “वो चाचू मेरी एक फ्रेंड को सीढ़ियों से गिरने की वजह से बहुत चोट लग गई थी। मेडिकल रूम में दिखाया तो वो सर ने बोला की चोट ज्यादा है। हॉस्पिटल ले जाना होगा। तो मैं उसे हॉस्पिटल ले गई। अकेले जाना ठीक नही लग रहा था इसलिए मैं गौरव को भी अपने साथ ले गई।”
“तो बेटा तुम मुझे बताकर जाती। मैं साथ चल लेता। ऐसे परेशान होने की क्या जरूरत थी।” इशिका के चाचा जी ने पूछा।
इशिका के पापा ने उसे देखते हुए पूछा, “अब ठीक है तुम्हारी दोस्त?”
“जी पापा। फ्रैक्चर आया है थोड़ा सा बस।” इशिका ने कहा।
इशिका के पापा ने हां में सिर हिलाया और कहा, “ठीक है। जाओ तुम दोनों जाकर कपड़े बदलकर फ्रेश हो जाओ।”
इशिका और गौरव जल्दी से ऊपर आ गए और दोनों ने मिलकर एक गहरी सांस लेकर एक साथ कहा, “बच गए।”
“किससे बच गए आप दोनों?” उनके सामने खड़ी रितिका ने उन्हें देखते हुए पूछा।
“फिर कभी बताएंगे। अभी तो इतना जानों की हम मुश्किल से बचे है बस।“ इशिका ने हंसते हुए कहा। गौरव भी हंस रहा था। इशिका अपने कमरे में जाकर फ्रेश हुई और एक फुल स्लीव्स का टॉप पहनकर नीचे आ गई जिससे कोई भी उसकी चोट को न देख सके।
एक शाम कॉलेज के बाद विहान इशिका के साथ बीच पर बैठा हुआ था। इशिका उससे मुस्कुराते हुए बातें कर रही थी की उसने बीच के करीब एक कपल को गीली रेत पर उनका नाम एक साथ लिखते हुए देखा। ये देखकर वो भी खड़ी हुई और पानी के पास जाने लगी।
इशिका को पानी के पास जाते हुए देखकर विहान घबरा गया और उसने कहा, “क्या कर रही हो, इशिका? वापिस आ जाओ इधर।“
इशिका के उसे पलटकर देखा और कहा, “कुछ नही होगा।”
इशिका पानी से कुछ ही दूरी पर वहां रुक गई जहां की रेत गीली थी और झुककर अपना और विहान का नाम लिखने लगी। विहान भी उसके पास आ गया। जब उसने देखा की इशिका अपना और उसका नाम लिख रही है तो वो मुस्कुराने लगा। नाम लिखकर इशिका ने उसके आसपास एक दिल बनाकर विहान से कहा, “विहान जल्दी से इसकी एक फोटो और कुछ सेल्फीज लो।”
विहान ने मुस्कुराते हुए फोन निकालकर इशिका और अपने नाम की एक तस्वीर ली और फिर इशिका के साथ बहुत सारी सेल्फीज ली। इशिका उसके पास आकर खड़ी हो गई। विहान ने इशिका की कमर में अपना हाथ डाल लिया और उसके साथ रेत पर लिखे हुए नामों को देखने लगा।
इशिका भी अपने और विहान के नाम को देखकर बहुत खुश थी की तभी एक लहर आई और उसने उन दोनों के नाम को मिटा दिया जिसे देखकर विहान को अच्छा नही लगा।
Continued in लव आजकल - 13





