इशिका के सामने रितिका के साथ गौरव भी खड़ा हुआ था। गौरव को वहां देखकर इशिका ने कहा, “गए मेरे सारे पैसे। अब इसे मुंह बंद रखने के लिए रिश्वत देनी होगी।”
ये सुनकर उसके साथ खड़े हुए विहान ने कहा, “ये सब क्या बोल रही हो तुम इशिका?”
“मैं नही चाहती थी कि ये गौरव हमें साथ देखे या इसे हमारे बारे में पता चला। ये बता सकता है न सबको। अब इसे इस बारे में चुप रहने के लिए पैसे देने होंगे।” इशिका ने गौरव और रितिका को देखते हुए कहा।
गौरव और रितिका उन दोनों के पास आए और गौरव ने कहा, “तो दीदी ये है वो जिनका आप बहुत देर तक गार्डन में बैठे हुए इंतजार रही थी।”
“विहान।” विहान ने गौरव की तरफ अपना हाथ बढ़ाया।
गौरव ने विहान से हाथ मिलाया तो इशिका ने पूछा, “तुम दोनों यहां क्या कर रहे हो इस वक्त?”
“वो मैं पानी पीने के लिए उठी थी। साइड पर देखा तो आप वहां नही थी। मैं आपको ढूंढने के लिए कमरे से बाहर आई तो गौरव भैया भी जाग रहे थे पता नही क्यों। इन्होंने मुझसे पूछा कि मैं क्यों जाग रही हूं तो मैंने बता दिया कि आपको ढूंढ रही हूं। हमने नीचे जाकर देखा लेकिन आप नीचे नहीं थी। फिर हम छत्त की तरफ आने लगे तो हमें आपकी आवाज आई और हम ऊपर आ गए आपको देखने।“ रितिका ने बताते हुए कहा।
“वैसे विहान भैया इतनी रात को यहां क्या कर रहे है और ये ऊपर कैसे आए?” गौरव ने इशिका और विहान को देखते हुए पूछा।
“मैं आपका भैया नही जीजा हूं। मेरे और इशिका के बीच थोड़ी सी मिसअंडरस्टैंडिंग हो गई थी किसी बात पर तो बस उसे सॉल्व करने आया था।” विहान ने कहा।
गौरव ने उसे देखा और पूछा, “लेकिन आप ऊपर तक आए कैसे?”
“पाइप पर चढ़कर।” विहान ने कहा।
ये सुनकर गौरव हैरान रह गया और उसने पूछा, “आप पाइप कैसे चढ़ आए? डर नही लगा आपको?”
“इन्हें डर नही लगता। पुराना एक्सपीरियंस है इन्हें पाइप चढ़कर आने का।“ इशिका ने विहान को देखकर मुस्कुराते हुए कहा।
“अच्छा अब मैं चलता हूं, इशिका। रात बहुत हो गई है। कल कॉलेज में मिलेंगे।” कहकर विहान छत्त की रेलिंग की तरफ जाने लगा तो गौरव ने कहा, “अरे, रुकिए होने वाले जीजा जी। हमारे घर में इतना बड़ा गेट लग रखा है। वहां से बाहर जाइए। चलिए हमारे साथ।”
गौरव के मुंह से विहान के लिए जीजा जी सुनकर इशिका शर्मा गई। विहान उन सबकी तरफ वापिस आ गया। वो सभी ध्यान से बिना ज्यादा आवाज किए उसे नीचे लेकर आए और घर का दरवाजा खोलकर विहान को जाने के लिए कहा।
विहान इशिका को गले लगाना चाहता था लेकिन गौरव और रितिका के सामने कर नही पा रहा था। वो बाद बार बार इशिका को इस उम्मीद में देखे जा रहा था कि इशिका उसकी बात को समझ जाएगी। इशिका तो नहीं समझी लेकिन जब गौरव ने देखा कि वो बाहर जाने के बजाय बार बार इशिका को देख रहा है तो वो समझ गया कि विहान इशिका को जाने से पहले हग करना चाहता है।
उसने विहान को देखकर कहा, “अरे जीजा जी! अगर आप दीदी को हग करना चाहते है तो कर सकते है। हमसे शर्माने की जरूरत नही है आपको। दीदी आपकी की है अब। फिर भी अगर आपको शर्म आ रही है तो हम दोनों दीवार की तरफ देख लेते है।”
इसके बाद उसने रितिका से कहा, “रितिका, चलो दीवार की तरफ देखते है हम।”
रितिका और गौरव ने अपना चेहरा दीवार की तरफ घूमा लिया। ये देखकर विहान ने जल्दी से इशिका को गले लगाते हुए उसके माथे और गाल पर किस किया और फिर वहां से चला गया।
उसके जाने के बाद गौरव दरवाज़ा बंद कर इशिका को देखने लगा और फिर उसने कहा, “तो आप मुझसे इस बारे में छुपाना चाहती थी।”
“तुम तो चुप ही रहो। तुम्हारी वजह से ही हमारे बीच इतनी बड़ी गलतफहमी हो गई थी।“ इशिका ने कहा तो गौरव ने उसे हैरानी से देखते हुए पूछा, “मेरी वजह से कैसे?”
इशिका ने उसे सारी बात बता दी तो गौरव ने कहा, “दीदी, बुरा मत मानना लेकिन आपकी ये जो बेस्टफ्रेंड है, ये मुझे दुश्मन लगती है आपकी। सही लड़की नही है ये।”
“विहान ने भी मुझसे यही कहा।” इशिका ने कहा।
“सीरियसली आप इससे फ्रेंडशिप तोड़ दो और अब तो आपके पास विहान जीजू है तो आपको किसी और की क्या जरूरत। वो आपसे बहुत प्यार करते है और आपकी बहुत इज्जत करते है।“ गौरव ने मुस्कुराते हुए कहा।
इशिका ने उसे देखा और पूछा, “तुम्हें कैसे पता कि विहान मेरी बहुत इज्जत करते है?”
गौरव मुस्कुराया और उसने कहा, “जो लड़का आपके गाल से पहले आपके माथे पर किस करे, वो सच में आपकी बहुत इज्जत करता होगा।”
“मतलब अभी जब विहान ने मुझे किस किया तो तुमने देख लिया था?” इशिका ने हैरानी से पूछा।
“थोड़ा सा पीछे मुड़कर।“ गौरव ने धीरे से कहा।
इशिका ने उसे हल्के गुस्से में देखकर कहा, “तुम्हें शर्म नही आई हमें ऐसे देखते हुए।”
“इट्स नॉर्मल। कप्ल्स के बीच इतना प्यार तो होना चाहिए। मेरी और तृषा के बीच…” गौरव को एहसास हुआ कि वो क्या कहने वाला था तो वो कहते कहते रूक गया।
“तृषा। मतलब तुम्हारी भी गर्लफ्रेंड है। मिली कहां तुम्हें।” इशिका ने पूछा।
“पहले वादा करो। पापा को नही बताओगे।” गौरव ने कहा तो इशिका ने मुस्कुराकर उसका गाल खींचते हुए कहा, “नही नही, अब तो हिसाब बराबर हो गया है। मैं तो ऐसे ही टेंशन ले रही थी। तुम विहान के बारे में किसी को मत बताना। मैं और रितिका तृषा के बारे में किसी को भी नही बताएंगे।”
“अपने कॉलेज में ही है।” गौरव ने कहा।
“मिलवाना मुझे उससे कल। चलो अब सोने चले इससे पहले हमें कोई देख ले।” इशिका ने कहा और वो तीनों अपने कमरों में सोने चले गए।
अगले दिन कॉलेज में इशिका, विहान और गौरव ने मिलकर काजल से पूछा कि उसने उनके बीच इतनी बड़ी गलतफहमी पैदा करने की कोशिश क्यों की तो काजल ने विहान को देखकर कहा, “क्योंकि मैं भी विहान को पसंद करती हूं और मैं चाहती हूं ये मेरा हो जाए।”
Continued in लव आजकल - 12

No comments:
Post a Comment