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Monday, 14 September 2026

लव आजकल - 2


 

कॉलेज में सभी लड़के इशिका के पीछे पड़े हुए थे। वो जब से कॉलेज में आई थी, रोज उसे हर कोई अलग अलग तरीकों से इंप्रेस करने की कोशिश में लगा हुआ था। कोई उसे अलग अलग गिफ्ट्स दे रहा था तो कोई उसे सीधा कॉफी डेट पर ले जाने के लिए कह चुका था। कई लड़के तो उसे लव नोट्स लिखकर भी भेज रहे थे। इशिका इन सब से सच में बहुत परेशान हो चुकी थी लेकिन वो किसी की भी शिकायत नही करना चाहती थी।


वही दूसरी तरफ विहान भी अभय से इस बारे में बात कर रहा था की वो इशिका को कैसे इंप्रेस करे। विहान ने जब बताया की उसे इशिका पहली नजर में ही पसंद आ गई है तो अभय ने कहा, “मुझे पता था की तुझे भी इशिका जरूर पसंद आएगी। पूरा कॉलेज उसके पीछे दीवाना हो रखा है।” 


“बेशक पूरा कॉलेज उसके पीछे दीवाना है लेकिन वो सिर्फ तेरे भाई के पीछे दीवानी होगी। देखता जा बस तू।” विहान ने कहा।


“पर भाई तू उसे इंप्रेस कैसे करेगा? पिछले दिनों में बहुत लड़कों ने उसे इंप्रेस करने की कोशिश की है अलग अलग तरीकों से लेकिन वो किसी से भी इंप्रेस नही हुई।” अभय ने उसे देखते हुए कहा।


ये सुनकर विहान मुस्कुराया और उसने कहा, “क्योंकि वो तेरे भाई से इंप्रेस होगी।” 


“उसे इंप्रेस करने के लिए तुझे बहुत पापड़ बेलने पड़ेंगे। इतनी आसानी से इंप्रेस नही होगी वो। उसे देखकर लगता है की उसे एक्सपेंसिव गिफ्ट्स देकर इंप्रेस करना होगा।” अभय ने कहा। 


“करूंगा। उसके लिए सब कुछ करूंगा।” विहान ने कुछ सोचते हुए कहा। 


घर जाने से पहले विहान ने शॉपिंग मॉल जाकर इशिका के लिए एक प्यारी सी ड्रेस खरीदी और घर आ गया। उससे तो इंतजार नही हो रहा था की तब वो अगले दिन कॉलेज जाकर इशिका को ये गिफ्ट दे। 


अगली सुबह विहान इतनी जल्दी जल्दी नाश्ता करने में लगा हुआ था की खाते खाते खाना उसके गले में अटक गया और वो खांसने लगा। सिमरन ने जल्दी से उसे पानी देकर उसकी पीठ पर हाथ फेरते हुए कहा, “आराम से खाओ न विहान। तुम तो इतनी जल्दी खा रहे हो जैसे आज तुम्हारे कॉलेज में सबसे पहले आने का कंपटीशन है जिसमें तुम लेट पहुंचे तो लास्ट आ जाओगे।” 


“सॉरी मॉम।” विहान ने पानी पीकर कहा और आराम से खाने लगा। नाश्ता करकर वो जल्दी से कॉलेज के लिए निकल गया। उसे जाते देख सिमरन ने कहा, “पता नही इस लड़के को हो क्या गया है? आज से पहले तो ये कभी इतनी जल्दी कॉलेज नही जाता था।” 


“मुझे लगता है की हमारे बेटे को कोई लड़की पसंद आ गई है। पक्का प्यार का चक्कर है जो विहान आज इतनी जल्दी कॉलेज जाना चाहता था।” राज ने कहा। 


सिमरन ने उसे देखा और कहा, “कुछ भी मत कहो तुम। आज से पहले तो मैंने देखा नही की कोई लड़की विहान की दोस्त हो।” 


“अरे, बेटा तो हमारा ही है। जब हमें प्यार हो सकता है तो उसे किसी से प्यार क्यों नही हो सकता। भूल गई वो दिन जब हम भी एक दूसरे से मिलने के लिए जल्दी जल्दी कॉलेज आया करते थे।“ राज ने अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए कहा। 


“वो सारे दिन तो मैं जिंदगी भर नही भूलूंगी।“ सिमरन ने मुस्कुराते हुए कहा।


“विहान के साथ पक्का लड़की का चक्कर है। प्यार हो गया है उसे। देख लेना तुम।“ राज ने कहा तो सिमरन ने कहा, “ऐसा कुछ हुआ तो विहान हमें बता ही देगा।” 


कॉलेज पहुंचकर विहान ने इशिका को ढूंढना शुरू कर दिया। थोड़ा ढूंढने के बाद इशिका उसे अपनी दोस्तों के साथ कॉलेज के गार्डन में खड़ी हुई दिखाई दी। 


विहान ने एक गहरी सांस ली और इशिका के पास आकर उसे हेलो कहा। इशिका ने उसे देखा और कहा, “मैं तुम्हारी क्या हेल्प कर सकती हूं।” 


अभय भी इस वक्त वहीं था और उन्हें छुपकर देख रहा था। विहान इशिका को सामने देखकर बिल्कुल भूल गया था की उसे इशिका से क्या कहना था। इशिका ने फिर से विहान से वही सवाल पूछा तो विहान ने बहुत हिम्मत करके इशिका के लिए लाई हुई ड्रेस अपने बैग से निकालकर उसे दी और कहा, “ये मैं तुम्हारे लिए लाया था। आई होप तुम्हें पसंद आएगी।” 


इशिका ने अपने हाथ में पकड़ी हुई ड्रेस को देखा और उसे विहान को वापिस देते हुए कहा, “मुझे इन सब में इंटरेस्ट नही है। ये ड्रेस तुम ही रखो।” 


इशिका वहां से अपने दोस्तों के साथ चली गई। विहान उसे जाता हुआ देख सोचने लगा की इशिका के कहने का मतलब क्या था। वो वही खड़ा ये सब सोच ही रहा था की तभी अभय उसके पास आया और उसने कहा, “तो मिस इशिका शर्मा की रिजेक्शन लिस्ट में तेरा नाम भी शामिल हो ही गया।” 


“ऐसा कुछ नही है। मैं उसे इंप्रेस करके रहूंगा। फिलहाल तू ये ड्रेस पकड़। अपनी गर्लफ्रेंड को दे देना।” कहते हुए विहान ने वो ड्रेस अभय को दे दी। 


“काशवी तो ये ड्रेस देखकर मुझसे इंप्रेस हो जाएगी पर इशिका तूझसे इंप्रेस होगी, ये मुझे फ्यूचर में नही होता हुआ नज़र आ रहा है।” अभय ने कहा। 


“तू मेरा दोस्त है या दुश्मन।” कहकर विहान आगे जाने लगा। 


अभय उसके पीछे आया और कहा, “मैं तेरा दोस्त ही हूं भाई। चल कैंटीन चलते है।” 


अगले दिन विहान ने इशिका को एक परफ्यूम गिफ्ट किया लेकिन इशिका ने उसे वो भी वापिस कर दिया। ऐसे करते करते विहान पूरे बीस दिन तक इशिका को कुछ न कुछ गिफ्ट देता रहा लेकिन इशिका को कोई फर्क ही नही पड़ा। अगर इन सब से किसी को फर्क पड़ा था तो वो था अभय क्योंकि जो गिफ्ट्स इशिका विहान को वापिस कर देती, वो उन्हें अभय को दे देता और अभय उन्हें आगे अपनी गर्लफ्रेंड को दे देता जिससे उसकी गर्लफ्रेंड उससे बहुत खुश हो जाती। 


विहान बहुत ही ज्यादा परेशान था ये सोचते हुए की अब ऐसा क्या करे जिससे इशिका इंप्रेस हो। उसे कुछ समझ नही आया तो उसने फैसला किया की इशिका को एक बार और कोई गिफ्ट देकर इंप्रेस करने की आखिरी कोशिश करेगा। वहीं इशिका इस वक्त अपनी दोस्तों के साथ अपने कमरे में बैठी हुई थी और वो सब विहान के बारे में ही बातें कर रही थी। 


“यार इशिका इतना अच्छा लड़का है वो। इतने एफर्ट्स कर रहा है तुम्हारे लिए। बाकी लड़को ने तो सिर्फ एक या दो दिन में ही हर मान ली लेकिन ये बेचारा पूरे बीस दिन से लगा हुआ है तुम्हें इंप्रेस करने में।” इशिका की बेस्ट फ्रेंड, काजल ने कहा। 


“लेकिन उसे वो करना चाहिए न जो मैं चाहती हूं।” इशिका ने कहा।


काजल ने उसे देखा और कहा, “ओह हो, इशिका। अब उस बेचारे को ख्वाब थोड़ी आएगा की आज के इस मॉडर्न जमाने में भी तुम नाइंटीज वाला ओल्ड स्कूल लव चाहती हो। ये तो तुम्हें ही उसे बताना होगा न।” 


इशिका विहान के बारे में सोचने लग गई।


Continued In लव आजकल - 3


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